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Bhiwani News: खोखले विकास की लीपापोती पर 9 पार्षदों ने खोला अधिकारियों के खिलाफ मोर्चा, समाधान शिविर व सीएम विंडो में लगाई गुहार
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Thu, 04 Jun 2026 11:36 PM IST
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भिवानी में सीएम विंडो पर शिकायत सौंपने जाते शहर के पार्षद। स्वयं
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भिवानी। शहर इस समय विकास के दावों के विपरीत प्रशासनिक उदासीनता और कथित भ्रष्टाचार के गंभीर दौर से गुजर रहा है। चार वर्षों से लगातार उपेक्षा का शिकार हो रहे विभिन्न वार्डों के पार्षदों का धैर्य अब जवाब दे चुका है। वीरवार को एकजुट होकर करीब नौ पार्षदों ने लघु सचिवालय में समाधान शिविर से लेकर सीएम विंडो में विकास कार्यों में भेदभाव के आरोप लगाते हुए शिकायतें दर्ज कराईं।
पार्षदों ने दो टूक शब्दों में तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि शहर में विकास नहीं बल्कि विनाश हो रहा है। नगर परिषद के हालात ऐसे हैं जैसे किसी गंभीर रूप से बीमार आदमी को सिर्फ मेकअप लगाकर स्वस्थ दिखाने की नाकाम कोशिश की जा रही हो। इस दौरान पार्षद कमलेश देवी, अनिल कुमार, जयवीर रंगा, सरला, मनीष गुरेजा, प्रदीप कौशिक, सुदामा सिंह, अंकुर कौशिक और विनोद प्रजापति मौजूद रहे।
पार्षदों का कहना है कि वार्डवासियों की समस्याओं को जब वे आगे बढ़ाते हैं तो चेयरपर्सन प्रतिनिधि और अधिकारी अनसुनी कर देते हैं। हर मामले में सिर्फ लीपापोती की जा रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब जनता के चुने प्रतिनिधियों की ही कोई सुनवाई नहीं हो रही तो आमजन की कौन सुनेगा।
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सफाई व्यवस्था में भेदभाव
वार्ड-29 के पार्षद सुदामा तंवर और वार्ड-30 के पार्षद मनीष गुरेजा ने शहर की चरमराई सफाई व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं। पार्षदों का आरोप है कि किसी वार्ड में केवल एक सफाई कर्मचारी है तो किसी चहेते वार्ड में 20-20 कर्मचारी तैनात किए गए हैं। रोहतक रोड, ढाणा रोड और 33 फुटा रोड पर पिछले 5 सालों से एक बार भी सफाई नहीं हुई है।
कूड़ा उठाने का जिम्मा संभालने वाली श्री श्याम वेस्ट मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड कंपनी पूरी तरह फ्लॉप साबित हो चुकी है। टीपर ऑटो के साथ कोई हेल्पर नहीं होता जिससे बुजुर्गों को भारी परेशानी होती है। गलियों में ओवरफ्लो नालियों के कारण डेंगू और मलेरिया का खतरा मंडरा रहा है। लाखों रुपये की लागत से बने सार्वजनिक शौचालय बंद पड़े हैं।
मॉल रोड निर्माण में धांधली, विजिलेंस जांच की मांग
वार्ड-20 के पार्षद प्रदीप कौशिक और वार्ड-5 के पार्षद अंकुर कौशिक ने मॉल रोड के निर्माण कार्य पर विजिलेंस जांच की मांग उठाई है। पिछले 6 महीनों से इस सड़क के कारण शहर में भयंकर जाम लग रहा है। पास में ही मेडिकल कॉलेज होने के कारण एंबुलेंस में गंभीर मरीज तड़पने को मजबूर हैं। व्यापारियों के विरोध के बावजूद फुटपाथ को अत्यधिक चौड़ा और सड़क को भीड़ा किया जा रहा है जिससे अतिक्रमण बढ़ेगा। इंटरलॉकिंग टाइल्स और निर्माण सामग्री की गुणवत्ता का कोई मानक तय नहीं है जो सीधे तौर पर जनता के पैसे का दुरुपयोग है।
वार्डों की अनदेखी और अतिक्रमण की मार
वार्ड-14 के पार्षद जयवीर सिंह रंगा ने आरोप लगाया कि पिछले 4 वर्षों से उनके वार्ड में कोई उल्लेखनीय विकास कार्य नहीं हुआ है और प्रशासन कुछ चुनिंदा वार्डों को ही लाभ पहुंचा रहा है। वार्ड-10 की पार्षद सरला ने शिकायत की कि बैंक कॉलोनी मिनी बाईपास पर लक्ष्मी मिष्ठान भंडार से राम चौक तक भयंकर अतिक्रमण है और पालुवास मोड़ के सामने बनी सडक़ निर्माण के मात्र 3 महीने के भीतर ही टूट गई।
बेंच खरीद से लेकर लाइटों तक में घोटाले के आरोप
पार्षदों ने नगर परिषद के अधिकारियों पर आरोप लगाया कि बाजार में जो पार्क की बेंच 2,700 रुपये की आती है उसे कागजों में 6,000 लागत का दिखाया गया है। 8,000 की कीमत वाले शाइन बोर्डों को 20,000 और स्टील के डस्टबिनों की कीमत 20 से 22 हजार बताई जा रही है। लोहारू रोड पर 5 साल पहले लगे पोल और लाइटों का मेंटेनेंस करने के बजाय, पुरानी सही लाइटों को हटाकर दोबारा नई लाइटें लगाने का खेल खेला जा रहा है। बनी-बनाई गलियों को नवनिर्माण के नाम पर नारियल फोड़कर उखाड़ा और 6-6 महीने तक उन्हें वैसे ही छोड़ दिया जाता है जिससे लोगों का जीना दूभर हो गया है।
पार्षदों की प्रमुख मांगें
भिवानी में चल रहे मॉल रोड और बरसाती नाला पाइप लाइन प्रोजेक्ट की तुरंत किसी स्वतंत्र तकनीकी टीम या विजिलेंस विभाग से निष्पक्ष जांच करवाई जाए।
निर्माण स्थल से प्रयुक्त सामग्री के सैंपल उठाकर लैब टेस्ट कराए जाएं।
श्री श्याम वेस्ट मैनेजमेंट कंपनी के टेंडर, भुगतानों और कार्यों की गहन समीक्षा कर सख्त निर्देश जारी किए जाएं।
सरकारी धन का दुरुपयोग करने वाले भ्रष्ट अधिकारियों और ठेकेदारों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई की जाए।
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सभी वार्डों में समान रूप से विकास कार्य कराए जा रहे हैं। चुनाव में अभी काफी समय बाकी है ऐसे में पार्षद जनता के काम कराने की तरफ ध्यान दें, राजनीति चुनाव आने पर करें। जो पार्षद शिकायत कर रहे हैं उनके वार्डों में आज भी करोड़ों के विकास काम चल रहे हैं जबकि काफी काम पहले पूरे हो चुके हैं। - भवानी प्रताप सिंह, चेयरपर्सन प्रतिनिधि, नगर परिषद, भिवानी।
पार्षदों ने दो टूक शब्दों में तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि शहर में विकास नहीं बल्कि विनाश हो रहा है। नगर परिषद के हालात ऐसे हैं जैसे किसी गंभीर रूप से बीमार आदमी को सिर्फ मेकअप लगाकर स्वस्थ दिखाने की नाकाम कोशिश की जा रही हो। इस दौरान पार्षद कमलेश देवी, अनिल कुमार, जयवीर रंगा, सरला, मनीष गुरेजा, प्रदीप कौशिक, सुदामा सिंह, अंकुर कौशिक और विनोद प्रजापति मौजूद रहे।
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पार्षदों का कहना है कि वार्डवासियों की समस्याओं को जब वे आगे बढ़ाते हैं तो चेयरपर्सन प्रतिनिधि और अधिकारी अनसुनी कर देते हैं। हर मामले में सिर्फ लीपापोती की जा रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब जनता के चुने प्रतिनिधियों की ही कोई सुनवाई नहीं हो रही तो आमजन की कौन सुनेगा।
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सफाई व्यवस्था में भेदभाव
वार्ड-29 के पार्षद सुदामा तंवर और वार्ड-30 के पार्षद मनीष गुरेजा ने शहर की चरमराई सफाई व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं। पार्षदों का आरोप है कि किसी वार्ड में केवल एक सफाई कर्मचारी है तो किसी चहेते वार्ड में 20-20 कर्मचारी तैनात किए गए हैं। रोहतक रोड, ढाणा रोड और 33 फुटा रोड पर पिछले 5 सालों से एक बार भी सफाई नहीं हुई है।
कूड़ा उठाने का जिम्मा संभालने वाली श्री श्याम वेस्ट मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड कंपनी पूरी तरह फ्लॉप साबित हो चुकी है। टीपर ऑटो के साथ कोई हेल्पर नहीं होता जिससे बुजुर्गों को भारी परेशानी होती है। गलियों में ओवरफ्लो नालियों के कारण डेंगू और मलेरिया का खतरा मंडरा रहा है। लाखों रुपये की लागत से बने सार्वजनिक शौचालय बंद पड़े हैं।
मॉल रोड निर्माण में धांधली, विजिलेंस जांच की मांग
वार्ड-20 के पार्षद प्रदीप कौशिक और वार्ड-5 के पार्षद अंकुर कौशिक ने मॉल रोड के निर्माण कार्य पर विजिलेंस जांच की मांग उठाई है। पिछले 6 महीनों से इस सड़क के कारण शहर में भयंकर जाम लग रहा है। पास में ही मेडिकल कॉलेज होने के कारण एंबुलेंस में गंभीर मरीज तड़पने को मजबूर हैं। व्यापारियों के विरोध के बावजूद फुटपाथ को अत्यधिक चौड़ा और सड़क को भीड़ा किया जा रहा है जिससे अतिक्रमण बढ़ेगा। इंटरलॉकिंग टाइल्स और निर्माण सामग्री की गुणवत्ता का कोई मानक तय नहीं है जो सीधे तौर पर जनता के पैसे का दुरुपयोग है।
वार्डों की अनदेखी और अतिक्रमण की मार
वार्ड-14 के पार्षद जयवीर सिंह रंगा ने आरोप लगाया कि पिछले 4 वर्षों से उनके वार्ड में कोई उल्लेखनीय विकास कार्य नहीं हुआ है और प्रशासन कुछ चुनिंदा वार्डों को ही लाभ पहुंचा रहा है। वार्ड-10 की पार्षद सरला ने शिकायत की कि बैंक कॉलोनी मिनी बाईपास पर लक्ष्मी मिष्ठान भंडार से राम चौक तक भयंकर अतिक्रमण है और पालुवास मोड़ के सामने बनी सडक़ निर्माण के मात्र 3 महीने के भीतर ही टूट गई।
बेंच खरीद से लेकर लाइटों तक में घोटाले के आरोप
पार्षदों ने नगर परिषद के अधिकारियों पर आरोप लगाया कि बाजार में जो पार्क की बेंच 2,700 रुपये की आती है उसे कागजों में 6,000 लागत का दिखाया गया है। 8,000 की कीमत वाले शाइन बोर्डों को 20,000 और स्टील के डस्टबिनों की कीमत 20 से 22 हजार बताई जा रही है। लोहारू रोड पर 5 साल पहले लगे पोल और लाइटों का मेंटेनेंस करने के बजाय, पुरानी सही लाइटों को हटाकर दोबारा नई लाइटें लगाने का खेल खेला जा रहा है। बनी-बनाई गलियों को नवनिर्माण के नाम पर नारियल फोड़कर उखाड़ा और 6-6 महीने तक उन्हें वैसे ही छोड़ दिया जाता है जिससे लोगों का जीना दूभर हो गया है।
पार्षदों की प्रमुख मांगें
भिवानी में चल रहे मॉल रोड और बरसाती नाला पाइप लाइन प्रोजेक्ट की तुरंत किसी स्वतंत्र तकनीकी टीम या विजिलेंस विभाग से निष्पक्ष जांच करवाई जाए।
निर्माण स्थल से प्रयुक्त सामग्री के सैंपल उठाकर लैब टेस्ट कराए जाएं।
श्री श्याम वेस्ट मैनेजमेंट कंपनी के टेंडर, भुगतानों और कार्यों की गहन समीक्षा कर सख्त निर्देश जारी किए जाएं।
सरकारी धन का दुरुपयोग करने वाले भ्रष्ट अधिकारियों और ठेकेदारों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई की जाए।
सभी वार्डों में समान रूप से विकास कार्य कराए जा रहे हैं। चुनाव में अभी काफी समय बाकी है ऐसे में पार्षद जनता के काम कराने की तरफ ध्यान दें, राजनीति चुनाव आने पर करें। जो पार्षद शिकायत कर रहे हैं उनके वार्डों में आज भी करोड़ों के विकास काम चल रहे हैं जबकि काफी काम पहले पूरे हो चुके हैं। - भवानी प्रताप सिंह, चेयरपर्सन प्रतिनिधि, नगर परिषद, भिवानी।