Fact Check: एआई से बना है पुलिस से बचने के लिए चोर का बिलबोर्ड पर चढ़ने का वीडियो, पढ़ें पड़ताल
Fact Check: सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर कर दावा किया जा रहा है कि इंदौर में पुलिस से बचने के लिए चोर बिलबोर्ड पर चढ़ गया है। हमने अपनी पड़ताल में वायरल दावे को गलत पाया है।
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विस्तार
सोशल मीडिया पर इन दिनों एक वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो में एक शख्स पुलिस से बचने के लिए बिलबोर्ड पर चढ़ जाता है। वीडियो को शेयर कर दावा किया जा रहा है कि यह घटना मध्य प्रदेश के इंदौर का है। जहां एक पुलिस से बचने के लिए चोर बिलबोर्ड पर चढ़ जाता है।
अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में वायरल दावे को गलत पाया है। हमने पाया कि वायरल वीडियो को एआई के माध्यम से बनाया गया है।
क्या है दावा
सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर कर दावा किया जा रहा है कि इंदौर पुलिस से बचने के लिए चोर बिलबोर्ड पर चढ़ जाता है।
राकेश कुमार नाम के फेसबुक यूजर ने लिखा,’ इंदौर के व्यस्त बाजार में पुलिस और एक शातिर चोर के बीच फिल्मी अंदाज में हाई-वोल्टेज चेस (Chase) का नजारा देखने को मिला, जिसे देखकर राहगीर अपनी उंगलियां दबाने को मजबूर हो गए। घटना उस वक्त हुई जब गश्त कर रही पुलिस टीम ने एक संदिग्ध चोर को पकड़ने की कोशिश की। पुलिस को पीछे आता देख चोर ने भागने के लिए ऐसा रास्ता चुना कि लोग उसे 'रियल लाइफ सबवे सर्फर' (Real Life Subway Surfers) कहने लगे। चोर ने भागते हुए सड़क पर खड़ी और चलती गाड़ियों को लांघा, सीधे एक बस की छत पर छलांग लगा दी और वहां से कूदकर सड़क किनारे लगे बड़े साइन बोर्ड पर चढ़ गया। चोर की इस हैरतअंगेज कलाबाजी और पार्कौर स्टाइल के स्टंट्स को देखकर पुलिसकर्मी भी एक पल के लिए हक्के-बक्के रह गए। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर जंगल की आग की तरह फैल रहा है। हालांकि, पुलिस टीम ने समझदारी से घेराबंदी कर आखिरकार आरोपी को हिरासत में ले लिया। पोस्ट का लिंक आप यहां और आर्काइव लिंक यहां देख सकते हैं।

इसी तरह के अन्य दावों के लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। इनके आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं।
पड़ताल
इस दावे की पड़ताल करने के लिए हमने सबसे पहले वीडियो के कीफ्रेम को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। इस दौरान राहुल नंदा नाम के एक्स हैंडल पर वायरल वीडियो देखने को मिला। यह वीडियो 8 अगस्त 2026 को साझा किया गया है। यहां हमें वीडियो के पास made with ai लिखा मिला।
यहां से हमें वायरल वीडियो के एआई से बने होने का संदेह हुआ। आगे की पड़ताल के लिए हमें detectvideo का इस्तेमाल किया। इस टूल ने वायरल वीडियो को 92 फीसदी एआई से बने होने की जानकारी दी।
इसके बाद truthscan टूल पर सर्च किया। इस टूल ने वायरल वीडियो को 64 फीसदी एआई से बने होने की जानकारी दी।
पड़ताल का नतीजा
हमने अपनी पड़ताल में वायरल वीडियो को एआई से बना पाया है।