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Ambala News: पढ़ाई के साथ जीवन की कसौटी पर भी खरे उतरेंगे नौनिहाल
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संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। किताबी ज्ञान के साथ-साथ अब सरकारी और निजी स्कूलों के नौनिहाल जीवन की व्यावहारिक चुनौतियों से निपटने के लिए भी तैयार होंगे। जिला प्रशासन ने बच्चों को आत्मनिर्भर, जिम्मेदार और सजग नागरिक बनाने के उद्देश्य से एक पहल प्रोजेक्ट विश्वास की शुरुआत की है।
इस योजना का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बच्चा जब स्कूल की पढ़ाई पूरी करके बाहर निकले, तो वह न केवल शैक्षणिक रूप से योग्य हो, बल्कि स्वतंत्र रूप से जीने, अपनी सुरक्षा करने और समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने में पूरी तरह सक्षम हो। प्रोजेक्ट विश्वास के तहत प्री-नर्सरी से लेकर कक्षा 10वीं तक के विद्यार्थियों के लिए उनकी उम्र के अनुसार गतिविधियों और कौशलों का खाका तैयार किया गया है। शुरुआती कक्षाएं जैसे प्री-नर्सरी से केजी के छोटे बच्चों को हाथ-मुंह धोना, खिलौने सही जगह रखना, स्कूल बैग पैक करना, पेड़-पौधों में पानी देना और गुड टच-बैड टच के प्रति जागरूक किया जाएगा।
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सड़क सुरक्षा और कचरा प्रबंधन की दी जाएगी जानकारी
इसी प्रकार प्राथमिक वर्ग के कक्षा 1 से 3 के तहत सब्जियां-फल धोना, सड़क सुरक्षा के नियम, कचरा अलग करना, घर की सफाई व डस्टिंग करना, प्राथमिक चिकित्सा और अपनी भावनाओं को व्यक्त करना सिखाया जाएगा। उच्च प्राथमिक वर्ग कक्षा 4 से 6 के तहत बिना गैस जलाए भोजन (जैसे वेज सैंडविच) बनाना, सुई में धागा पिरोना, उपभोक्ता अधिकार, खाना गर्म करना, कपड़े धोना और किशोरावस्था से जुड़े शारीरिक परिवर्तनों के बारे में जागरूक करना शामिल है। माध्यमिक वर्ग कक्षा 7 से 8 के तहत समय प्रबंधन, यात्रा की योजना बनाना व बजट तैयार करना, मासिक धर्म स्वच्छता, वित्तीय बजट और डिजिटल प्राइवेसी व पासवर्ड सुरक्षा की जानकारी दी जाएगी। उच्च वर्ग कक्षा 9 व 10 के तहत आपातकालीन स्थिति में कदम उठाना, बैंक खाता खोलना, मानसिक स्वास्थ्य व तनाव प्रबंधन, प्रोफेशनल ईमेल लिखना, ऑनलाइन टिकट बुकिंग और जिम्मेदार नागरिकता के कर्तव्यों का बोध कराया जाएगा।
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प्रोजेक्ट विश्वास का उद्देश्य बच्चों को केवल किताबों तक सीमित न रखकर उन्हें जीवन की व्यावहारिक राह दिखाना है। जब बच्चे आत्मनिर्भर बनेंगे, तभी हम विकसित भारत के सपने को धरातल पर साकार कर सकेंगे।
- सुधीर कालड़ा, जिला शिक्षा अधिकारी,अंबाला।
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अंबाला। किताबी ज्ञान के साथ-साथ अब सरकारी और निजी स्कूलों के नौनिहाल जीवन की व्यावहारिक चुनौतियों से निपटने के लिए भी तैयार होंगे। जिला प्रशासन ने बच्चों को आत्मनिर्भर, जिम्मेदार और सजग नागरिक बनाने के उद्देश्य से एक पहल प्रोजेक्ट विश्वास की शुरुआत की है।
इस योजना का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बच्चा जब स्कूल की पढ़ाई पूरी करके बाहर निकले, तो वह न केवल शैक्षणिक रूप से योग्य हो, बल्कि स्वतंत्र रूप से जीने, अपनी सुरक्षा करने और समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने में पूरी तरह सक्षम हो। प्रोजेक्ट विश्वास के तहत प्री-नर्सरी से लेकर कक्षा 10वीं तक के विद्यार्थियों के लिए उनकी उम्र के अनुसार गतिविधियों और कौशलों का खाका तैयार किया गया है। शुरुआती कक्षाएं जैसे प्री-नर्सरी से केजी के छोटे बच्चों को हाथ-मुंह धोना, खिलौने सही जगह रखना, स्कूल बैग पैक करना, पेड़-पौधों में पानी देना और गुड टच-बैड टच के प्रति जागरूक किया जाएगा।
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सड़क सुरक्षा और कचरा प्रबंधन की दी जाएगी जानकारी
इसी प्रकार प्राथमिक वर्ग के कक्षा 1 से 3 के तहत सब्जियां-फल धोना, सड़क सुरक्षा के नियम, कचरा अलग करना, घर की सफाई व डस्टिंग करना, प्राथमिक चिकित्सा और अपनी भावनाओं को व्यक्त करना सिखाया जाएगा। उच्च प्राथमिक वर्ग कक्षा 4 से 6 के तहत बिना गैस जलाए भोजन (जैसे वेज सैंडविच) बनाना, सुई में धागा पिरोना, उपभोक्ता अधिकार, खाना गर्म करना, कपड़े धोना और किशोरावस्था से जुड़े शारीरिक परिवर्तनों के बारे में जागरूक करना शामिल है। माध्यमिक वर्ग कक्षा 7 से 8 के तहत समय प्रबंधन, यात्रा की योजना बनाना व बजट तैयार करना, मासिक धर्म स्वच्छता, वित्तीय बजट और डिजिटल प्राइवेसी व पासवर्ड सुरक्षा की जानकारी दी जाएगी। उच्च वर्ग कक्षा 9 व 10 के तहत आपातकालीन स्थिति में कदम उठाना, बैंक खाता खोलना, मानसिक स्वास्थ्य व तनाव प्रबंधन, प्रोफेशनल ईमेल लिखना, ऑनलाइन टिकट बुकिंग और जिम्मेदार नागरिकता के कर्तव्यों का बोध कराया जाएगा।
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प्रोजेक्ट विश्वास का उद्देश्य बच्चों को केवल किताबों तक सीमित न रखकर उन्हें जीवन की व्यावहारिक राह दिखाना है। जब बच्चे आत्मनिर्भर बनेंगे, तभी हम विकसित भारत के सपने को धरातल पर साकार कर सकेंगे।
- सुधीर कालड़ा, जिला शिक्षा अधिकारी,अंबाला।