संवाद न्यूज एजेंसीअंबाला। जस्ट राइट फॉर चिल्ड्रन अलायंस के टोल-फ्री नंबर पर मिली गोपनीय सूचना के बाद, जिला युवा विकास संगठन ने विभिन्न विभागों के साथ मिलकर एक संयुक्त रेस्क्यू अभियान चलाया। सूचना के अनुसार जननायक एक्सप्रेस ट्रेन संख्या 15211 के जरिए बच्चों को पंजाब में मजदूरी के लिए ले जाया जा रहा था।
संगठन के प्रधान परमजीत सिंह बड़ोला के निर्देश पर प्रोग्राम कोऑर्डिनेटर अजय तिवारी ने तुरंत बाल कल्याण समिति , जीआरपी और आरपीएफ अंबाला कैंट को सूचित किया। संयुक्त टीम ने रात करीब 10 बजे ट्रेन में चेकिंग कर 10 बच्चों को सुरक्षित रेस्क्यू किया। पूछताछ में बच्चों ने बताया कि उन्हें 500 रुपये दिहाड़ी का लालच देकर चंडीगढ़ और पंजाब के अन्य हिस्सों में मजदूरी के लिए ले जाया जा रहा था। ये बच्चे बिहार व उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। काउंसलिंग और मेडिकल प्रक्रिया के बाद बच्चों को सीडब्ल्यूसी चेयरपर्सन रंजिता सचदेवा के समक्ष पेश किया गया, जिन्होंने उन्हें ओपन शेल्टर होम, अंबाला कैंट भेजने के आदेश दिए। इस अभियान में आरपीएफ के राजेश कुमार, मानव तस्करी निरोधक इकाई के मुकेश कुमार, संगठन के मुख्य सलाहकार डॉ. अमित व हाकम सिंह शामिल रहे।