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इतिहास को कभी नहीं भूलना चाहिए : सांसद धर्मबीर
Fri, 14 Aug 2026 02:09 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Fri, 14 Aug 2026 02:09 AM IST
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भिवानी के पंचायत भवन में जिला स्तरीय विभाजन विभीषिका कार्यक्रम को संबोधित करते सांसद धर्मबीर
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भिवानी। पंचायत भवन में जिला स्तरीय विभाजन विभीषिका कार्यक्रम का आयोजन किया गया। सांसद चौधरी धर्मबीर सिंह ने इसमें मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। विधायक घनश्याम सर्राफ ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। इस मौके पर सांसद ने कहा कि इतिहास को कभी नहीं भूलना चाहिए।
भाजपा जिलाध्यक्ष वीरेंद्र कौशिक विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए। एसडीएम महेश कुमार भी कार्यक्रम में मौजूद रहे। विस्थापन के समय पर आधारित एक प्रदर्शनी लगाई गई। सांसद, विधायक और जिलाध्यक्ष सहित उपस्थित लोगों ने इसका अवलोकन किया। एक लघु फिल्म के माध्यम से विस्थापन के समय के हालात दिखाए गए।
सांसद चौधरी धर्मबीर सिंह ने कहा कि हमें अपने इतिहास को कभी नहीं भूलना चाहिए। उन्होंने बताया कि आजादी एक दिन में नहीं मिली, बल्कि इसके लिए बड़ी कुर्बानी देनी पड़ी। विदेशी ताकतों ने देश का धन लूटा और शिक्षा पद्धति को ध्वस्त करने का प्रयास किया। सांसद ने भारत की मिट्टी को सोना उपजाने वाली बताया। उन्होंने पुराने समय की ऋतुओं को याद रखने पर भी जोर दिया।
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विभाजन के समय की यातनाएं
विधायक घनश्याम सर्राफ ने कहा कि विभाजन विभीषिका किसी एक समाज का नहीं, बल्कि 36 बिरादरी का कार्यक्रम है। विभाजन के समय सभी वर्ग के लोगों ने यातनाएं झेली थीं। हर वर्ग के लोग पाकिस्तान से मुश्किल समय में आए थे। सर्राफ ने अपने परिवार का अनुभव साझा किया। उनकी मां करनाल से थीं और बहन की उम्र सात-आठ साल थी।
सेवाभाव और आगामी कार्यक्रम
सर्राफ के पिता वर्ष 1940 से आरएसएस में थे और उनमें बचपन से सेवाभाव था। विस्थापन के समय उन्होंने मुस्लिम समाज के मृत लोगों का अंतिम संस्कार करवाया। उनकी बहन भी बचपन में मां के साथ रेलवे स्टेशन पर ट्रेन में रोटियां बांटती थी। भाजपा जिलाध्यक्ष वीरेंद्र कौशिक ने नागरिकों से आह्वान किया। उन्होंने 14 अगस्त को गुरुग्राम में होने वाले प्रदेश स्तरीय कार्यक्रम में शामिल होने को कहा।
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भाजपा जिलाध्यक्ष वीरेंद्र कौशिक विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए। एसडीएम महेश कुमार भी कार्यक्रम में मौजूद रहे। विस्थापन के समय पर आधारित एक प्रदर्शनी लगाई गई। सांसद, विधायक और जिलाध्यक्ष सहित उपस्थित लोगों ने इसका अवलोकन किया। एक लघु फिल्म के माध्यम से विस्थापन के समय के हालात दिखाए गए।
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सांसद चौधरी धर्मबीर सिंह ने कहा कि हमें अपने इतिहास को कभी नहीं भूलना चाहिए। उन्होंने बताया कि आजादी एक दिन में नहीं मिली, बल्कि इसके लिए बड़ी कुर्बानी देनी पड़ी। विदेशी ताकतों ने देश का धन लूटा और शिक्षा पद्धति को ध्वस्त करने का प्रयास किया। सांसद ने भारत की मिट्टी को सोना उपजाने वाली बताया। उन्होंने पुराने समय की ऋतुओं को याद रखने पर भी जोर दिया।
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विभाजन के समय की यातनाएं
विधायक घनश्याम सर्राफ ने कहा कि विभाजन विभीषिका किसी एक समाज का नहीं, बल्कि 36 बिरादरी का कार्यक्रम है। विभाजन के समय सभी वर्ग के लोगों ने यातनाएं झेली थीं। हर वर्ग के लोग पाकिस्तान से मुश्किल समय में आए थे। सर्राफ ने अपने परिवार का अनुभव साझा किया। उनकी मां करनाल से थीं और बहन की उम्र सात-आठ साल थी।
सेवाभाव और आगामी कार्यक्रम
सर्राफ के पिता वर्ष 1940 से आरएसएस में थे और उनमें बचपन से सेवाभाव था। विस्थापन के समय उन्होंने मुस्लिम समाज के मृत लोगों का अंतिम संस्कार करवाया। उनकी बहन भी बचपन में मां के साथ रेलवे स्टेशन पर ट्रेन में रोटियां बांटती थी। भाजपा जिलाध्यक्ष वीरेंद्र कौशिक ने नागरिकों से आह्वान किया। उन्होंने 14 अगस्त को गुरुग्राम में होने वाले प्रदेश स्तरीय कार्यक्रम में शामिल होने को कहा।