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हरियाणा में 590 करोड़ का बैंक स्कैम: जांच कमेटी का हुआ गठन, वित्तीय अनियमितताओं को लेकर होगी जांच
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
Published by: शाहिल शर्मा
Updated Tue, 24 Feb 2026 08:10 PM IST
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सार
आईडीएफसी फर्स्ट बैंक में सामने आए 590 करोड़ रुपये की वित्तीय अनियमितताओं के मामले की गहन जांच के लिए चार सदस्यीय उच्च स्तरीय कमेटी का गठन किया है।
स्कैम
- फोटो : FREEPIK
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विस्तार
हरियाणा सरकार ने आईडीएफसी फर्स्ट बैंक में सामने आए 590 करोड़ रुपये की वित्तीय अनियमितताओं के मामले की गहन जांच के लिए चार सदस्यीय उच्च स्तरीय कमेटी का गठन किया है। यह कमेटी न केवल गड़बड़ी में शामिल सरकारी अधिकारियों-कर्मचारियों की भूमिका की छानबीन करेगी, बल्कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए मजबूत निगरानी तंत्र, वित्तीय प्रोटोकॉल और तकनीकी सुरक्षा उपायों पर सिफारिशें भी देगी।
कमेटी में वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अरुण गुप्ता समेत तीन अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने हरियाणा विधानसभा में इसकी जानकारी देते हुए कहा कि सरकार ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई की है।
आईडीएफसी फर्स्ट बैंक ने हरियाणा सरकार के विभागों से जुड़े एक मामले में 24 घंटे के भीतर 583 करोड़ रुपये (मूलधन व ब्याज सहित) का भुगतान कर भरोसा कायम रखने का दावा किया है। मामला चंडीगढ़ शाखा में कुछ खातों से जुड़ा है, जहां प्रारंभिक जांच में कुछ कर्मचारियों द्वारा जाली दस्तावेजों के आधार पर भुगतान क्लियर करने की आशंका जताई गई है। प्रकरण की जांच संबंधित एजेंसियां कर रही हैं।
बैंक ने कहा कि जांच जारी रहने के बावजूद उसने संबंधित विभागों का 100 फीसदी दावा तुरंत चुका दिया। हरियाणा सरकार के विभागों ने बैंक की त्वरित और सिद्धांत-आधारित कार्रवाई की सराहना की है। बैंक ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा भी दिया है। यह प्रेस रिलीज आईडीएफसी फर्स्ट बैंक के मुंबई स्थित मुख्य ब्रांच से जारी की गई है।
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कमेटी में वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अरुण गुप्ता समेत तीन अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने हरियाणा विधानसभा में इसकी जानकारी देते हुए कहा कि सरकार ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई की है।
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आईडीएफसी फर्स्ट बैंक ने हरियाणा सरकार के विभागों से जुड़े एक मामले में 24 घंटे के भीतर 583 करोड़ रुपये (मूलधन व ब्याज सहित) का भुगतान कर भरोसा कायम रखने का दावा किया है। मामला चंडीगढ़ शाखा में कुछ खातों से जुड़ा है, जहां प्रारंभिक जांच में कुछ कर्मचारियों द्वारा जाली दस्तावेजों के आधार पर भुगतान क्लियर करने की आशंका जताई गई है। प्रकरण की जांच संबंधित एजेंसियां कर रही हैं।
बैंक ने कहा कि जांच जारी रहने के बावजूद उसने संबंधित विभागों का 100 फीसदी दावा तुरंत चुका दिया। हरियाणा सरकार के विभागों ने बैंक की त्वरित और सिद्धांत-आधारित कार्रवाई की सराहना की है। बैंक ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा भी दिया है। यह प्रेस रिलीज आईडीएफसी फर्स्ट बैंक के मुंबई स्थित मुख्य ब्रांच से जारी की गई है।