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Bhiwani News: चांग में कैंसर का कहर, पीड़ितों का निजी अस्पतालों और पीजीआई रोहतक में उपचार जारी
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गांव चांग की पीएचसी।
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चांग। गांव चांग में कैंसर के बढ़ते मामलों ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। पिछले छह माह में 14 से ज्यादा लोगों में कैंसर की पुष्टि हो चुकी है। सभी मरीजों का उपचार निजी अस्पतालों या रोहतक पीजीआई में चल रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि स्वास्थ्य विभाग की ओर से गांव में जांच अभियान चलाया जाए तो मरीजों का आंकड़ा और बढ़ सकता है।
ग्रामीणों ने गांव में विशेष स्वास्थ्य जांच शिविर लगाकर कैंसर फैलने के कारणों का पता लगाने की मांग की है। ग्रामीणों के अनुसार गांव में कैंसर मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है लेकिन स्वास्थ्य विभाग की ओर से अभी तक कोई विशेष जांच अभियान या स्वास्थ्य शिविर आयोजित नहीं किया गया है।
कैंसर पीड़ितों ने बयां किया अपना दर्द
गांव चांग निवासी 24 वर्षीय कैंसर पीड़ित युवक ने बताया कि करीब छह माह पहले उसे लगातार बुखार आ रहा था। जांच के लिए वह भिवानी के निजी अस्पताल पहुंचा जहां से चिकित्सकों ने उसे रोहतक पीजीआई रेफर कर दिया। पीजीआई में जांच के बाद ब्लड कैंसर की पुष्टि हुई। करीब चार माह तक उसका इलाज रोहतक पीजीआई में चला। परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण दोस्तों ने उसका साथ दिया और इलाज के लिए करीब एक लाख रुपये एकत्रित किए।
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वहीं कैंसर पीड़ित सात वर्षीय बच्चे के पिता ने बताया कि ब्लड कैंसर के कारण करीब चार माह पहले उसके बेटे की मौत हो गई। वह परिवार का इकलौता बच्चा था। छह माह पहले उसे कैंसर की पुष्टि हुई थी जिसके बाद उसका रोहतक पीजीआई में उपचार चला। इलाज के दौरान भाईचारे और रिश्तेदारों से पैसे उधार लेकर बेटे का उपचार करवाया गया। उन्होंने कहा कि भगवान ऐसी बीमारी किसी को न दे। कैंसर पीड़ितों ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की ओर से उनका हालचाल जानने के लिए कोई कर्मचारी नहीं पहुंचा। पेंशन मिलना तो दूर की बात है।
आयुष्मान बना सहारा
गांव चांग में 14 से ज्यादा बुजुर्गों और बच्चों को कैंसर हो चुका है। इनमें कई मरीज मजदूर वर्ग से हैं जो दिनभर मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करते हैं। कैंसर होने के बाद कई परिवारों के सामने रोजी-रोटी का संकट भी खड़ा हो गया है। ऐसे हालात में हरियाणा सरकार की आयुष्मान योजना कैंसर पीड़ितों का सहारा बनी हुई है। करीब आठ लोगों का इलाज आयुष्मान कार्ड के माध्यम से रोहतक पीजीआई या झज्जर में चल रहा है।
गांव चांग में तेजी से बढ़ते कैंसर मरीजों के बारे में जल्द ही एक सभा आयोजित कर उनके स्वास्थ्य का हालचाल जाना जाएगा। इसके बाद गांव स्तर पर स्वास्थ्य विभाग को अवगत कराया जाएगा कि गांव में कैंसर फैलने के कारणों का पता लगाया जाए। गांव की ओर से भी वैज्ञानिक तरीके से कैंसर होने के कारणों का पता लगाने के प्रयास किए जाएंगे। - प्रदीप रंगा, सरपंच प्रतिनिधि चांग।
गांव चांग में तेजी से फैल रहे कैंसर के कारणों का पता लगाने के लिए ग्राम पंचायत के साथ मिलकर जल्द ही स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से मुलाकात की जाएगी ताकि बीमारी फैलने के कारणों की जानकारी जुटाई जा सके। कैंसर पीड़ितों की भाईचारा ग्रुप हरसंभव सहायता करेगा। - विजय बागड़ी, भाईचारा ग्रुप संयोजक चांग।
गांव चांग में 14 से ज्यादा लोग कैंसर पीड़ित हैं इसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग ने कोई कैंप या अभियान नहीं चलाया है। हमारी मांग है कि स्वास्थ्य विभाग गांव में कैंप या विशेष अभियान चलाकर कैंसर फैलने के मुख्य कारणों का पता लगाए। - रामकुमार फौजी, पूर्व पंच चांग।
खेतों में किसानों द्वारा यूरिया खाद का अधिक प्रयोग, फसल की पैदावार बढ़ाने के लिए ज्यादा स्प्रे, फास्ट फूड, जंक फूड आदि कैंसर फैलने के कारण हो सकते हैं। इसके साथ-साथ प्रदूषित भूजल भी इसका कारण हो सकता है। गांव चांग में कैंसर की बीमारी तेजी से बढ़ रही है। - डॉ. रविन्द्र खट्टर, चांग।
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ग्रामीणों ने गांव में विशेष स्वास्थ्य जांच शिविर लगाकर कैंसर फैलने के कारणों का पता लगाने की मांग की है। ग्रामीणों के अनुसार गांव में कैंसर मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है लेकिन स्वास्थ्य विभाग की ओर से अभी तक कोई विशेष जांच अभियान या स्वास्थ्य शिविर आयोजित नहीं किया गया है।
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कैंसर पीड़ितों ने बयां किया अपना दर्द
गांव चांग निवासी 24 वर्षीय कैंसर पीड़ित युवक ने बताया कि करीब छह माह पहले उसे लगातार बुखार आ रहा था। जांच के लिए वह भिवानी के निजी अस्पताल पहुंचा जहां से चिकित्सकों ने उसे रोहतक पीजीआई रेफर कर दिया। पीजीआई में जांच के बाद ब्लड कैंसर की पुष्टि हुई। करीब चार माह तक उसका इलाज रोहतक पीजीआई में चला। परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण दोस्तों ने उसका साथ दिया और इलाज के लिए करीब एक लाख रुपये एकत्रित किए।
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वहीं कैंसर पीड़ित सात वर्षीय बच्चे के पिता ने बताया कि ब्लड कैंसर के कारण करीब चार माह पहले उसके बेटे की मौत हो गई। वह परिवार का इकलौता बच्चा था। छह माह पहले उसे कैंसर की पुष्टि हुई थी जिसके बाद उसका रोहतक पीजीआई में उपचार चला। इलाज के दौरान भाईचारे और रिश्तेदारों से पैसे उधार लेकर बेटे का उपचार करवाया गया। उन्होंने कहा कि भगवान ऐसी बीमारी किसी को न दे। कैंसर पीड़ितों ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की ओर से उनका हालचाल जानने के लिए कोई कर्मचारी नहीं पहुंचा। पेंशन मिलना तो दूर की बात है।
आयुष्मान बना सहारा
गांव चांग में 14 से ज्यादा बुजुर्गों और बच्चों को कैंसर हो चुका है। इनमें कई मरीज मजदूर वर्ग से हैं जो दिनभर मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करते हैं। कैंसर होने के बाद कई परिवारों के सामने रोजी-रोटी का संकट भी खड़ा हो गया है। ऐसे हालात में हरियाणा सरकार की आयुष्मान योजना कैंसर पीड़ितों का सहारा बनी हुई है। करीब आठ लोगों का इलाज आयुष्मान कार्ड के माध्यम से रोहतक पीजीआई या झज्जर में चल रहा है।
गांव चांग में तेजी से बढ़ते कैंसर मरीजों के बारे में जल्द ही एक सभा आयोजित कर उनके स्वास्थ्य का हालचाल जाना जाएगा। इसके बाद गांव स्तर पर स्वास्थ्य विभाग को अवगत कराया जाएगा कि गांव में कैंसर फैलने के कारणों का पता लगाया जाए। गांव की ओर से भी वैज्ञानिक तरीके से कैंसर होने के कारणों का पता लगाने के प्रयास किए जाएंगे। - प्रदीप रंगा, सरपंच प्रतिनिधि चांग।
गांव चांग में तेजी से फैल रहे कैंसर के कारणों का पता लगाने के लिए ग्राम पंचायत के साथ मिलकर जल्द ही स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से मुलाकात की जाएगी ताकि बीमारी फैलने के कारणों की जानकारी जुटाई जा सके। कैंसर पीड़ितों की भाईचारा ग्रुप हरसंभव सहायता करेगा। - विजय बागड़ी, भाईचारा ग्रुप संयोजक चांग।
गांव चांग में 14 से ज्यादा लोग कैंसर पीड़ित हैं इसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग ने कोई कैंप या अभियान नहीं चलाया है। हमारी मांग है कि स्वास्थ्य विभाग गांव में कैंप या विशेष अभियान चलाकर कैंसर फैलने के मुख्य कारणों का पता लगाए। - रामकुमार फौजी, पूर्व पंच चांग।
खेतों में किसानों द्वारा यूरिया खाद का अधिक प्रयोग, फसल की पैदावार बढ़ाने के लिए ज्यादा स्प्रे, फास्ट फूड, जंक फूड आदि कैंसर फैलने के कारण हो सकते हैं। इसके साथ-साथ प्रदूषित भूजल भी इसका कारण हो सकता है। गांव चांग में कैंसर की बीमारी तेजी से बढ़ रही है। - डॉ. रविन्द्र खट्टर, चांग।