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Ambala News: छह मिलीमीटर बारिश ने लुढ़का दिन का तापमान, खेतों में बिछी गेहूं की फसल
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जलबेड़ा में बारिश के कारण गिरी गेहूं की फसल। संवाद
- फोटो : samvad
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अंबाला सिटी। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव ने मौसम को पूरी तरह से बदल दिया है। शुक्रवार को छह एमएम बारिश के कारण धूप नहीं निकली। दिनभर चली बारिश से दिन के तापमान में भारी कमी आई है तो किसानों को भी नुकसान पहुंचा है। अंबाला में अधिकतम तापमान सामान्य से 10 डिग्री गिरकर 18.5 डिग्री सेल्सियस पर रहा। वहीं न्यूनतम तापमान दो डिग्री कम होकर 16.6 डिग्री सेल्सियस रहा। 13 मार्च के बाद से दिन के तापमान में शुक्रवार को सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। मौसम के बदलाव से लोगों ने एक बार फिर से सर्दी के कपड़े निकाल लिए हैं। वहीं दिन में सात घंटे हुई हल्की बारिश से कुछ अंडरब्रिजों में पानी भर गया। जलभराव के हालात भी बन गए, इसके साथ ही गेहूं की फसल खेतों में बिछ गई और मंडी में सुखाने के लिए खुले में रखी सरसों की फसल में भी नमी आ गई।
अनाज मंडी में भीगी सरसों, सुखाने की कोशिश
दो दिनों से रुक-रुक कर हो रही बारिश के कारण अनाज मंडी में सरसों भीग गई है। इसके चलते किसानों ने बारिश में भीगी हुई सरसों को अनाज मंडी में बने शेड के नीचे गिरा दिया था। शुक्रवार सुबह से ही पल्लेदार लकड़ी के फावड़ों के साथ इसे सुखाने में लगे हुए हैं। हालांकि मंडी में आए हुए अनाज को बारिश आदि से बचाने की जिम्मेदारी मार्केट कमेटी व आढ़तियों की बनती है। किसान राजेश कुमार, मनजीत सिंह, रणजीत सिंह आदि ने खराब मौसम के चलते अपनी सरसों को घर पर ही लगा रखा था। उनका कहना है कि जैसे ही मौसम साफ होगा, वैसे ही वह उसे मंडी में बिक्री के लिए ले जाएंगे। सरसों की सरकारी खरीद 27 मार्च से शुरू होने वाली है। किसान इस बार निजी तौर पर ही सरसों बेचना पसंद कर रहे हैं, जबकि उन्हें प्रति क्विंटल रेट भी का मिल रहा है। उनका कहना है कि निजी सरसों बेचकर उन्हें तुरंत ही पैसे मिल जाते हैं।
ठंडक वरदान, लेकिन बारिश से नुकसान
दूसरी ओर बारिश के कारण खेतों में खड़ी गेहूं की फसल भी खेतों में बिछ गई है। मौसम विभाग के अनुसार अभी 22 तक आंधी व बारिश होने के आसार हैं। इसे लेकर किसान चिंतित हैं। उनका कहना है कि गेहूं के इस समय में ठंडक तो गेहूं के लिए वरदान है लेकिन बारिश नुकसान कर सकती है। आंधी तूफान के चलते गेहूं का पौधा धरती पर बिछ जाएगा। इसके चलते गेहूं के पौधे की जड़ें हिलने से उसका दाना बारीक होगा। इसका सीधा असर पैदावार पर पड़ेगा।
किसान संतराम अमरजीत सिंह बलराम सिंह आदि ने बताया कि वैसे तो गेहूं यदि सही तरीके से पक जाए तो प्रति एकड़ 20 से 28 क्विंटल भी हो सकते हैं, लेकिन वर्तमान में जो मौसम चल रहा है। ऐसे में वह 20 क्विंटल से कम ही होगी। 1 अप्रैल गेहूं की सरकारी खरीद शुरू होगी। इसमें अभी 11 दिन बाकी हैं। लेकिन गेहूं अभी अधपकी स्टेज से भी नीचे है। पिछले एक माह से कभी तापमान ज्यादा है, कभी कम हो रहा है। ऐसे में गेहूं के प्रति एकड़ पैदावार कम होने की संभावना है।
22 मार्च तक मौसम परिवर्तनशील
चाैधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के कृषि मौसम विज्ञान विभाग के अध्यक्ष डॉ. मदन खीचड़ ने बताया कि राज्य में 22 मार्च तक मौसम आमतौर पर परिवर्तनशील रहने की संभावना है। इस दौरान पश्चिमी विक्षोभ के आंशिक प्रभाव से राज्य के मौसम में बदलाव आने की संभावना है, जिससे 21 मार्च तक राज्य में आंशिक बादल तथा हल्की से मध्यम गति से हवाएं चल सकती हैं, कहीं कहीं गरज चमक के साथ बूंदाबांदी या हल्की बारिश हो सकती है। इस दौरान कुछ एक स्थानों पर तेज बारिश की भी संभावना है। इस दौरान बीच बीच में हवाओं में बदलाव आने से दिन के तापमान में गिरावट व रात्रि तापमान में हल्की बढ़ोतरी होने की संभावना है।
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अनाज मंडी में भीगी सरसों, सुखाने की कोशिश
दो दिनों से रुक-रुक कर हो रही बारिश के कारण अनाज मंडी में सरसों भीग गई है। इसके चलते किसानों ने बारिश में भीगी हुई सरसों को अनाज मंडी में बने शेड के नीचे गिरा दिया था। शुक्रवार सुबह से ही पल्लेदार लकड़ी के फावड़ों के साथ इसे सुखाने में लगे हुए हैं। हालांकि मंडी में आए हुए अनाज को बारिश आदि से बचाने की जिम्मेदारी मार्केट कमेटी व आढ़तियों की बनती है। किसान राजेश कुमार, मनजीत सिंह, रणजीत सिंह आदि ने खराब मौसम के चलते अपनी सरसों को घर पर ही लगा रखा था। उनका कहना है कि जैसे ही मौसम साफ होगा, वैसे ही वह उसे मंडी में बिक्री के लिए ले जाएंगे। सरसों की सरकारी खरीद 27 मार्च से शुरू होने वाली है। किसान इस बार निजी तौर पर ही सरसों बेचना पसंद कर रहे हैं, जबकि उन्हें प्रति क्विंटल रेट भी का मिल रहा है। उनका कहना है कि निजी सरसों बेचकर उन्हें तुरंत ही पैसे मिल जाते हैं।
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ठंडक वरदान, लेकिन बारिश से नुकसान
दूसरी ओर बारिश के कारण खेतों में खड़ी गेहूं की फसल भी खेतों में बिछ गई है। मौसम विभाग के अनुसार अभी 22 तक आंधी व बारिश होने के आसार हैं। इसे लेकर किसान चिंतित हैं। उनका कहना है कि गेहूं के इस समय में ठंडक तो गेहूं के लिए वरदान है लेकिन बारिश नुकसान कर सकती है। आंधी तूफान के चलते गेहूं का पौधा धरती पर बिछ जाएगा। इसके चलते गेहूं के पौधे की जड़ें हिलने से उसका दाना बारीक होगा। इसका सीधा असर पैदावार पर पड़ेगा।
किसान संतराम अमरजीत सिंह बलराम सिंह आदि ने बताया कि वैसे तो गेहूं यदि सही तरीके से पक जाए तो प्रति एकड़ 20 से 28 क्विंटल भी हो सकते हैं, लेकिन वर्तमान में जो मौसम चल रहा है। ऐसे में वह 20 क्विंटल से कम ही होगी। 1 अप्रैल गेहूं की सरकारी खरीद शुरू होगी। इसमें अभी 11 दिन बाकी हैं। लेकिन गेहूं अभी अधपकी स्टेज से भी नीचे है। पिछले एक माह से कभी तापमान ज्यादा है, कभी कम हो रहा है। ऐसे में गेहूं के प्रति एकड़ पैदावार कम होने की संभावना है।
22 मार्च तक मौसम परिवर्तनशील
चाैधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के कृषि मौसम विज्ञान विभाग के अध्यक्ष डॉ. मदन खीचड़ ने बताया कि राज्य में 22 मार्च तक मौसम आमतौर पर परिवर्तनशील रहने की संभावना है। इस दौरान पश्चिमी विक्षोभ के आंशिक प्रभाव से राज्य के मौसम में बदलाव आने की संभावना है, जिससे 21 मार्च तक राज्य में आंशिक बादल तथा हल्की से मध्यम गति से हवाएं चल सकती हैं, कहीं कहीं गरज चमक के साथ बूंदाबांदी या हल्की बारिश हो सकती है। इस दौरान कुछ एक स्थानों पर तेज बारिश की भी संभावना है। इस दौरान बीच बीच में हवाओं में बदलाव आने से दिन के तापमान में गिरावट व रात्रि तापमान में हल्की बढ़ोतरी होने की संभावना है।

जलबेड़ा में बारिश के कारण गिरी गेहूं की फसल। संवाद- फोटो : samvad