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हरियाणा: सूचना आयोग में सुनवाई होगी आसान, 25 हजार अधिकारियों को मिलेगी आरटीआई की ट्रेनिंग
Tue, 11 Aug 2026 03:10 PM IST
शाहिल शर्मा
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
Published by: शाहिल शर्मा
Updated Tue, 11 Aug 2026 03:10 PM IST
सार
सुनवाई के दौरान आयुक्त जिस दस्तावेज या आदेश को देख रहे होंगे। उसे याचिकाकर्ता भी देख सकेगा। जरूरी मामलों में तत्काल सुनवाई की व्यवस्था भी की जाएगी।
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अधिकारियों को मिलेगी आरटीआई की ट्रेनिंग
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
हरियाणा राज्य सूचना आयोग अब आरटीआई से जुड़ी शिकायतों के जल्द निपटारे और अधिकारियों को प्रक्रिया की बेहतर समझ देने पर फोकस करेगा। मुख्य सूचना आयुक्त टीवी एसएन प्रसाद ने पंचकुला दफ्तर में प्रेस वार्ता में बताया कि अगले महीने करीब 25 हजार स्टेट पब्लिक इंफॉर्मेशन ऑफिसर्स (एसपीआईओ) को प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण आयोग के सभागार के साथ सभी जिलों में होगा और इसमें सरपंचों को भी शामिल किया जाएगा। प्रशिक्षण के बाद प्रतिभागियों से इसका फीडबैक भी लिया जाएगा।
आयोग सुनवाई की प्रक्रिया को अधिक सुलभ बनाने के लिए हाइब्रिड व्यवस्था को बढ़ाएगा। करीब 100 मामलों में हाइब्रिड सुनवाई होगी, जबकि मुख्य सूचना आयुक्त की अदालत में सुनवाई पूरी तरह वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कराने की व्यवस्था की जाएगी। इससे दूर बैठे लोग, खासकर महिलाएं, घर से ही सुनवाई में शामिल हो सकेंगी। हालांकि इच्छुक पक्ष आयोग में पहुंचकर भी पेश हो सकेंगे।
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आयोग सुनवाई की प्रक्रिया को अधिक सुलभ बनाने के लिए हाइब्रिड व्यवस्था को बढ़ाएगा। करीब 100 मामलों में हाइब्रिड सुनवाई होगी, जबकि मुख्य सूचना आयुक्त की अदालत में सुनवाई पूरी तरह वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कराने की व्यवस्था की जाएगी। इससे दूर बैठे लोग, खासकर महिलाएं, घर से ही सुनवाई में शामिल हो सकेंगी। हालांकि इच्छुक पक्ष आयोग में पहुंचकर भी पेश हो सकेंगे।
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सुनवाई के दौरान संबंधित अधिकारी भी मौजूद रहेंगे ताकि रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं होने के कारण मामले टालने की स्थिति न बने। जरूरत पड़ने पर सुनवाई का समय बदला जा सकेगा। आयोग ई-फाइल और मूल आवेदन को भी डिजिटल व्यवस्था से जोड़ रहा है। पहली बार सभी कमिश्नरों के लिए केंद्रीय प्रणाली विकसित की जा रही है, जिससे मामलों और दस्तावेजों की प्रक्रिया एकीकृत होगी।
सुनवाई के दौरान आयुक्त जिस दस्तावेज या आदेश को देख रहे होंगे। उसे याचिकाकर्ता भी देख सकेगा। जरूरी मामलों में तत्काल सुनवाई की व्यवस्था भी की जाएगी। प्रत्येक आयुक्त के पास पांच समय स्लॉट ऐसे मामलों के लिए सुरक्षित रखे जाएंगे, जिनमें तारीख बहुत दूर मिल रही हो। आगे चलकर पक्षकार खुद उपलब्ध स्लॉट में अपनी सुनवाई की तारीख बुक कर सकेंगे।
वीसी व्यवस्था से डीएसपी, एसपी और सिविल सर्जन स्तर के अधिकारी भी खुद पेश हो सकेंगे। सुनवाई से तीन दिन पहले दोनों पक्षों को उपलब्धता के लिए फोन किया जाएगा और सुनवाई वाले दिन भी संपर्क कर जोड़ा जाएगा। स्मार्टफोन नहीं होने पर टेलीफोन के जरिए पक्ष की बात रिकॉर्ड कर दूसरे पक्ष को सुनाई जाएगी। आयोग का लक्ष्य पिछले महीने के मामलों को अगले महीने तक निपटाने की दिशा में काम करना है।
सुनवाई के दौरान आयुक्त जिस दस्तावेज या आदेश को देख रहे होंगे। उसे याचिकाकर्ता भी देख सकेगा। जरूरी मामलों में तत्काल सुनवाई की व्यवस्था भी की जाएगी। प्रत्येक आयुक्त के पास पांच समय स्लॉट ऐसे मामलों के लिए सुरक्षित रखे जाएंगे, जिनमें तारीख बहुत दूर मिल रही हो। आगे चलकर पक्षकार खुद उपलब्ध स्लॉट में अपनी सुनवाई की तारीख बुक कर सकेंगे।
वीसी व्यवस्था से डीएसपी, एसपी और सिविल सर्जन स्तर के अधिकारी भी खुद पेश हो सकेंगे। सुनवाई से तीन दिन पहले दोनों पक्षों को उपलब्धता के लिए फोन किया जाएगा और सुनवाई वाले दिन भी संपर्क कर जोड़ा जाएगा। स्मार्टफोन नहीं होने पर टेलीफोन के जरिए पक्ष की बात रिकॉर्ड कर दूसरे पक्ष को सुनाई जाएगी। आयोग का लक्ष्य पिछले महीने के मामलों को अगले महीने तक निपटाने की दिशा में काम करना है।