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Ambala News: गलियों और चौराहों पर ही नहीं, पार्कों में भी कुत्तों के हमले का खतरा
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अंबाला छावनी के इंदिरा पार्क में बैठे कुत्ते और सैर करते लोग। संवाद
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- लोग बोले- नगर परिषद और प्रशासन की ओर से कुत्तों की आबादी को नियंत्रित करने के लिए धरातल पर नहीं हो रहे प्रयास
संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। सड़कों से सार्वजनिक पार्कों तक कुत्तों का आतंक है। हालात यह है कि पॉश इलाकों और पार्कों में टहलते समय ये कुत्ते राहगीरों को शिकार बना रहे हैं। लोगों का कहना है कि नगर परिषद और प्रशासन की ओर से कुत्तों की आबादी को नियंत्रित करने के लिए धरातल पर कोई ठोस प्रयास नजर नहीं आ रहे हैं।
कुत्तों के खौफ के कारण लोग अब पार्कों में सैर करने से कतराने लगे हैं। छावनी के इंदिरा पार्क और बारह क्रॉस रोड स्थित आंबेडकर पार्क में कुत्तों के झुंड ने स्थायी डेरा डाल लिया है। इंदिरा पार्क में भी कुत्ते मौजूद हैं, वहीं आंबेडकर पार्क के मुख्य गेट और झूलों के पास एक कुतिया और उसके छह बच्चे बैठे रहते हैं जो कभी भी हमला कर सकते हैं।
रात को वाहन चालकों के लिए परेशानी
कुत्तों का सबसे ज्यादा डर रात के समय 12 क्रास रोड चार नंबर चौक, कुम्हार मंडी, खटीक मंडी चौक, विद्या नगर और नन्हेड़ा मार्ग पर देखने को मिलता है। जैसे ही कोई वाहन चालक यहां से गुजरता है, कुत्तों का झुंड भौंकते हुए उनके पीछे दौड़ पड़ता है। इस आपाधापी में कई चालक गिरकर चोटिल हो चुके हैं तो कई डर के मारे वाहन रोककर खड़े होने को मजबूर हैं।
केस-1
दया राम ने बताया कि चार महीने पहले बेटा सुबह पार्क में सैर करने गया था। वहां एक कुतिया ने बच्चे दिए हुए थे। जैसे ही बेटा पास से गुजरा, कुतिया ने उस पर हमला कर दिया। उसने मुश्किल से भागकर अपनी जान बचाई।
केस-2
पंकज ने बताया कि रात के समय आसपास के इलाकों के ज्यादातर कुत्ते पार्कों में ही जमा हो जाते हैं। कुत्तों के इस जमावड़े और उनके आक्रामक व्यवहार के कारण अब रात के समय पार्क के अंदर कदम रखने की हिम्मत नहीं जुटा पाता।
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केस-3
कर्मचंद ने बताया कि सड़कों और पार्क के गेट पर कुत्तों का झुंड बैठा रहता है। ये कुत्ते राहगीरों और वाहन चालकों पर भौंकते हैं और उनके पीछे भागते हैं। इस चक्कर में कई बार बाइक और स्कूटर सवार गिरते-गिरते बचे हैं।
केस-4
विक्की ने बताया कि अक्सर इंदिरा पार्क में सैर के लिए आते हैं लेकिन यहां आवारा कुत्तों की तादाद लगातार बढ़ रही है। कोई भी इनकी सुध लेने वाला नहीं है। प्रशासन की अनदेखी के कारण यहा कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
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केस-5
अशोक ने बताया कि इंदिरा पार्क में बच्चे क्रिकेट खेलते हैं। जैसे ही बॉल लेने के लिए बच्चा भागता है, कुत्ते उन्हें काटने के लिए पीछे दौड़ पड़ते हैं। प्रशासन को चाहिए कि पार्कों में कुत्तों का प्रवेश तुरंत प्रतिबंधित किया जाए।
- समय-समय पर अभियान चलाकर कुत्तों को पकड़ा जाता है जिन पार्कों में कुत्ते हैं उन्हें वहां से हटवा दिया जाएगा।
सुनील दत्त, सीएसआई, नगर परिषद अंबाला सदर
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संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। सड़कों से सार्वजनिक पार्कों तक कुत्तों का आतंक है। हालात यह है कि पॉश इलाकों और पार्कों में टहलते समय ये कुत्ते राहगीरों को शिकार बना रहे हैं। लोगों का कहना है कि नगर परिषद और प्रशासन की ओर से कुत्तों की आबादी को नियंत्रित करने के लिए धरातल पर कोई ठोस प्रयास नजर नहीं आ रहे हैं।
कुत्तों के खौफ के कारण लोग अब पार्कों में सैर करने से कतराने लगे हैं। छावनी के इंदिरा पार्क और बारह क्रॉस रोड स्थित आंबेडकर पार्क में कुत्तों के झुंड ने स्थायी डेरा डाल लिया है। इंदिरा पार्क में भी कुत्ते मौजूद हैं, वहीं आंबेडकर पार्क के मुख्य गेट और झूलों के पास एक कुतिया और उसके छह बच्चे बैठे रहते हैं जो कभी भी हमला कर सकते हैं।
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रात को वाहन चालकों के लिए परेशानी
कुत्तों का सबसे ज्यादा डर रात के समय 12 क्रास रोड चार नंबर चौक, कुम्हार मंडी, खटीक मंडी चौक, विद्या नगर और नन्हेड़ा मार्ग पर देखने को मिलता है। जैसे ही कोई वाहन चालक यहां से गुजरता है, कुत्तों का झुंड भौंकते हुए उनके पीछे दौड़ पड़ता है। इस आपाधापी में कई चालक गिरकर चोटिल हो चुके हैं तो कई डर के मारे वाहन रोककर खड़े होने को मजबूर हैं।
केस-1
दया राम ने बताया कि चार महीने पहले बेटा सुबह पार्क में सैर करने गया था। वहां एक कुतिया ने बच्चे दिए हुए थे। जैसे ही बेटा पास से गुजरा, कुतिया ने उस पर हमला कर दिया। उसने मुश्किल से भागकर अपनी जान बचाई।
केस-2
पंकज ने बताया कि रात के समय आसपास के इलाकों के ज्यादातर कुत्ते पार्कों में ही जमा हो जाते हैं। कुत्तों के इस जमावड़े और उनके आक्रामक व्यवहार के कारण अब रात के समय पार्क के अंदर कदम रखने की हिम्मत नहीं जुटा पाता।
केस-3
कर्मचंद ने बताया कि सड़कों और पार्क के गेट पर कुत्तों का झुंड बैठा रहता है। ये कुत्ते राहगीरों और वाहन चालकों पर भौंकते हैं और उनके पीछे भागते हैं। इस चक्कर में कई बार बाइक और स्कूटर सवार गिरते-गिरते बचे हैं।
केस-4
विक्की ने बताया कि अक्सर इंदिरा पार्क में सैर के लिए आते हैं लेकिन यहां आवारा कुत्तों की तादाद लगातार बढ़ रही है। कोई भी इनकी सुध लेने वाला नहीं है। प्रशासन की अनदेखी के कारण यहा कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
केस-5
अशोक ने बताया कि इंदिरा पार्क में बच्चे क्रिकेट खेलते हैं। जैसे ही बॉल लेने के लिए बच्चा भागता है, कुत्ते उन्हें काटने के लिए पीछे दौड़ पड़ते हैं। प्रशासन को चाहिए कि पार्कों में कुत्तों का प्रवेश तुरंत प्रतिबंधित किया जाए।
- समय-समय पर अभियान चलाकर कुत्तों को पकड़ा जाता है जिन पार्कों में कुत्ते हैं उन्हें वहां से हटवा दिया जाएगा।
सुनील दत्त, सीएसआई, नगर परिषद अंबाला सदर

अंबाला छावनी के इंदिरा पार्क में बैठे कुत्ते और सैर करते लोग। संवाद