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Ambala News: यूरोप भेजने के नाम पर 10 लाख रुपये ठगे
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अंबाला। यूरोप के सायप्रस भेजने के नाम पर नडियाली गांव निवासी जगतार पुरी से 10 लाख रुपये की ठगी की गई। आरोप है कि अमृतसर के एक दंपती से संपर्क किया था। शातिर ने फर्जी वीजा देकर दिल्ली एयरपोर्ट पर ही फंसा दिया। अंबाला सिटी थाना पुलिस ने आरोपी हरदेव सिंह व उनकी पत्नी प्रदीप कौर बाजवा पर प्राथमिकी दर्ज कर ली।
पुलिस को दी तहरीर में नडियाली गांव निवासी जगतार पुरी ने बताया कि उसने फेसबुक पर विदेश भेजने से संबंधित एक विज्ञापन देखा था। संपर्क करने पर मोरेकलां निवासी हरदेव सिंह और उसकी पत्नी प्रदीप कौर बाजवा ने दावा किया कि वह बेरोजगारों को विदेश में अच्छी कंपनियों में नौकरी दिलवाते हैं, जहां 2 से 2.5 लाख रुपये महीना आसानी से कमाया जा सकता है।
झांसे में आकर अपने दोस्त गुरचरण के भाई दीपक कुमार को सायप्रस भेजने का सौदा 10 लाख रुपये में तय कर लिया। 22 नवंबर 2025 से 13 फरवरी 2026 के बीच आरोपियों के गूगल पे और बैंक खातों में किश्तों में 5.50 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। 25 मार्च को आरोपियों ने बाकी के 4.50 लाख रुपये नकद लेने के लिए उन्हें दिल्ली बुलाया व व्हाट्सएप पर लोकेशन शेयर कर पैसे ले लिए।
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एक महीने तक जांच प्रक्रिया में फंसा रहा युवक
जगतार का आरोप है कि पैसे लेने के बाद आरोपियों ने फर्जी वीजा और टिकट थमा दिया। पहली बार में टिकट फर्जी निकलने पर आरोपियों ने दोबारा टिकट देने का नाटक किया। 27 मार्च का वीजा देकर जब दीपक को दिल्ली एयरपोर्ट भेजा गया तो इमिग्रेशन चेकिंग के दौरान वीजा और दस्तावेज फर्जी पाए गए। इसके चलते इमिग्रेशन अधिकारियों ने दीपक को वहीं रोक लिया और वह लगभग एक महीने तक एयरपोर्ट की जांच प्रक्रियाओं में फंसा रहा।
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पुलिस को दी तहरीर में नडियाली गांव निवासी जगतार पुरी ने बताया कि उसने फेसबुक पर विदेश भेजने से संबंधित एक विज्ञापन देखा था। संपर्क करने पर मोरेकलां निवासी हरदेव सिंह और उसकी पत्नी प्रदीप कौर बाजवा ने दावा किया कि वह बेरोजगारों को विदेश में अच्छी कंपनियों में नौकरी दिलवाते हैं, जहां 2 से 2.5 लाख रुपये महीना आसानी से कमाया जा सकता है।
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झांसे में आकर अपने दोस्त गुरचरण के भाई दीपक कुमार को सायप्रस भेजने का सौदा 10 लाख रुपये में तय कर लिया। 22 नवंबर 2025 से 13 फरवरी 2026 के बीच आरोपियों के गूगल पे और बैंक खातों में किश्तों में 5.50 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। 25 मार्च को आरोपियों ने बाकी के 4.50 लाख रुपये नकद लेने के लिए उन्हें दिल्ली बुलाया व व्हाट्सएप पर लोकेशन शेयर कर पैसे ले लिए।
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एक महीने तक जांच प्रक्रिया में फंसा रहा युवक
जगतार का आरोप है कि पैसे लेने के बाद आरोपियों ने फर्जी वीजा और टिकट थमा दिया। पहली बार में टिकट फर्जी निकलने पर आरोपियों ने दोबारा टिकट देने का नाटक किया। 27 मार्च का वीजा देकर जब दीपक को दिल्ली एयरपोर्ट भेजा गया तो इमिग्रेशन चेकिंग के दौरान वीजा और दस्तावेज फर्जी पाए गए। इसके चलते इमिग्रेशन अधिकारियों ने दीपक को वहीं रोक लिया और वह लगभग एक महीने तक एयरपोर्ट की जांच प्रक्रियाओं में फंसा रहा।