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Bhiwani News: उमस और पसीने के फेर में उलझी सेहत, राजकीय मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में बढ़े त्वचा रोगी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Thu, 04 Jun 2026 11:37 PM IST
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भिवानी। क्षेत्र में उमस भरी गर्मी के कारण त्वचा संबंधी बीमारियों के मरीजों में तेजी से इजाफा हुआ है। पंडित नेकीराम शर्मा राजकीय मेडिकल कॉलेज के ओपीडी विभाग में इन दिनों त्वचा में खुजली, रैशेज, दाद-खाज और फोड़े-फुंसियों से पीड़ित मरीजों की भीड़ उमड़ रही है। त्वचा रोग ओपीडी में रोजाना 80 से 100 मरीज पहुंचते थे वहीं अब संख्या बढ़कर 150 के पार हो गई है।
मौसम विभाग के अनुसार वर्तमान में क्षेत्र का अधिकतम तापमान 40 डिग्री और न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है। दोपहर के समय हवा में नमी और तेज उमस के कारण लोग पसीने से तर-बतर हो रहे हैं। चिकित्सकों के मुताबिक यही पसीना त्वचा रोगों का मुख्य कारण बन रहा है। ओपीडी में आ रहे अधिकांश मरीज फंगल इंफेक्शन, स्किन एलर्जी, त्वचा पर दाने, चकत्ते और काले धब्बे पड़ने की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं। मेडिकल कॉलेज के त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. जनश्रुति ने बताया कि अत्यधिक पसीने के कारण त्वचा पर बैक्टीरिया और फंगस पनपने लगते हैं जिससे खुजली व रैशेज की समस्या गंभीर हो जाती है।
पसीना रुकने वाली जगह पर फंगल इंफेक्शन
त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. जनश्रुति ने बताया कि शरीर पर पसीना रुकने वाले स्थानों पर फंगल इंफेक्शन हो जाता है। फंगल इंफेक्शन मुख्य रूप से नमी युक्त कपड़े पहनने से होता है। इससे बचने के लिए हमेशा सूखे कपड़े पहनें। यदि कपड़े गीले हों तो उन्हें बदलकर सूखे पहनने चाहिए। दाद, खाज, खुजली या अन्य कोई समस्या होती है तो चिकित्सक की सलाह लें। त्वचा रोगी के कपड़े परिवार के अन्य सदस्यों से अलग रखें।
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मौसम विभाग के अनुसार वर्तमान में क्षेत्र का अधिकतम तापमान 40 डिग्री और न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है। दोपहर के समय हवा में नमी और तेज उमस के कारण लोग पसीने से तर-बतर हो रहे हैं। चिकित्सकों के मुताबिक यही पसीना त्वचा रोगों का मुख्य कारण बन रहा है। ओपीडी में आ रहे अधिकांश मरीज फंगल इंफेक्शन, स्किन एलर्जी, त्वचा पर दाने, चकत्ते और काले धब्बे पड़ने की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं। मेडिकल कॉलेज के त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. जनश्रुति ने बताया कि अत्यधिक पसीने के कारण त्वचा पर बैक्टीरिया और फंगस पनपने लगते हैं जिससे खुजली व रैशेज की समस्या गंभीर हो जाती है।
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पसीना रुकने वाली जगह पर फंगल इंफेक्शन
त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. जनश्रुति ने बताया कि शरीर पर पसीना रुकने वाले स्थानों पर फंगल इंफेक्शन हो जाता है। फंगल इंफेक्शन मुख्य रूप से नमी युक्त कपड़े पहनने से होता है। इससे बचने के लिए हमेशा सूखे कपड़े पहनें। यदि कपड़े गीले हों तो उन्हें बदलकर सूखे पहनने चाहिए। दाद, खाज, खुजली या अन्य कोई समस्या होती है तो चिकित्सक की सलाह लें। त्वचा रोगी के कपड़े परिवार के अन्य सदस्यों से अलग रखें।