{"_id":"6ad505ea3d18534b750d4d8a","slug":"15-lakh-quintals-of-pearl-millet-bajra-procured-at-the-mandi-70-lifted-bhiwani-news-c-125-1-shsr1009-158915-2026-10-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bhiwani News: मंडी में डेढ़ लाख क्विंटल बाजरा की खरीद, 70 फीसदी उठान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bhiwani News: मंडी में डेढ़ लाख क्विंटल बाजरा की खरीद, 70 फीसदी उठान
विज्ञापन
नई अनाज मंडी में बाजरा की खरीद के बाद कट्टों में की गई भराई।
भिवानी। जिला मुख्यालय की मंडी में अब तक करीब डेढ़ लाख क्विंटल बाजरा की निजी खरीद हो चुकी है जिसमें से लगभग 70 फीसदी उठान पूरा हो चुका है। रविवार को खरीद नहीं हुई लेकिन कुछ किसान बाजरा लेकर मंडी पहुंचे।
सोमवार से निजी खरीद नियमित रूप से शुरू होगी और करीब सप्ताहभर में आवक पूरी होने की उम्मीद है। फिलहाल किसानों को बाजरे का भाव 2350 से 2370 रुपये प्रति क्विंटल मिल रहा है। सरकार ने बाजरे का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 2900 रुपये प्रति क्विंटल तय किया है जबकि भावांतर भरपाई योजना के तहत 600 रुपये प्रति क्विंटल का लाभ निर्धारित है। मौजूदा बाजार भाव और एमएसपी के अंतर के हिसाब से किसानों को करीब 70 रुपये प्रति क्विंटल का फायदा मिल रहा है।
भिवानी मंडी सहित ग्रामीण मंडियों में अधिकांश बाजरे की आवक हो चुकी है। इसके बावजूद जिला मुख्यालय की मंडी में रोजाना करीब साढ़े तीन से चार हजार क्विंटल बाजरा पहुंच रहा है और उसकी निजी बोली कराई जा रही है। दी ग्रेन मर्चेंट एसोसिएशन के प्रधान नरेश बंसल उर्फ भूरु ने बताया कि खरीदे गए बाजरे में से करीब 70 फीसदी उठान हो चुकी है। उठान के साथ किसानों के खातों में भुगतान भी पहुंचने लगा है।
विज्ञापन
व्यापारियों ने किया निजी गोदामों में बाजरे का भंडारण
जिला मुख्यालय की मंडी से खरीदा जा रहा बाजरा व्यापारी निजी गोदामों में भंडारित कर रहे हैं। खरीद के दौरान बाजरे की निजी बोली में कुछ उछाल भी आया है। अच्छी गुणवत्ता वाला बाजरा मिलने से व्यापारियों को लाभ मिल रहा है। इस बाजरे का ज्यादातर इस्तेमाल मुर्गी फार्मों में फीड तैयार करने के लिए किया जाएगा जबकि व्यापारी इसे दूसरे राज्यों में भी बेच सकते हैं।
विज्ञापन
सोमवार से निजी खरीद नियमित रूप से शुरू होगी और करीब सप्ताहभर में आवक पूरी होने की उम्मीद है। फिलहाल किसानों को बाजरे का भाव 2350 से 2370 रुपये प्रति क्विंटल मिल रहा है। सरकार ने बाजरे का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 2900 रुपये प्रति क्विंटल तय किया है जबकि भावांतर भरपाई योजना के तहत 600 रुपये प्रति क्विंटल का लाभ निर्धारित है। मौजूदा बाजार भाव और एमएसपी के अंतर के हिसाब से किसानों को करीब 70 रुपये प्रति क्विंटल का फायदा मिल रहा है।
विज्ञापन
भिवानी मंडी सहित ग्रामीण मंडियों में अधिकांश बाजरे की आवक हो चुकी है। इसके बावजूद जिला मुख्यालय की मंडी में रोजाना करीब साढ़े तीन से चार हजार क्विंटल बाजरा पहुंच रहा है और उसकी निजी बोली कराई जा रही है। दी ग्रेन मर्चेंट एसोसिएशन के प्रधान नरेश बंसल उर्फ भूरु ने बताया कि खरीदे गए बाजरे में से करीब 70 फीसदी उठान हो चुकी है। उठान के साथ किसानों के खातों में भुगतान भी पहुंचने लगा है।
विज्ञापन
व्यापारियों ने किया निजी गोदामों में बाजरे का भंडारण
जिला मुख्यालय की मंडी से खरीदा जा रहा बाजरा व्यापारी निजी गोदामों में भंडारित कर रहे हैं। खरीद के दौरान बाजरे की निजी बोली में कुछ उछाल भी आया है। अच्छी गुणवत्ता वाला बाजरा मिलने से व्यापारियों को लाभ मिल रहा है। इस बाजरे का ज्यादातर इस्तेमाल मुर्गी फार्मों में फीड तैयार करने के लिए किया जाएगा जबकि व्यापारी इसे दूसरे राज्यों में भी बेच सकते हैं।