{"_id":"6a7248a2d82a6a3deb0db97b","slug":"private-school-operators-will-launch-a-non-cooperation-movement-in-three-days-if-no-action-is-taken-against-unaccredited-coaching-academies-bhiwani-news-c-125-1-shsr1009-154897-2026-08-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bhiwani News: बिना मान्यता चल रही कोचिंग अकादमियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो तीन दिन बाद असहयोग आंदोलन चलाएंगे निजी स्कूल संचालक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bhiwani News: बिना मान्यता चल रही कोचिंग अकादमियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो तीन दिन बाद असहयोग आंदोलन चलाएंगे निजी स्कूल संचालक
विज्ञापन
एसडीएम महेश कुमार से उनके कार्यालय में मुलाकात करते प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन का प्रतिनिधि मंडल।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भिवानी। शहर में बिना मान्यता संचालित कोचिंग अकादमियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग के लिए मंगलवार को प्राइवेट स्कूल वेलफेयर एसोसिएशन का प्रतिनिधिमंडल एसडीएम महेश कुमार से मिला। प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन को तीन दिन का अल्टीमेटम देते हुए चेतावनी दी कि यदि इस अवधि में कार्रवाई नहीं हुई तो जिला ही नहीं बल्कि प्रदेश स्तर पर असहयोग आंदोलन शुरू किया जाएगा।
बैठक के बाद प्रदेश अध्यक्ष रामअवतार शर्मा ने कहा कि शहर की गली-गली में बिना मान्यता कोचिंग अकादमियां संचालित हो रही हैं। इससे बच्चों के भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि उपायुक्त की ओर से गठित जिलास्तरीय समिति के अध्यक्ष एसडीएम हैं जबकि जिला शिक्षा अधिकारी भी समिति के सदस्य हैं। इसके बावजूद अब तक किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं की गई।
शर्मा ने बताया कि करीब दो माह पहले एसोसिएशन ने लघु सचिवालय के सामने एक दिवसीय धरना दिया था जिसमें बड़ी संख्या में स्कूल संचालक, प्राचार्य और शिक्षक शामिल हुए थे। धरने के बाद उपायुक्त ने उसी दिन ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त कर अवैध कोचिंग अकादमियों के खिलाफ कार्रवाई के आदेश जारी किए थे। प्रशासन के लिखित आश्वासन के बाद ही धरना समाप्त किया गया था।
विज्ञापन
एसोसिएशन ने एसडीएम को उपायुक्त का वह आदेश भी दिखाया और पूछा कि आदेश जारी होने के बावजूद कार्रवाई क्यों नहीं हो रही। उन्होंने कहा कि यदि तीन दिन के भीतर संतोषजनक कार्रवाई नहीं हुई तो एसोसिएशन अपना अगला निर्णय लागू करेगी।
कार्रवाई नहीं हुई तो सरकारी कार्यक्रमों का करेंगे बहिष्कार
रामअवतार शर्मा ने कहा कि कार्रवाई नहीं होने पर प्राइवेट स्कूल वेलफेयर एसोसिएशन प्रदेश स्तर पर असहयोग आंदोलन शुरू करेगी। जिला प्रशासन और राज्य सरकार के किसी भी कार्यक्रम में भाग नहीं लिया जाएगा। निजी स्कूलों में किसी भी सरकारी आयोजन या परीक्षा का आयोजन नहीं होने दिया जाएगा और न ही स्कूल परीक्षा केंद्र उपलब्ध कराएंगे।
उन्होंने कहा कि प्राइवेट स्कूल हमेशा जिला प्रशासन के सहयोगी रहे हैं। प्रशासन को आवश्यकता पड़ने पर स्कूल भवन, शिक्षक, विद्यार्थी और बसें उपलब्ध कराई जाती रही हैं। इसके बावजूद यदि प्रशासन कार्रवाई से बचता रहा तो एसोसिएशन को असहयोग आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। इस अवसर पर शमशेर सिंह, संजीव श्योराण, पवन गुप्ता, धन सिंह अग्रवाल, यतीन्द्र नाथ, सुनील रहेजा, करण मिरग और अमित डागर उपस्थित रहे।
विज्ञापन
बैठक के बाद प्रदेश अध्यक्ष रामअवतार शर्मा ने कहा कि शहर की गली-गली में बिना मान्यता कोचिंग अकादमियां संचालित हो रही हैं। इससे बच्चों के भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि उपायुक्त की ओर से गठित जिलास्तरीय समिति के अध्यक्ष एसडीएम हैं जबकि जिला शिक्षा अधिकारी भी समिति के सदस्य हैं। इसके बावजूद अब तक किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं की गई।
विज्ञापन
शर्मा ने बताया कि करीब दो माह पहले एसोसिएशन ने लघु सचिवालय के सामने एक दिवसीय धरना दिया था जिसमें बड़ी संख्या में स्कूल संचालक, प्राचार्य और शिक्षक शामिल हुए थे। धरने के बाद उपायुक्त ने उसी दिन ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त कर अवैध कोचिंग अकादमियों के खिलाफ कार्रवाई के आदेश जारी किए थे। प्रशासन के लिखित आश्वासन के बाद ही धरना समाप्त किया गया था।
विज्ञापन
एसोसिएशन ने एसडीएम को उपायुक्त का वह आदेश भी दिखाया और पूछा कि आदेश जारी होने के बावजूद कार्रवाई क्यों नहीं हो रही। उन्होंने कहा कि यदि तीन दिन के भीतर संतोषजनक कार्रवाई नहीं हुई तो एसोसिएशन अपना अगला निर्णय लागू करेगी।
कार्रवाई नहीं हुई तो सरकारी कार्यक्रमों का करेंगे बहिष्कार
रामअवतार शर्मा ने कहा कि कार्रवाई नहीं होने पर प्राइवेट स्कूल वेलफेयर एसोसिएशन प्रदेश स्तर पर असहयोग आंदोलन शुरू करेगी। जिला प्रशासन और राज्य सरकार के किसी भी कार्यक्रम में भाग नहीं लिया जाएगा। निजी स्कूलों में किसी भी सरकारी आयोजन या परीक्षा का आयोजन नहीं होने दिया जाएगा और न ही स्कूल परीक्षा केंद्र उपलब्ध कराएंगे।
उन्होंने कहा कि प्राइवेट स्कूल हमेशा जिला प्रशासन के सहयोगी रहे हैं। प्रशासन को आवश्यकता पड़ने पर स्कूल भवन, शिक्षक, विद्यार्थी और बसें उपलब्ध कराई जाती रही हैं। इसके बावजूद यदि प्रशासन कार्रवाई से बचता रहा तो एसोसिएशन को असहयोग आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। इस अवसर पर शमशेर सिंह, संजीव श्योराण, पवन गुप्ता, धन सिंह अग्रवाल, यतीन्द्र नाथ, सुनील रहेजा, करण मिरग और अमित डागर उपस्थित रहे।