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उल्लास : लक्ष्य से अधिक पंजीकरण कराने पर अंबाला प्रथम
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अंबाला सिटी के शिक्षा सदन पर जिला शिक्षा अधिकारी के साथ मौजूद उत्कृष्ट कार्य करने वाले शि
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- साक्षरता अभियान में 34,676 के लक्ष्य के मुकाबले 35,066 शिक्षार्थियों का किया पंजीकरण
संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। निरक्षरता उन्मूलन के लिए चलाए जा रहे उल्लास नव भारत साक्षरता कार्यक्रम में अंबाला ने प्रदेश में एक बार फिर कीर्तिमान स्थापित किया है। निर्धारित लक्ष्य से अधिक पंजीकरण कर अंबाला राज्य का इकलौता ऐसा जिला बन गया है, जिसने इस साक्षरता अभियान में ऐतिहासिक सफलता हासिल की है। इस उपलब्धि पर जिला शिक्षा सदन में समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व जिला शिक्षा अधिकारी सुधीर कालड़ा ने किया।
शिक्षा विभाग से प्राप्त आंकड़ों के मुताबिक, इस महाअभियान के तहत अंबाला जिले को 34,676 शिक्षार्थियों के पंजीकरण का लक्ष्य सौंपा गया था। जिले के समर्पित शिक्षकों, संकुल प्रमुखों और स्वयंसेवकों की मेहनत रंग लाई और अंबाला ने लक्ष्य को पीछे छोड़ते हुए कुल 35,066 शिक्षार्थियों का रिकॉर्ड पंजीकरण कर दिखाया। राज्य के अन्य जिले जहां अभी अपने लक्ष्यों को पाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं, वहीं अंबाला ने 390 से अधिक अतिरिक्त पंजीकरण कर प्रदेशभर में प्रथम स्थान पर अपना परचम लहराया है।
समारोह के दौरान चुनिंदा नेतृत्वकर्ताओं को सम्मानित किया गया। जिला शिक्षा अधिकारी सुधीर कालड़ा ने उत्कृष्ट कार्य करने वाली खंड शिक्षा अधिकारी अंबाला-2 शैलजा तथा 450 से अधिक शिक्षार्थियों का पंजीकरण सुनिश्चित करने वाले 26 संकुल प्रमुखों को प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया।
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इन संकुल प्रमुखों के पास कमान
अभियान को सिरे चढ़ाने वाले व सम्मानित होने वाले प्रमुख संकुलों में सरकारी वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय शाहपुर, नारायणगढ़, कांवला, बल्लाना, सपेहड़ा, गधौली, पंजोखरा, बोह, धनौड़ा, मोहड़ा, थम्बड़, अधोया, बकरा मार्केट, पसियाला, तंदवाल, बीसी बाजार, छप्परा, बब्याल, नग्गल, सुल्तानपुर और लाहा। पीएम श्री जीएसएसएस पतरेहड़ी, दुराना और साहा सहित जीएमएसएसएस समलेहरी और मोहड़ी व भानोखेड़ी के संकुल प्रमुख शामिल रहे। जिला शिक्षा अधिकारी सुधीर कालड़ा ने कहा कि शिक्षा केवल चार दीवारों तक सीमित नहीं है, बल्कि हर निरक्षर नागरिक तक ज्ञान की अलख जगाना हमारा मुख्य सामाजिक दायित्व है। यह सफलता किसी एक की नहीं, बल्कि पूरे अंबाला के शिक्षा परिवार और समाज की सामूहिक जीत है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। निरक्षरता उन्मूलन के लिए चलाए जा रहे उल्लास नव भारत साक्षरता कार्यक्रम में अंबाला ने प्रदेश में एक बार फिर कीर्तिमान स्थापित किया है। निर्धारित लक्ष्य से अधिक पंजीकरण कर अंबाला राज्य का इकलौता ऐसा जिला बन गया है, जिसने इस साक्षरता अभियान में ऐतिहासिक सफलता हासिल की है। इस उपलब्धि पर जिला शिक्षा सदन में समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व जिला शिक्षा अधिकारी सुधीर कालड़ा ने किया।
शिक्षा विभाग से प्राप्त आंकड़ों के मुताबिक, इस महाअभियान के तहत अंबाला जिले को 34,676 शिक्षार्थियों के पंजीकरण का लक्ष्य सौंपा गया था। जिले के समर्पित शिक्षकों, संकुल प्रमुखों और स्वयंसेवकों की मेहनत रंग लाई और अंबाला ने लक्ष्य को पीछे छोड़ते हुए कुल 35,066 शिक्षार्थियों का रिकॉर्ड पंजीकरण कर दिखाया। राज्य के अन्य जिले जहां अभी अपने लक्ष्यों को पाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं, वहीं अंबाला ने 390 से अधिक अतिरिक्त पंजीकरण कर प्रदेशभर में प्रथम स्थान पर अपना परचम लहराया है।
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समारोह के दौरान चुनिंदा नेतृत्वकर्ताओं को सम्मानित किया गया। जिला शिक्षा अधिकारी सुधीर कालड़ा ने उत्कृष्ट कार्य करने वाली खंड शिक्षा अधिकारी अंबाला-2 शैलजा तथा 450 से अधिक शिक्षार्थियों का पंजीकरण सुनिश्चित करने वाले 26 संकुल प्रमुखों को प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया।
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इन संकुल प्रमुखों के पास कमान
अभियान को सिरे चढ़ाने वाले व सम्मानित होने वाले प्रमुख संकुलों में सरकारी वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय शाहपुर, नारायणगढ़, कांवला, बल्लाना, सपेहड़ा, गधौली, पंजोखरा, बोह, धनौड़ा, मोहड़ा, थम्बड़, अधोया, बकरा मार्केट, पसियाला, तंदवाल, बीसी बाजार, छप्परा, बब्याल, नग्गल, सुल्तानपुर और लाहा। पीएम श्री जीएसएसएस पतरेहड़ी, दुराना और साहा सहित जीएमएसएसएस समलेहरी और मोहड़ी व भानोखेड़ी के संकुल प्रमुख शामिल रहे। जिला शिक्षा अधिकारी सुधीर कालड़ा ने कहा कि शिक्षा केवल चार दीवारों तक सीमित नहीं है, बल्कि हर निरक्षर नागरिक तक ज्ञान की अलख जगाना हमारा मुख्य सामाजिक दायित्व है। यह सफलता किसी एक की नहीं, बल्कि पूरे अंबाला के शिक्षा परिवार और समाज की सामूहिक जीत है।