{"_id":"69f65a3e3bea1c9a3906d979","slug":"allegations-of-using-substandard-material-construction-of-boundary-wall-of-sc-chaupal-stopped-bhiwani-news-c-125-1-bwn1002-150567-2026-05-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bhiwani News: घटिया सामग्री लगाने का आरोप, एससी चौपाल की चहारदीवारी का निर्माण रुकवाया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bhiwani News: घटिया सामग्री लगाने का आरोप, एससी चौपाल की चहारदीवारी का निर्माण रुकवाया
विज्ञापन
टिया सामग्री का आरोप लगाकर ग्रामीण द्वारा रुकवाया गया चहारदीवारी का काम।
विज्ञापन
जूई। गांव जूई बिचली में एससी चौपाल की चहारदीवारी और मुख्य गेट निर्माण कार्य को ग्रामीणों ने घटिया सामग्री इस्तेमाल करने के आरोप लगाते हुए शनिवार को रुकवा दिया। ग्रामीणों ने ठेकेदार पर निर्माण कार्य में नियमों की अनदेखी और सरकारी धन के दुरुपयोग के आरोप लगाए हैं।
ग्रामीणों के अनुसार करीब पांच लाख रुपये की लागत से चौपाल की चहारदीवारी और मुख्य गेट का निर्माण कराया जाना है लेकिन निर्माण में पुराने निर्माण की ईंटों का दोबारा इस्तेमाल किया जा रहा है। आरोप है कि लगभग 20 वर्ष पहले बनी पुरानी दीवार की ईंटों को निकालकर पुन लगाया जा रहा है जिससे निर्माण गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
ग्रामीण सुरेंद्र मोरवाल, बीडीसी सदस्य सुखेंद्र खरेरा, राकेश मोरवाल, अनिल मास्टर, कुलदीप दहिया, प्रदीप मोरवाल, राकेश सोलंकी, सुरेश सोलंकी, मुन्नू मोरवाल, पूर्व सरपंच जगदीश, पूर्व मेंबर संजय, अनिल मोरवाल, वीरेंद्र मोरवाल, कृष्णा, धर्मवीर, सत्यवान, प्रकाश, शीशराम और महेंद्र मोरवाल ने बताया कि निर्माण कार्य में न तो नींव सही तरीके से खोदी गई है और न ही दीवार में डीपीसी (डैम्प प्रूफ कोर्स) डाली गई है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि निर्माण कार्य पूरी तरह मानकों के विपरीत किया जा रहा है जिससे चहारदीवारी की मजबूती और स्थायित्व पर प्रश्नचिह्न लग गया है। उन्होंने संबंधित विभागीय अधिकारियों से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
पंचायत विभाग के एसडीओ ने कहा कि मामला अभी उनके संज्ञान में नहीं है लेकिन शिकायत मिलने पर जांच कराई जाएगी और दोषी पाए जाने पर उचित कार्रवाई की जाएगी। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि निर्माण कार्य की गुणवत्ता में शीघ्र सुधार नहीं किया गया और मामले की जांच नहीं हुई तो वे बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
Trending Videos
ग्रामीणों के अनुसार करीब पांच लाख रुपये की लागत से चौपाल की चहारदीवारी और मुख्य गेट का निर्माण कराया जाना है लेकिन निर्माण में पुराने निर्माण की ईंटों का दोबारा इस्तेमाल किया जा रहा है। आरोप है कि लगभग 20 वर्ष पहले बनी पुरानी दीवार की ईंटों को निकालकर पुन लगाया जा रहा है जिससे निर्माण गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
ग्रामीण सुरेंद्र मोरवाल, बीडीसी सदस्य सुखेंद्र खरेरा, राकेश मोरवाल, अनिल मास्टर, कुलदीप दहिया, प्रदीप मोरवाल, राकेश सोलंकी, सुरेश सोलंकी, मुन्नू मोरवाल, पूर्व सरपंच जगदीश, पूर्व मेंबर संजय, अनिल मोरवाल, वीरेंद्र मोरवाल, कृष्णा, धर्मवीर, सत्यवान, प्रकाश, शीशराम और महेंद्र मोरवाल ने बताया कि निर्माण कार्य में न तो नींव सही तरीके से खोदी गई है और न ही दीवार में डीपीसी (डैम्प प्रूफ कोर्स) डाली गई है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि निर्माण कार्य पूरी तरह मानकों के विपरीत किया जा रहा है जिससे चहारदीवारी की मजबूती और स्थायित्व पर प्रश्नचिह्न लग गया है। उन्होंने संबंधित विभागीय अधिकारियों से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
पंचायत विभाग के एसडीओ ने कहा कि मामला अभी उनके संज्ञान में नहीं है लेकिन शिकायत मिलने पर जांच कराई जाएगी और दोषी पाए जाने पर उचित कार्रवाई की जाएगी। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि निर्माण कार्य की गुणवत्ता में शीघ्र सुधार नहीं किया गया और मामले की जांच नहीं हुई तो वे बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
