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CWG 2026: भिवानी के 5 मुक्केबाजों ने ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेलों में जीते 5 गोल्ड, मिनी क्यूबा का ऐतिहासिक धमाका

Sun, 02 Aug 2026 10:44 AM IST
Naveen शुभम कौशिक, भिवानी (हरियाणा)
शुभम कौशिक, भिवानी (हरियाणा) Published by: Naveen Updated Sun, 02 Aug 2026 10:44 AM IST
सार

दादी सजनी देवी ने कहा कि बेटे ने देश का नाम रोशन कर दिया। घर पहुंचते ही उसके लिए मनपसंद चूरमा तैयार मिलेगा। हम सुबह से ही मुकाबले का इंतजार कर रहे थे। कोच अनिल टेकराम ने कहा कि भिवानी के खिलाड़ियों ने इतिहास रच दिया।

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CWG 2026 five boxers from Bhiwani won 5 gold in Glasgow Commonwealth Games
साक्षी के घर की तस्वीर - फोटो : संवाद

विस्तार

भिवानी के पांचों मुक्केबाजों ने शनिवार को ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेलों के फाइनल मुकाबलों में पांच स्वर्ण पदक जीतकर मिनी क्यूबा कहलाए जाने वाले भिवानी की धरती पर इतिहास रच दिया। साक्षी चौधरी, जैस्मिन लंबोरिया, प्रीति पंवार, प्रिया घनघस और सचिन सिवाच ने अपने-अपने प्रतिद्वंद्वियों को शिकस्त देकर सोने पर सुहागा कर दिया। यह पहला मौका है, जब जिले की चार बेटियों ने एक साथ राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीता। पांचों खिलाड़ियों ने पूरे टूर्नामेंट में अभूतपूर्व प्रदर्शन करते हुए फाइनल तक देशवासियों को निराश नहीं होने दिया। 

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मां बोलीं- बेटी को मेहनत का फल मिला
ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेलों में भारतीय सेना की नायब सूबेदार जैस्मिन लंबोरिया के स्वर्ण पदक जीतते ही परिवार में खुशी का माहौल छा गया। 25 वर्षीय जैस्मिन की यह उपलब्धि उनके माता-पिता के लिए बेहद खास रही। बर्मिंघम राष्ट्रमंडल खेलों में कांस्य पदक जीतने वाली जैस्मिन ने वादा किया था कि इस बार वह पदक का रंग बदलेगी और उसने ऐसा कर दिखाया। खेल प्रेरक राजनारायण पंघाल ने बताया कि जैस्मिन ने पूरे टूर्नामेंट में शानदार मुक्केबाजी का प्रदर्शन किया। मां जोगिंद्र कौर ने कहा कि जिस लगन से जैस्मिन ने मेहनत की उसका आज फल मिल गया।
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साक्षी के जीतते ही खुशी से उछल पड़े परिजन धनाना की बेटी साक्षी का फाइनल मुकाबला देखने के लिए गांव में बड़ी स्क्रीन लगाई गई। पिता मनोज कुमार ने कहा कि बेटी ने एकतरफा मुकाबला जीतकर सबको खुश कर दिया। 
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मां ने कहा, इस तै तगड़ी खुशी का दिन कै होवैगा जी... बेटी देश के
लिए गोल्ड लेकर आई है। बेटी के घर आने पर उसे चूरमा और खीर बनाकर खिलाऊंगी जो उसे बेहद पसंद है। कोच द्रोणाचार्य अवार्डी जगदीश सिंह और भिवानी बॉक्सिंग क्लब के प्रधान कमल सिंह ने कहा कि किसान परिवार से निकलकर राष्ट्रीय स्तर तक का सफर तय करना गर्व की बात है।



प्रिया को करियर का पहला राष्ट्रमंडल स्वर्ण
धनाना की मुक्केबाज प्रिया घनघस ने पूरे टूर्नामेंट में बेहतरीन मुक्केबाजी का प्रदर्शन किया। फाइनल जीतते ही बड़ी स्क्रीन के सामने मैच देख रहे लोगों की तालियों की गड़गड़ाहट से पूरा माहौल गूंज उठा। प्रिया ने अपने करियर का पहला राष्ट्रमंडल खेलों का स्वर्ण पदक हासिल किया है। कोच नवीन शर्मा ने बताया कि बेटी ने पूरे टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन किया। पिता महेंद्र ने कहा कि प्रिया कभी भी अभ्यास में कोताही नहीं करती। हमें बहुत खुशी है कि बेटी ने गोल्ड जीता है।

प्रिया चार अगस्त को गांव आएगी तो उसका भव्य
स्वागत किया जाएगा। मां मीरा ने कहा कि बेटी ने पहले ही कहा था, गोल्ड लेकर आऊंगी, घबराना मत। घर आने पर उसे खीर और चूरमा खिलाएंगे।

प्रीति घर आएगी तो खिलाएंगे खीर-चूरमा
बड़ेसरा की बेटी प्रीति पंवार के फाइनल मैच जीतते ही परिजनों और मैच देख रहे खेल प्रेमियों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। पिता सोमबीर ने कहा कि बेटी की सफलता के पीछे उसकी कड़ी मेहनत है। मुक्केबाजी में कई बार चोट भी लग जाती है। मां-बाप भी घबरा जाते हैं और चोट के डर से बच्चों को इस खेल में भेजने से बचते हैं। मैं कहूंगा कि ऐसा नहीं करना चाहिए। बेटी पिछली बार ओलंपिक में पदक से चूक गई थी। इसके बाद उसने शानदार वापसी करते हुए विश्व और एशियाई चैंपियनशिप में पदक जीते। कोच व चाचा विनोद पंवार ने कहा कि प्रीति को मुक्केबाजी के अलावा पेंटिंग का भी शौक है। मां शलीन ने बताया कि बेटी के आने का इंतजार है। उसे अपने हाथों का बना चूरमा और खीर खिलाऊंगी।

सचिन ने गांव और देश का नाम रोशन कर दिया
सचिन सिवाच के गोल्ड मेडल जीतते ही टीवी पर मुकाबला देख रहे परिजन खुशी से नाच उठे। सचिन की मां सुमन और पिता अनिल सिवाच ने कहा कि बेटे का बचपन से ही मुक्केबाजी की ओर रुझान था और उसने गांव से ही अभ्यास शुरू कर दिया था।


दादी सजनी देवी ने कहा कि बेटे ने देश का नाम रोशन कर दिया। घर पहुंचते ही उसके लिए मनपसंद चूरमा तैयार मिलेगा। हम सुबह से ही मुकाबले का इंतजार कर रहे थे। कोच अनिल टेकराम ने कहा कि भिवानी के खिलाड़ियों ने इतिहास रच दिया। सचिन की बहन नेहा ने कहा कि गोल्ड जीतकर भाई ने रक्षाबंधन का सबसे बड़ा उपहार दे दिया।

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