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Ambala News: अखंड ज्योत से आलोकित हुआ माता महाकाली का दरबार
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माता महाकाली का स्वरूप।
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नवरात्र के सातवें दिन शक्तिपीठों और मंदिरों में हुई मां कालरात्रि की पूजा
संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला सिटी। चैत्र नवरात्र के सातवें दिन बुधवार को शक्तिपीठों और मंदिरों में मां कालरात्रि की पूजा हुई। जैन कॉलेज रोड स्थित श्री महाकाली मां दुखभंजनी मंदिर में भक्तों ने माता रानी के रौद्र किंतु कल्याणकारी रूप का ध्यान कर निर्भयता का अभयदान मांगा। इस अवसर पर मंदिर परिसर में विशेष अखंड ज्योत समर्पित की गई, जो तीन दिनों तक निरंतर प्रकाशमान रहेगी। सप्तम नवरात्र की महत्ता बताते हुए मंदिर के मुख्य पुजारी पंडित पंकज शर्मा विशिष्ट ने पौराणिक प्रसंग साझा किए। उन्होंने बताया कि जब शुंभ-निशुंभ और रक्तबीज के आतंक से तीनों लोक त्राहि-त्राहि कर रहे थे तब देवी पार्वती ने कालरात्रि का रूप धारण किया। मां ने रक्तबीज की हर बूंद को जमीन पर गिरने से पहले पीकर उसका वध किया और अधर्म का नाश किया। गर्दभ (गधे) पर सवार मां कालरात्रि अपने भक्तों को सुरक्षा और शुभ फल प्रदान करती हैं।
मंदिर समिति द्वारा इस पावन अवसर पर सुंदर सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया गया। पंडित विशिष्ट ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में मंदिर पहुंचकर कार्यक्रमों का आनंद लें और मां भगवती का आशीर्वाद प्राप्त करें। वहीं मंदिर में सुबह 9 बजे स्वास्थ्य शिविर भी आयोजित किया गया। जिसमें 100 से अधिक लोगों ने सामान्य जांचें कराईं।
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संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला सिटी। चैत्र नवरात्र के सातवें दिन बुधवार को शक्तिपीठों और मंदिरों में मां कालरात्रि की पूजा हुई। जैन कॉलेज रोड स्थित श्री महाकाली मां दुखभंजनी मंदिर में भक्तों ने माता रानी के रौद्र किंतु कल्याणकारी रूप का ध्यान कर निर्भयता का अभयदान मांगा। इस अवसर पर मंदिर परिसर में विशेष अखंड ज्योत समर्पित की गई, जो तीन दिनों तक निरंतर प्रकाशमान रहेगी। सप्तम नवरात्र की महत्ता बताते हुए मंदिर के मुख्य पुजारी पंडित पंकज शर्मा विशिष्ट ने पौराणिक प्रसंग साझा किए। उन्होंने बताया कि जब शुंभ-निशुंभ और रक्तबीज के आतंक से तीनों लोक त्राहि-त्राहि कर रहे थे तब देवी पार्वती ने कालरात्रि का रूप धारण किया। मां ने रक्तबीज की हर बूंद को जमीन पर गिरने से पहले पीकर उसका वध किया और अधर्म का नाश किया। गर्दभ (गधे) पर सवार मां कालरात्रि अपने भक्तों को सुरक्षा और शुभ फल प्रदान करती हैं।
मंदिर समिति द्वारा इस पावन अवसर पर सुंदर सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया गया। पंडित विशिष्ट ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में मंदिर पहुंचकर कार्यक्रमों का आनंद लें और मां भगवती का आशीर्वाद प्राप्त करें। वहीं मंदिर में सुबह 9 बजे स्वास्थ्य शिविर भी आयोजित किया गया। जिसमें 100 से अधिक लोगों ने सामान्य जांचें कराईं।
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