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Ambala News: शहर की सड़कों पर 1500 मीट्रिक टन कचरा
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संवाद न्यूज एजेंसी
जगाधरी। फाई कर्मचारियों की हड़ताल ने शहर की सूरत बदल दी है। शहर की भीतरी सड़कों से नेशनल हाईवे तक कचरे के ढेर लगे हुए हैं। वहीं, बारिश ने यह मुसीबत और भी बढ़ा दी है। शहर में जगह-जगह लगे कचरे के ढेर लगे हैं और बारिश में भीगने के कारण कचरा सड़ने लगा है।
कचरों के ढेर से भयंकर बदबू उठ रही है और लोगों का रास्ता चलना भी मुश्किल होता जा रहा है। हड़ताल की शुरुआत में नगर निगम ने डोर-टू-डोर कचरा उठान एजेंसी के कर्मचारी लगाकर कूड़ा उठाया था, लेकिन अब यह नहीं किया जा रहा है। इससे हर दिन हालात और भी ज्यादा बिगड़ते जा रहे हैं।
सबसे ज्यादा स्कूलों के बाहर लगे कचरे के ढेर हैं, जिससे भयंकर बदबू उठ रही है। इससे विद्यार्थियों में बीमारियों व संक्रमण फैलने का खतरा बना हुआ है। उठान न होने के कारण शहर की सड़कों पर 1,500 मीट्रिक टन कचरा पड़ा हुआ है। हालात ऐसे हैं कि सड़क से लगती स्कूल की दीवार के पास ही कचरे के ढेर लगे हुए हैं। मॉडल टाउन स्थित दयानंद वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के साथ लगती सड़क पर कचरे के ढेर लगे हुए हैं। डोर-टू-डोर उठान वाली एजेंसियां भी यहीं पर कचरा डंप कर रही है।
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स्कूल की खिड़कियां सड़क की तरफ खुली हुई हैं और इस कचरे के ढेर से भयंकर बदबू उठ रही है। जिस कारण कक्षा में विद्यार्थियों का बैठना भी मुश्किल हो गया है। वहीं, करीब 100 मीटर की दूरी पर शहर का एसडी पब्लिक स्कूल है।
इस बारे दयानंद वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय की प्राचार्या रविंद्र कौर ने बताया कि उनकी ओर से नगर निगम को कचरा उठाने के लिए शिकायत की गई है। परंतु हर दिन कचरे का ढेर बढ़ता जा रहा है। वहीं, एसडी पब्लिक स्कूल की प्राचार्या सुनीता शर्मा ने बताया कि मुख्य सड़क के किनारे कचरे के ढेर लगे हैं और यहां से हर दिन विद्यार्थियों के साथ सैकड़ों लोगों का निकलना होता है। स्कूल में विद्यार्थियों को इससे बचने के लिए प्रेरित किया जा रहा है, ताकि उनका स्वास्थ्य ठीक रहे।
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जगाधरी। फाई कर्मचारियों की हड़ताल ने शहर की सूरत बदल दी है। शहर की भीतरी सड़कों से नेशनल हाईवे तक कचरे के ढेर लगे हुए हैं। वहीं, बारिश ने यह मुसीबत और भी बढ़ा दी है। शहर में जगह-जगह लगे कचरे के ढेर लगे हैं और बारिश में भीगने के कारण कचरा सड़ने लगा है।
कचरों के ढेर से भयंकर बदबू उठ रही है और लोगों का रास्ता चलना भी मुश्किल होता जा रहा है। हड़ताल की शुरुआत में नगर निगम ने डोर-टू-डोर कचरा उठान एजेंसी के कर्मचारी लगाकर कूड़ा उठाया था, लेकिन अब यह नहीं किया जा रहा है। इससे हर दिन हालात और भी ज्यादा बिगड़ते जा रहे हैं।
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सबसे ज्यादा स्कूलों के बाहर लगे कचरे के ढेर हैं, जिससे भयंकर बदबू उठ रही है। इससे विद्यार्थियों में बीमारियों व संक्रमण फैलने का खतरा बना हुआ है। उठान न होने के कारण शहर की सड़कों पर 1,500 मीट्रिक टन कचरा पड़ा हुआ है। हालात ऐसे हैं कि सड़क से लगती स्कूल की दीवार के पास ही कचरे के ढेर लगे हुए हैं। मॉडल टाउन स्थित दयानंद वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के साथ लगती सड़क पर कचरे के ढेर लगे हुए हैं। डोर-टू-डोर उठान वाली एजेंसियां भी यहीं पर कचरा डंप कर रही है।
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स्कूल की खिड़कियां सड़क की तरफ खुली हुई हैं और इस कचरे के ढेर से भयंकर बदबू उठ रही है। जिस कारण कक्षा में विद्यार्थियों का बैठना भी मुश्किल हो गया है। वहीं, करीब 100 मीटर की दूरी पर शहर का एसडी पब्लिक स्कूल है।
इस बारे दयानंद वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय की प्राचार्या रविंद्र कौर ने बताया कि उनकी ओर से नगर निगम को कचरा उठाने के लिए शिकायत की गई है। परंतु हर दिन कचरे का ढेर बढ़ता जा रहा है। वहीं, एसडी पब्लिक स्कूल की प्राचार्या सुनीता शर्मा ने बताया कि मुख्य सड़क के किनारे कचरे के ढेर लगे हैं और यहां से हर दिन विद्यार्थियों के साथ सैकड़ों लोगों का निकलना होता है। स्कूल में विद्यार्थियों को इससे बचने के लिए प्रेरित किया जा रहा है, ताकि उनका स्वास्थ्य ठीक रहे।