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सतगुरु की शरण में जाने से ही जीवन सार्थक : स्वामी ज्ञान
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अंबाला सिटी के मंडौर गांव में आयोजित संत सम्मेलन में प्रवचन सुनती साध-संगत। प्रवक्ता
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आदि धर्म मंडल के शताब्दी वर्ष पर हुआ संत सम्मेलन
संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला सिटी। आदि धर्म मंडल के 100 वर्ष पूरे होने और संत शिरोमणि गुरु रविदास महाराज के प्रकट दिवस के उपलक्ष्य में मंडौर गांव में कार्यक्रम हुआ। इस दौरान दो दिवसीय संत सम्मेलन का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम महात्मा प्रवीन मंडौर की अगुवाई में हुआ। इसमें भंडारा, प्रवचन और कीर्तन दरबार सजाया गया।
मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे महामंडलेश्वर स्वामी ज्ञान नाथ महाराज ने संत रविदास की अमृतमयी वाणी का स्मरण कराते हुए कहा कि बाहरी तीर्थों में भटकने के बजाय आत्म-बोध और ब्रह्मनिष्ठ सतगुरु की शरण में जाने से ही जीवन सार्थक होता है।
कार्यक्रम में ऑल इंडिया आदि धर्म मिशन भारत के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष संत सुरेंद्र दास महाराज, हरियाणा प्रदेश अध्यक्ष संत पृथ्वी सिंह मस्ताना, महासचिव संत अशोकानंद सरस्वती समेत कई दिग्गज संतों ने शिरकत की। इस दौरान मिशन के शीर्ष नेतृत्व के आदेशानुसार श्रीश्री 1008 महामंडलेश्वर एडवोकेट सतगुरु स्वामी ज्ञान नाथ महाराज को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। इसके साथ ही उन्हें हरियाणा प्रदेश में जन कल्याण प्रचार-प्रसार की अहम जिम्मेदारी सौंपी गई।
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मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे महामंडलेश्वर स्वामी ज्ञान नाथ महाराज ने संत रविदास की अमृतमयी वाणी का स्मरण कराते हुए उन्होंने कहा कि बाहरी तीर्थों में भटकने के बजाय आत्म-बोध और ब्रह्मनिष्ठ सतगुरु की शरण में जाने से ही जीवन सार्थक होता है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला सिटी। आदि धर्म मंडल के 100 वर्ष पूरे होने और संत शिरोमणि गुरु रविदास महाराज के प्रकट दिवस के उपलक्ष्य में मंडौर गांव में कार्यक्रम हुआ। इस दौरान दो दिवसीय संत सम्मेलन का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम महात्मा प्रवीन मंडौर की अगुवाई में हुआ। इसमें भंडारा, प्रवचन और कीर्तन दरबार सजाया गया।
मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे महामंडलेश्वर स्वामी ज्ञान नाथ महाराज ने संत रविदास की अमृतमयी वाणी का स्मरण कराते हुए कहा कि बाहरी तीर्थों में भटकने के बजाय आत्म-बोध और ब्रह्मनिष्ठ सतगुरु की शरण में जाने से ही जीवन सार्थक होता है।
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कार्यक्रम में ऑल इंडिया आदि धर्म मिशन भारत के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष संत सुरेंद्र दास महाराज, हरियाणा प्रदेश अध्यक्ष संत पृथ्वी सिंह मस्ताना, महासचिव संत अशोकानंद सरस्वती समेत कई दिग्गज संतों ने शिरकत की। इस दौरान मिशन के शीर्ष नेतृत्व के आदेशानुसार श्रीश्री 1008 महामंडलेश्वर एडवोकेट सतगुरु स्वामी ज्ञान नाथ महाराज को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। इसके साथ ही उन्हें हरियाणा प्रदेश में जन कल्याण प्रचार-प्रसार की अहम जिम्मेदारी सौंपी गई।
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मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे महामंडलेश्वर स्वामी ज्ञान नाथ महाराज ने संत रविदास की अमृतमयी वाणी का स्मरण कराते हुए उन्होंने कहा कि बाहरी तीर्थों में भटकने के बजाय आत्म-बोध और ब्रह्मनिष्ठ सतगुरु की शरण में जाने से ही जीवन सार्थक होता है।