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Bhiwani News: सफाई कर्मचारियों की हड़ताल से शहर बेहाल, तीन दिन में 300 टन कूड़ा जमा
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नगर परिषद कार्यालय के बाहर धरने पर बैठे सफाई कर्मचारी।
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भिवानी। मांगों को लेकर सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के चलते शहर में तीन दिन के भीतर करीब 300 टन कूड़ा जमा हो गया है। नगर परिषद के 275 सफाई कर्मचारी रविवार को भी हड़ताल पर रहे जिससे शहर की सफाई व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई और जगह-जगह कूड़े के ढेर लग गए।
शहर में प्रतिदिन लगभग 100 टन कूड़े की उठान होती है लेकिन लगातार तीन दिन तक सफाई कार्य ठप रहने के कारण विभिन्न क्षेत्रों में कूड़े का भारी जमाव हो गया। इससे आमजन को बदबू और गंदगी के कारण भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
नगरपालिका कर्मचारी संघ हरियाणा के आह्वान पर नगरपालिकाओं, नगर परिषदों और नगर निगमों के हजारों कर्मचारी हड़ताल पर हैं। हड़ताल के कारण शहर में सफाई व्यवस्था, सीवर रखरखाव और कार्यालयी कार्य पूरी तरह प्रभावित हो गए हैं।
रविवार को सफाई कर्मचारी नगर परिषद कार्यालय के बाहर धरने पर बैठे और प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। कर्मचारियों ने सरकार पर वादाखिलाफी और कर्मचारी विरोधी रवैया अपनाने का आरोप लगाया। प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए नगर पालिका कर्मचारी संघ के प्रदेश सचिव पुरुषोत्तम दानव ने कहा कि सरकार और संघ के बीच कई दौर की वार्ता हो चुकी है लेकिन मानी गई मांगों को लागू नहीं किया जा रहा।
उन्होंने कहा कि वर्ष 1997 से 2026 तक सफाई और सीवर कर्मचारियों की कोई स्थायी भर्ती नहीं की गई। ठेका प्रथा समाप्त करने के बजाय सरकार ने हरियाणा कौशल रोजगार निगम के माध्यम से कर्मचारियों को भ्रमित किया है।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि जब तक 22 सूत्रीय मांगों का समाधान नहीं होगा आंदोलन जारी रहेगा। संघ की प्रमुख मांगों में ड्यूटी के दौरान जान गंवाने वाले कर्मचारियों रणवीर और भवीचंद को शहीद का दर्जा देना तथा उनके परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये की सहायता राशि प्रदान करना शामिल है।
नगर परिषद सफाई कर्मचारी मांगों को लेकर हड़ताल पर हैं। हड़ताल के चलते तीन दिन से शहर में सफाई व्यवस्था, सीवर रखरखाव और कार्यालयी कामकाज पूरी तरह ठप है। सरकार से मांग है कि जल्द से जल्द कर्मचारियों की मांगों को पूरा किया जाए ताकि आमजन को कूड़े की समस्या से राहत मिल सके। -पुरुषोत्तम दानव, प्रदेश सचिव, नगर पालिका कर्मचारी संघ।
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शहर में प्रतिदिन लगभग 100 टन कूड़े की उठान होती है लेकिन लगातार तीन दिन तक सफाई कार्य ठप रहने के कारण विभिन्न क्षेत्रों में कूड़े का भारी जमाव हो गया। इससे आमजन को बदबू और गंदगी के कारण भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
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नगरपालिका कर्मचारी संघ हरियाणा के आह्वान पर नगरपालिकाओं, नगर परिषदों और नगर निगमों के हजारों कर्मचारी हड़ताल पर हैं। हड़ताल के कारण शहर में सफाई व्यवस्था, सीवर रखरखाव और कार्यालयी कार्य पूरी तरह प्रभावित हो गए हैं।
रविवार को सफाई कर्मचारी नगर परिषद कार्यालय के बाहर धरने पर बैठे और प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। कर्मचारियों ने सरकार पर वादाखिलाफी और कर्मचारी विरोधी रवैया अपनाने का आरोप लगाया। प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए नगर पालिका कर्मचारी संघ के प्रदेश सचिव पुरुषोत्तम दानव ने कहा कि सरकार और संघ के बीच कई दौर की वार्ता हो चुकी है लेकिन मानी गई मांगों को लागू नहीं किया जा रहा।
उन्होंने कहा कि वर्ष 1997 से 2026 तक सफाई और सीवर कर्मचारियों की कोई स्थायी भर्ती नहीं की गई। ठेका प्रथा समाप्त करने के बजाय सरकार ने हरियाणा कौशल रोजगार निगम के माध्यम से कर्मचारियों को भ्रमित किया है।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि जब तक 22 सूत्रीय मांगों का समाधान नहीं होगा आंदोलन जारी रहेगा। संघ की प्रमुख मांगों में ड्यूटी के दौरान जान गंवाने वाले कर्मचारियों रणवीर और भवीचंद को शहीद का दर्जा देना तथा उनके परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये की सहायता राशि प्रदान करना शामिल है।
नगर परिषद सफाई कर्मचारी मांगों को लेकर हड़ताल पर हैं। हड़ताल के चलते तीन दिन से शहर में सफाई व्यवस्था, सीवर रखरखाव और कार्यालयी कामकाज पूरी तरह ठप है। सरकार से मांग है कि जल्द से जल्द कर्मचारियों की मांगों को पूरा किया जाए ताकि आमजन को कूड़े की समस्या से राहत मिल सके। -पुरुषोत्तम दानव, प्रदेश सचिव, नगर पालिका कर्मचारी संघ।
