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Ambala News: सोनीपत रेलवे स्टेशन से संदिग्ध कैमरा मिलने के बाद अंबाला में अलर्ट
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- एसपी ने हर संदिग्ध लोकेशन पर नजर रखने के दिए निर्देश
संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला सिटी। सोनीपत रेलवे स्टेशन पर संदिग्ध कैमरा मिलने व गाजियाबाद पुलिस द्वारा आतंकी गतिविधियों में संलिप्त पकड़े गए छह युवकों के मामले ने सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ा दी है। अंबाला अति संवेदनशील होने के कारण यहां भी अलर्ट है। पुलिस अधीक्षक अजीत सिंह शेखावत ने भी जिले के सभी थाना प्रभारियों और सुरक्षा इकाइयों को हर संदिग्ध लोकेशन पर नजर रखने के निर्देश दिए हैं।
भारतीय सेना व वायुसेना का महत्वपूर्ण सैन्य केंद्र होने व उत्तर रेलवे अंबाला मंडल का सबसे बड़ा स्टेशन होने के कारण अंबाला समय-समय पर आतंकवादियों के निशाने पर रहा है। गाजियाबाद पुलिस ने दिल्ली एनसीआर से संवेदनशील स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाकर उसकी लाइव फुटेज पाकिस्तान भेजने के आरोप में 14 मार्च को छह युवकों को पकड़ा है।
खुद की जगह भारत के युवाओं का कर रहे इस्तेमाल
2000 से पहले तक आतंकवादियों का मॉड्यूल कुछ दूसरी तरह से काम करता था लेकिन अब आतंकवादी संगठन खुद को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक्सपोज होने से बचाने के लिए इसमें बदलाव कर रहे हैं। इसलिए वह सोशल मीडिया के माध्यम से ही भारत में सेंध लगाकर युवाओं को गुमराह कर रहे हैं। आतंकी गतिविधियों को करने के लिए प्रेरित करने के बाद आगे करते हैं। यहीं कारण है कि भारत की सुरक्षा एजेंसियों के हाथ केवल स्थानीय युवा ही आ रहे हैं लेकिन आतंकवादी पाकिस्तान में बैठे-बैठे एक के बाद एक वारदात को अंजाम दे रहे।
पुलिस व सुरक्षा एजेंसियों के लिए चुनौतियां-
- अंबाला हिमाचल व पंजाब की सीमाओं से सटा होने के बावजूद कोई स्थाई चैक पोस्ट नहीं।
- एयरफोर्स व सेना का बेस होने के बावजूद कोई भी सैन्य क्षेत्र में बिना रोकटोक के आ जा रहा।
- उत्तर रेलवे अंबाला मंडल का सबसे बड़ा स्टेशन होने के बावजूद सुरक्षा बंदोबस्त न के बराबर हैं।
- रेलवे स्टेशन चारों तरफ से खुला होेने के कारण कोई कहीं से आ जा रहा।
पहले भी पकड़े गए थे जासूस
- वर्ष 2003 में अंबाला में सैन्य क्षेत्र से मकसूद अख्तर को काबू किया गया था। वर्ष 2004 में अंबाला में मकसूद को चौदह साल कैद की सजा सुनाई थी।
- वर्ष 2011 में 4 अक्टूबर को एक संदिग्ध एयरफोर्स स्टेशन की दीवार फांदकर भीतर दाखिल हो गया था। उसकी तलाशी में कोई सामान नहीं मिला था। हालांकि साक्ष्यों के अभाव में उसे बरी कर दिया गया था।
- 12 दिसंबर 2012 को पंजोखरा साइड से लगने वाली पोस्ट नंबर 44 की दीवार फांदकर एक संदिग्ध सैन्य क्षेत्र में दाखिल हो गया था। संतरी ने उसे पकड़ लिया था। कोर्ट ने उसे भी सबूतों के अभाव में बरी कर दिया था।
अंबाला पुलिस पूरी तरह से अलर्ट है। नियमित गश्त के साथ-साथ सुरक्षा एजेंसियों के संपर्क रहता है व उनके इनपुट पर काम किया जाता है। इसका नतीजा ही है कि आतंकी साजिश को समय रहते नाकाम किया जा रहा है। चाहे वो जासूसी करने वाला हो या फिर 2 किलो आरडीएक्स का मामला हो। सोनीपत रेलवे स्टेशन के पास ओएचई तार के खंभे पर मिले संदिग्ध कैमरे के मामले को देखते हुए अंबाला में भी टीमें जांच कर रही है।
- अजीत सिंह शेखावत, एसपी
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संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला सिटी। सोनीपत रेलवे स्टेशन पर संदिग्ध कैमरा मिलने व गाजियाबाद पुलिस द्वारा आतंकी गतिविधियों में संलिप्त पकड़े गए छह युवकों के मामले ने सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ा दी है। अंबाला अति संवेदनशील होने के कारण यहां भी अलर्ट है। पुलिस अधीक्षक अजीत सिंह शेखावत ने भी जिले के सभी थाना प्रभारियों और सुरक्षा इकाइयों को हर संदिग्ध लोकेशन पर नजर रखने के निर्देश दिए हैं।
भारतीय सेना व वायुसेना का महत्वपूर्ण सैन्य केंद्र होने व उत्तर रेलवे अंबाला मंडल का सबसे बड़ा स्टेशन होने के कारण अंबाला समय-समय पर आतंकवादियों के निशाने पर रहा है। गाजियाबाद पुलिस ने दिल्ली एनसीआर से संवेदनशील स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाकर उसकी लाइव फुटेज पाकिस्तान भेजने के आरोप में 14 मार्च को छह युवकों को पकड़ा है।
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खुद की जगह भारत के युवाओं का कर रहे इस्तेमाल
2000 से पहले तक आतंकवादियों का मॉड्यूल कुछ दूसरी तरह से काम करता था लेकिन अब आतंकवादी संगठन खुद को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक्सपोज होने से बचाने के लिए इसमें बदलाव कर रहे हैं। इसलिए वह सोशल मीडिया के माध्यम से ही भारत में सेंध लगाकर युवाओं को गुमराह कर रहे हैं। आतंकी गतिविधियों को करने के लिए प्रेरित करने के बाद आगे करते हैं। यहीं कारण है कि भारत की सुरक्षा एजेंसियों के हाथ केवल स्थानीय युवा ही आ रहे हैं लेकिन आतंकवादी पाकिस्तान में बैठे-बैठे एक के बाद एक वारदात को अंजाम दे रहे।
पुलिस व सुरक्षा एजेंसियों के लिए चुनौतियां-
- अंबाला हिमाचल व पंजाब की सीमाओं से सटा होने के बावजूद कोई स्थाई चैक पोस्ट नहीं।
- एयरफोर्स व सेना का बेस होने के बावजूद कोई भी सैन्य क्षेत्र में बिना रोकटोक के आ जा रहा।
- उत्तर रेलवे अंबाला मंडल का सबसे बड़ा स्टेशन होने के बावजूद सुरक्षा बंदोबस्त न के बराबर हैं।
- रेलवे स्टेशन चारों तरफ से खुला होेने के कारण कोई कहीं से आ जा रहा।
पहले भी पकड़े गए थे जासूस
- वर्ष 2003 में अंबाला में सैन्य क्षेत्र से मकसूद अख्तर को काबू किया गया था। वर्ष 2004 में अंबाला में मकसूद को चौदह साल कैद की सजा सुनाई थी।
- वर्ष 2011 में 4 अक्टूबर को एक संदिग्ध एयरफोर्स स्टेशन की दीवार फांदकर भीतर दाखिल हो गया था। उसकी तलाशी में कोई सामान नहीं मिला था। हालांकि साक्ष्यों के अभाव में उसे बरी कर दिया गया था।
- 12 दिसंबर 2012 को पंजोखरा साइड से लगने वाली पोस्ट नंबर 44 की दीवार फांदकर एक संदिग्ध सैन्य क्षेत्र में दाखिल हो गया था। संतरी ने उसे पकड़ लिया था। कोर्ट ने उसे भी सबूतों के अभाव में बरी कर दिया था।
अंबाला पुलिस पूरी तरह से अलर्ट है। नियमित गश्त के साथ-साथ सुरक्षा एजेंसियों के संपर्क रहता है व उनके इनपुट पर काम किया जाता है। इसका नतीजा ही है कि आतंकी साजिश को समय रहते नाकाम किया जा रहा है। चाहे वो जासूसी करने वाला हो या फिर 2 किलो आरडीएक्स का मामला हो। सोनीपत रेलवे स्टेशन के पास ओएचई तार के खंभे पर मिले संदिग्ध कैमरे के मामले को देखते हुए अंबाला में भी टीमें जांच कर रही है।
- अजीत सिंह शेखावत, एसपी