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Ambala News: फ्लैट दिलाने के नाम पर बिल्डर ने अधिवक्ता से 88 लाख रुपये ठगे
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- प्री-ईएमआई ब्याज का झांसा देकर फंसाया, 15 लाख रुपये का कमीशन हड़प गए एजेंट
संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला सिटी। जीरकपुर में आलीशान फ्लैट व पजेशन मिलने तक बैंक लोन का ब्याज खुद भरने का झांसा देकर सिटी के सेक्टर-1 निवासी अधिवक्ता प्रदीप बत्रा से 88 लाख रुपये की धोखाधड़ी की गई। अधिवक्ता की तहरीर पर आर्थिक अपराध शाखा की जांच के बाद बलदेव नगर थाने में सुक्षा, सुषमा डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड जीरकपुर के डायरेक्टर बिंदर पाल मित्तल पर प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी। शिकायत में प्रतीक मित्तल, नेहा गुप्ता, सागर गुप्ता, दिनेश का भी नाम था।
पुलिस को दी तहरीर में वकील प्रदीप बत्रा ने बताया कि मई-जून 2024 में सुषमा ग्रुप की सेल्स मैनेजर नेहा गुप्ता, प्रॉपर्टी डीलर सागर गुप्ता और दिनेश उनके घर आए। उन्होंने जीरकपुर के सुषमा बेलेजा प्रोजेक्ट में एक प्राइम लोकेशन का कॉर्नर फ्लैट दिखाने के बहाने एक लुभावनी डील का झांसा दिया। कहा कि कंपनी के प्रमोटर बिंदर पाल मित्तल और प्रतीक मित्तल उनके व्यक्तिगत जानकार हैं। आश्वस्त किया कि जब तक फ्लैट का पजेशन यानी कब्जा नहीं मिल जाता, तब तक बैंक से लिए जाने वाले लोन का प्री-ईएमआई ब्याज खुद सुषमा ग्रुप सीधे बैंक में जमा कराएगा, जिससे उन्हें कोई वित्तीय बोझ नहीं पड़ेगा। झांसे में आने के बाद अंबाला सिटी स्टेट बैंक ऑफ इंडिया कोर्ट रोड से लोन कराकर अलग-अलग किश्तों में 88 लाख रुपये सुषमा ग्रुप को दे दिए। इस सौदे को पक्का कराने के एवज में प्रमोटर प्रतीक मित्तल ने तीनों एजेंटों को 15 लाख रुपये का मोटा कैश कमीशन दिया था, जिसमें नेहा गुप्ता को 7.5 लाख, सागर गुप्ता को 5 लाख और दिनेश को 2.5 लाख रुपये नकद मिले थे।
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परियोजना का काम ठप
प्रदीप बत्रा ने बताया कि जुलाई 2024 में बैंक, प्रमोटर और उनके बीच एक समझौता भी हुआ था। शुरुआत में कुछ महीने कंपनी ने ब्याज दिया लेकिन पिछले कई महीनों से सुषमा ग्रुप ने बैंक को प्री-ईएमआई ब्याज देना पूरी तरह बंद कर दिया। मौके पर प्रोजेक्ट का निर्माण कार्य भी पिछले एक साल से पूरी तरह ठप है। अब बैंक उस पर पूरा ब्याज और किस्त चुकाने का दबाव बना रहा है, जिससे उन पर भारी वित्तीय संकट आ गया है। मंत्री अनिल विज को लिखित शिकायत देने के बाद पुलिस ने जांच की थी।
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अंबाला सिटी। जीरकपुर में आलीशान फ्लैट व पजेशन मिलने तक बैंक लोन का ब्याज खुद भरने का झांसा देकर सिटी के सेक्टर-1 निवासी अधिवक्ता प्रदीप बत्रा से 88 लाख रुपये की धोखाधड़ी की गई। अधिवक्ता की तहरीर पर आर्थिक अपराध शाखा की जांच के बाद बलदेव नगर थाने में सुक्षा, सुषमा डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड जीरकपुर के डायरेक्टर बिंदर पाल मित्तल पर प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी। शिकायत में प्रतीक मित्तल, नेहा गुप्ता, सागर गुप्ता, दिनेश का भी नाम था।
पुलिस को दी तहरीर में वकील प्रदीप बत्रा ने बताया कि मई-जून 2024 में सुषमा ग्रुप की सेल्स मैनेजर नेहा गुप्ता, प्रॉपर्टी डीलर सागर गुप्ता और दिनेश उनके घर आए। उन्होंने जीरकपुर के सुषमा बेलेजा प्रोजेक्ट में एक प्राइम लोकेशन का कॉर्नर फ्लैट दिखाने के बहाने एक लुभावनी डील का झांसा दिया। कहा कि कंपनी के प्रमोटर बिंदर पाल मित्तल और प्रतीक मित्तल उनके व्यक्तिगत जानकार हैं। आश्वस्त किया कि जब तक फ्लैट का पजेशन यानी कब्जा नहीं मिल जाता, तब तक बैंक से लिए जाने वाले लोन का प्री-ईएमआई ब्याज खुद सुषमा ग्रुप सीधे बैंक में जमा कराएगा, जिससे उन्हें कोई वित्तीय बोझ नहीं पड़ेगा। झांसे में आने के बाद अंबाला सिटी स्टेट बैंक ऑफ इंडिया कोर्ट रोड से लोन कराकर अलग-अलग किश्तों में 88 लाख रुपये सुषमा ग्रुप को दे दिए। इस सौदे को पक्का कराने के एवज में प्रमोटर प्रतीक मित्तल ने तीनों एजेंटों को 15 लाख रुपये का मोटा कैश कमीशन दिया था, जिसमें नेहा गुप्ता को 7.5 लाख, सागर गुप्ता को 5 लाख और दिनेश को 2.5 लाख रुपये नकद मिले थे।
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परियोजना का काम ठप
प्रदीप बत्रा ने बताया कि जुलाई 2024 में बैंक, प्रमोटर और उनके बीच एक समझौता भी हुआ था। शुरुआत में कुछ महीने कंपनी ने ब्याज दिया लेकिन पिछले कई महीनों से सुषमा ग्रुप ने बैंक को प्री-ईएमआई ब्याज देना पूरी तरह बंद कर दिया। मौके पर प्रोजेक्ट का निर्माण कार्य भी पिछले एक साल से पूरी तरह ठप है। अब बैंक उस पर पूरा ब्याज और किस्त चुकाने का दबाव बना रहा है, जिससे उन पर भारी वित्तीय संकट आ गया है। मंत्री अनिल विज को लिखित शिकायत देने के बाद पुलिस ने जांच की थी।