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Ambala News: महेशनगर के ग्रीन पार्क में 25 साल पुरानी इमारत का छज्जा गिरा, एक घायल
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सूरज राणा
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खंडहर में हो चुकी है इमारत, शिकायत के बाद भी नहीं ली प्रशासन ने सुध, डर के साए में लोग
संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। छावनी के महेशनगर क्षेत्र के ग्रीन पार्क में रविवार रात करीब 25 साल पुरानी एक्यूरेट चैंबर की जर्जर तीन मंजिला इमारत का छज्जा गिर गया। हादसे के वक्त वहां से गुजर रहा एक व्यक्ति मलबे की चपेट में आकर घायल हो गया। उसकी कमर और सिर में चोट लगी है। सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने छानबीन शुरु कर दी है। मलबे के कारण मुख्य मार्ग पूरी तरह बाधित हो गया।
मौके पर मौजूद सूरज राणा का आरोप है कि इमारत की जर्जर हालत को देखते हुए कुछ समय पहले नगर परिषद में शिकायत दर्ज कराई गई थी। स्थानीय लोगों ने अंदेशा जताया था कि इमारत कभी भी गिर सकती है लेकिन प्रशासन ने इसे गंभीरता से नहीं लिया।
जानकारी के अनुसार, इस इमारत में पहले पीजी चलता था। यहां बड़ी संख्या में छात्र रहते थे लेकिन मकान मालिक की मृत्यु के बाद इमारत लावारिस हो गई। देखरेख के अभाव में इसकी दीवारें और छज्जे पूरी तरह खोखले हो चुके हैं। जर्जर घोषित होने लायक इमारत के भूतल पर अभी भी सात दुकानें चल रही हैं। बताया जा रहा है कि इन दुकानों का मामला कोर्ट में विचाराधीन है।
सूरज राणा ने बताया कि उन्होंने पांच महीने पहले नगर परिषद को सूचित किया था कि यह भवन जर्जर स्थिति में है और कभी भी गिर सकता है लेकिन प्रशासन ने हमारी शिकायत को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया। समय रहते नगर परिषद ने सुध ली होती, तो आज यह हादसा बच सकता था।
दिनेश ने बताया कि वह इस जर्जर इमारत के बगल वाली गली में रहते हैं। दीवार गिरने से महज दो मिनट पहले ही वह यहां से गुजरे थे। जैसे ही घर पहुंचे, एक जोरदार धमाका सुनाई दिया। बाहर आकर देखा तो पूरी सड़क मलबे से पटी हुई थी। यह बहुत ही डरावना मंजर था।
महेश गर्ग ने बताया कि वह इसी भवन में कैटरिंग का काम करते हैंं। गनीमत रही कि दीवार गिरने से सिर्फ पांच मिनट पहले ही मैं दुकान बंद करके निकला था। मलबे के कारण मेरी दुकान का टीन शेड तरह टूट गया है। अगर वह उस वक्त दुकान के अंदर होते तो जान का नुकसान भी हो सकता था।
राजीव महाजन ने बताया कि वह साल 2000 से इसी भवन में जनरल स्टोर चला रहे हैं। जब दीवार गिरी, तब वह अपनी दुकान के अंदर ही मौजूद थे और बाल-बाल बच गए। दीवार का एक बड़ा हिस्सा दुकान के ठीक आगे आकर गिरा। अब चारों तरफ मलबा बिखरा है और सब कुछ अस्त-व्यस्त हो गया है।
जो आज समस्या आई है, वो नहीं आनी चाहिए। प्रत्येक व्यक्ति की जिंदगी सबसे ज्यादा जरूरी है। इस हादसे से मेरी बुजुर्ग माता जी इतनी सहम गई हैं कि वो किसी को घर स बाहर नहीं आने दे रही। नगर परिषद को इस तरफ ध्यान देना चाहिए।
रमा आनंद, स्थानीय निवासी
सूचना मिलते ही टीम मौके पर गई थी। इमारत के मालिक की जानकारी जुटाई जा रही है। इस संबंध में नगर परिषद से भी मंत्रणा की जाएगी ताकि कंडम हो रही इमारत के संबंध में आगामी कार्रवाई हो सके
- जितेंद्र सिंह, प्रभारी महेशनगर थाना।
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संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। छावनी के महेशनगर क्षेत्र के ग्रीन पार्क में रविवार रात करीब 25 साल पुरानी एक्यूरेट चैंबर की जर्जर तीन मंजिला इमारत का छज्जा गिर गया। हादसे के वक्त वहां से गुजर रहा एक व्यक्ति मलबे की चपेट में आकर घायल हो गया। उसकी कमर और सिर में चोट लगी है। सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने छानबीन शुरु कर दी है। मलबे के कारण मुख्य मार्ग पूरी तरह बाधित हो गया।
मौके पर मौजूद सूरज राणा का आरोप है कि इमारत की जर्जर हालत को देखते हुए कुछ समय पहले नगर परिषद में शिकायत दर्ज कराई गई थी। स्थानीय लोगों ने अंदेशा जताया था कि इमारत कभी भी गिर सकती है लेकिन प्रशासन ने इसे गंभीरता से नहीं लिया।
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जानकारी के अनुसार, इस इमारत में पहले पीजी चलता था। यहां बड़ी संख्या में छात्र रहते थे लेकिन मकान मालिक की मृत्यु के बाद इमारत लावारिस हो गई। देखरेख के अभाव में इसकी दीवारें और छज्जे पूरी तरह खोखले हो चुके हैं। जर्जर घोषित होने लायक इमारत के भूतल पर अभी भी सात दुकानें चल रही हैं। बताया जा रहा है कि इन दुकानों का मामला कोर्ट में विचाराधीन है।
सूरज राणा ने बताया कि उन्होंने पांच महीने पहले नगर परिषद को सूचित किया था कि यह भवन जर्जर स्थिति में है और कभी भी गिर सकता है लेकिन प्रशासन ने हमारी शिकायत को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया। समय रहते नगर परिषद ने सुध ली होती, तो आज यह हादसा बच सकता था।
दिनेश ने बताया कि वह इस जर्जर इमारत के बगल वाली गली में रहते हैं। दीवार गिरने से महज दो मिनट पहले ही वह यहां से गुजरे थे। जैसे ही घर पहुंचे, एक जोरदार धमाका सुनाई दिया। बाहर आकर देखा तो पूरी सड़क मलबे से पटी हुई थी। यह बहुत ही डरावना मंजर था।
महेश गर्ग ने बताया कि वह इसी भवन में कैटरिंग का काम करते हैंं। गनीमत रही कि दीवार गिरने से सिर्फ पांच मिनट पहले ही मैं दुकान बंद करके निकला था। मलबे के कारण मेरी दुकान का टीन शेड तरह टूट गया है। अगर वह उस वक्त दुकान के अंदर होते तो जान का नुकसान भी हो सकता था।
राजीव महाजन ने बताया कि वह साल 2000 से इसी भवन में जनरल स्टोर चला रहे हैं। जब दीवार गिरी, तब वह अपनी दुकान के अंदर ही मौजूद थे और बाल-बाल बच गए। दीवार का एक बड़ा हिस्सा दुकान के ठीक आगे आकर गिरा। अब चारों तरफ मलबा बिखरा है और सब कुछ अस्त-व्यस्त हो गया है।
जो आज समस्या आई है, वो नहीं आनी चाहिए। प्रत्येक व्यक्ति की जिंदगी सबसे ज्यादा जरूरी है। इस हादसे से मेरी बुजुर्ग माता जी इतनी सहम गई हैं कि वो किसी को घर स बाहर नहीं आने दे रही। नगर परिषद को इस तरफ ध्यान देना चाहिए।
रमा आनंद, स्थानीय निवासी
सूचना मिलते ही टीम मौके पर गई थी। इमारत के मालिक की जानकारी जुटाई जा रही है। इस संबंध में नगर परिषद से भी मंत्रणा की जाएगी ताकि कंडम हो रही इमारत के संबंध में आगामी कार्रवाई हो सके
- जितेंद्र सिंह, प्रभारी महेशनगर थाना।

सूरज राणा

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