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Metabolic Glow: हजारों रुपये की क्रीम भी नहीं दे पाएगी ऐसा निखार! जानिए मेटाबॉलिक ग्लो का सीक्रेट
Thu, 09 Jul 2026 04:59 PM IST
शिवानी अवस्थी
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला
Published by: शिवानी अवस्थी
Updated Thu, 09 Jul 2026 04:59 PM IST
सार
Natural Skin Glow Secret: चेहरे पर असली चमक महंगे ब्यूटी प्रोडक्ट्स से नहीं, शरीर के अंदरूनी स्वास्थ्य से आती है। ऐसे में जब शरीर स्वस्थ और संतुलित होता है तो उसका प्राकृतिक ग्लो चेहरे पर साफ दिखने लगता है।
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नेचुरल ग्लो कैसे पाएं
- फोटो : AI
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विस्तार
Natural Glow Kaise Layen: क्या आपकी त्वचा की चमक केवल महंगे स्किन केयर प्रोडक्ट्स पर निर्भर है? सच यह है कि हमारी डाइट, मेटाबॉलिज्म, नींद और मानसिक स्वास्थ्य त्वचा की गुणवत्ता को सीधे प्रभावित करते हैं। ऐसे में जंक फूड्स पिंपल्स को बढ़ा सकते हैं, जबकि संतुलित जीवन-शैली त्वचा में प्राकृतिक चमक लाती है। इसी प्राकृतिक आभा को ‘मेटाबॉलिक ग्लो’ कहा जाता है।
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गुड मेटाबॉलिज्म से बेहतर ग्लो
खूबसूरत और स्वस्थ त्वचा का संबंध आपके मेटाबॉलिज्म से जुड़ा होता है। मेटाबॉलिज्म शरीर में भोजन को ऊर्जा और जरूरी पोषक तत्वों में बदलकर त्वचा तक विटामिन, मिनरल्स और ऑक्सीजन पहुंचाने का काम करता है। जब यह प्रक्रिया धीमी पड़ती है, तो शरीर में टॉक्सिन्स जमा होने लगते हैं और त्वचा समस्याएं होने लगती हैं।
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खान-पान में बदलाव
असल में अधिक शक्कर वाले खाद्य पदार्थ जैसे कोल्ड ड्रिंक, मिठाई, चॉकलेट, बिस्कुट और सफेद ब्रेड रक्त शर्करा को तेजी से बढ़ाकर हार्मोनल असंतुलन पैदा करते हैं, जिससे पिंपल्स की समस्या बढ़ती है। कुछ लोगों में फुल-क्रीम दूध, चीज और मक्खन जैसे डेयरी उत्पाद सूजन और रोमछिद्र बंद होने का कारण बनते हैं। वहीं, जंक फूड, तले हुए पदार्थ, अधिक मसालेदार भोजन, चाय-कॉफी और शराब त्वचा में सूजन व विषाक्तता बढ़ाकर मुंहासों को और गंभीर कर सकते हैं।
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मानसिक स्वास्थ्य का भी प्रभाव
अत्यधिक तनाव, चिंता और मानसिक थकान शरीर के हार्मोन संतुलन को प्रभावित कर देती है, जिसका सीधा असर त्वचा पर पड़ता है। इससे एजिंग, रूखापन और डलनेस दिखाई देने लगती है। लगातार तनाव नींद को भी बिगाड़ता है, जिससे चेहरे की प्राकृतिक चमक कम हो जाती है। सकारात्मक सोच, ध्यान और मानसिक शांति मेटाबॉलिज्म को संतुलित रखने में मदद करते हैं।
जीवन-शैली में परिवर्तन
मेटाबॉलिक ग्लो पाने के लिए सबसे पहले चीनी, प्रोसेस्ड फूड और जंक फूड का सेवन बंद करें, क्योंकि ये शरीर में इंसुलिन का असंतुलन पैदा करते हैं और मुंहासों का कारण बनते हैं। इसके स्थान पर ताजे फल, हरी सब्जियां और फाइबर युक्त आहार को अपनाएं। पर्याप्त मात्रा में पानी पीने से शरीर के विषैले तत्व बाहर निकलते हैं और त्वचा में प्राकृतिक नमी बनी रहती है। नियमित व्यायाम भी करें, इससे रक्त संचार बेहतर होगा, जिससे ऑक्सीजन और पोषक तत्व त्वचा तक पहुंचकर उसे साफ, स्वस्थ व चमकदार बनाएंगे।
भरपूर नींद और 45 मिनट व्यायाम
आहार विशेषज्ञ अंशु चौहान बताती हैं, संतुलित आहार, फाइबर युक्त भोजन, हरी सब्जियां और पर्याप्त पानी शरीर के गुड बैक्टीरिया को सक्रिय करते हैं, जिससे त्वचा हाइड्रेट रहती है और पिंपल्स व झुर्रियां कम होती हैं। विटामिन सी, ई, जिंक और अमीनो एसिड कोलेजन निर्माण बढ़ाते हैं। इसलिए जंक फूड से बचें, सात से आठ घंटे की नींद लें और रोज 45 मिनट व्यायाम करें। स्वस्थ जीवन-शैली अपनाएं और नियमित दिनचर्या रखें।