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Ambala News: रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम पर 24 लाख रुपये ठगे
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मुलाना। रेलवे में टिकट कलेक्टर के पद पर सरकारी नौकरी लगवाने का झांसा देकर सौरभ चौहान से 24 लाख रुपये की ठगी हो गई। आरोपियों ने पीड़ित को फर्जी आईडी कार्ड, नियुक्ति पत्र व प्रशिक्षण पत्र देकर कई महीनों तक बंगाल व झारखंड के होटलों में ठहराए रखा।
आर्थिक अपराध शाखा की जांच के बाद थाना मुलाना पुलिस ने यमुनानगर निवासी बलकार सिंह व पश्चिम बंगाल निवासी राजू सिंह व मनीष कुमार राय पर प्राथमिकी दर्ज कर ली। पीड़ित सौरभ चौहान ने बताया था कि फरवरी 2025 में गांव रसूलपुर में ऑनलाइन शेयर मार्केट के सिलसिले में एक मीटिंग हुई थी।
वहां उसकी मुलाकात यमुनानगर के महमूदपुर निवासी बलकार सिंह से हुई। बलकार ने दावा किया था कि उसकी रेलवे में अच्छी पहुंच है और वह पहले भी कई लोगों को सरकारी नौकरी लगवा चुका है। आरोपी को 24 लाख रुपये दे दिए थे। फर्जी आईडी कार्ड और दस्तावेज थमाकर ट्रेनिंग के नाम पर पीड़ित को पश्चिम बंगाल और झारखंड भेज दिया।
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नियुक्ति के लिए भेजा था धनबाद
सौरभ का आरोप है कि लगभग 8-9 महीने बंगाल के सेवन-सेवन टी व झारखंड के कीर्तिमान होटल में रुकता रहा, जिसका पूरा खर्चा उसने खुद उठाया। इसी दौरान बलकार ने उसकी पहचान अपने साथी पश्चिम बंगाल निवासी राजू सिंह व मनीष कुमार राय से करवाई। पैसे लेने के बाद जब आरोपियों ने टिकट कलेक्टर पद का नियुक्ति पत्र व सर्विस रिकॉर्ड थमाया तो वह नियुक्ति के लिए झारखंड धनबाद के भुली रेलवे सेंटर पहुंचा। वहां अधिकारियों को दस्तावेज दिखाने पर पता चला कि सभी कागजात फर्जी और जाली हैं। ठगी का अहसास होने पर जब पीड़ित ने मार्च 2026 में पैसे वापस मांगे तो आरोपियों ने फोन उठाना बंद कर दिया।
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आर्थिक अपराध शाखा की जांच के बाद थाना मुलाना पुलिस ने यमुनानगर निवासी बलकार सिंह व पश्चिम बंगाल निवासी राजू सिंह व मनीष कुमार राय पर प्राथमिकी दर्ज कर ली। पीड़ित सौरभ चौहान ने बताया था कि फरवरी 2025 में गांव रसूलपुर में ऑनलाइन शेयर मार्केट के सिलसिले में एक मीटिंग हुई थी।
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वहां उसकी मुलाकात यमुनानगर के महमूदपुर निवासी बलकार सिंह से हुई। बलकार ने दावा किया था कि उसकी रेलवे में अच्छी पहुंच है और वह पहले भी कई लोगों को सरकारी नौकरी लगवा चुका है। आरोपी को 24 लाख रुपये दे दिए थे। फर्जी आईडी कार्ड और दस्तावेज थमाकर ट्रेनिंग के नाम पर पीड़ित को पश्चिम बंगाल और झारखंड भेज दिया।
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नियुक्ति के लिए भेजा था धनबाद
सौरभ का आरोप है कि लगभग 8-9 महीने बंगाल के सेवन-सेवन टी व झारखंड के कीर्तिमान होटल में रुकता रहा, जिसका पूरा खर्चा उसने खुद उठाया। इसी दौरान बलकार ने उसकी पहचान अपने साथी पश्चिम बंगाल निवासी राजू सिंह व मनीष कुमार राय से करवाई। पैसे लेने के बाद जब आरोपियों ने टिकट कलेक्टर पद का नियुक्ति पत्र व सर्विस रिकॉर्ड थमाया तो वह नियुक्ति के लिए झारखंड धनबाद के भुली रेलवे सेंटर पहुंचा। वहां अधिकारियों को दस्तावेज दिखाने पर पता चला कि सभी कागजात फर्जी और जाली हैं। ठगी का अहसास होने पर जब पीड़ित ने मार्च 2026 में पैसे वापस मांगे तो आरोपियों ने फोन उठाना बंद कर दिया।