{"_id":"6a0f69e8c95d421024000cc6","slug":"hsvps-cleaning-has-been-entangled-in-file-transfer-for-three-years-bhiwani-news-c-125-1-shsr1009-151439-2026-05-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bhiwani News: तीन साल से फाइल ट्रांसफर के फेर में उलझी एचएसवीपी की सफाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bhiwani News: तीन साल से फाइल ट्रांसफर के फेर में उलझी एचएसवीपी की सफाई
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Fri, 22 May 2026 01:54 AM IST
विज्ञापन
शहर के पॉश इलाके में फैली गंदगी।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
भिवानी। पॉश कॉलोनियों में दुकानें, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स व अन्य तरह के भवन तैयार करने वाले एचएसवीपी की ढिलाई का खामियाजा आमजन भुगत रहे हैं। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) इन इलाकों की केवल सफाई का कार्य नगर परिषद को सौंपने के लिए फाइलें तैयार कर रहा है लेकिन करीब तीन साल से न तो फाइल ट्रांसफर हुई और न ही एचएसवीपी ने इन इलाकों की सफाई करवाई।
हालात ये शहर के पॉश इलाकों में शामिल पांच जगहों पर तीन साल से गंदगी के ढेर लगे हैं। वहां के जगह अलॉट कराने वाले ही खुद सफाई करवाकर कचरा नगर परिषद के प्वाइंटों पर पहुंचा रहे हैं। कायदे से एचएसवीपी नगर परिषद को केवल सफाई का कार्य ही नहीं सौंप सकती बल्कि अन्य कार्य जिनमें बिजली, पानी की सप्लाई, सीवर, सड़कें, शौचालय व अन्य चीजें सौंपनी होती है। नगर परिषद उन सभी चीजों को टेक ओवर करेगी। उसके बाद ही उन जगहों पर सफाई या अन्य कार्य हो सकते हैं। जब तक ये कागजी कार्रवाई पूरी नहीं हो जाती। तब तक एचएसवीपी को ही सफाई करवानी होती है लेकिन तीन साल से केवल नप को फाइल भेजने का बहाना बनाकर एचएसवीपी अपनी जिम्मेदारियों से बच रहा है। इस मामले को वीरवार को जिला प्रशासन के समाधान शिविर में पार्षद संदीप यादव ने उठाया।
पार्षद ने विगत में एचएसवीपी से इस बारे में जवाब मांगा था। जिस पर एचएसवीपी की तरफ से बताया गया कि वे सफाई का कार्य नगर परिषद को सौंपने जा रहे हैं। पार्षद ने सीटीएम को बताया कि किसी भी सरकारी एजेंसी का इस तरह का जवाब नहीं बनता। एचएसवीपी जानबूझकर अपनी जिम्मेदारियों से भाग रहा है।
विज्ञापन
इस पर सीटीएम ने एचएसवीपी के अधिकारियों को निर्देश दिए कि जब तक नगर परिषद को सौंपने की सारी प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती, तब तक सफाई करवाई जाए। बता दें कि एचएसवीपी के दायरे में शहर का हुडा सिटी सेंटर, पुराना बस स्टैंड मार्केट, पंचायत पॉकेट, नया बस स्टैंड क्षेत्र की मार्केट, औद्योगिक क्षेत्र की सफाई करवाई जानी है।
हालात ये शहर के पॉश इलाकों में शामिल पांच जगहों पर तीन साल से गंदगी के ढेर लगे हैं। वहां के जगह अलॉट कराने वाले ही खुद सफाई करवाकर कचरा नगर परिषद के प्वाइंटों पर पहुंचा रहे हैं। कायदे से एचएसवीपी नगर परिषद को केवल सफाई का कार्य ही नहीं सौंप सकती बल्कि अन्य कार्य जिनमें बिजली, पानी की सप्लाई, सीवर, सड़कें, शौचालय व अन्य चीजें सौंपनी होती है। नगर परिषद उन सभी चीजों को टेक ओवर करेगी। उसके बाद ही उन जगहों पर सफाई या अन्य कार्य हो सकते हैं। जब तक ये कागजी कार्रवाई पूरी नहीं हो जाती। तब तक एचएसवीपी को ही सफाई करवानी होती है लेकिन तीन साल से केवल नप को फाइल भेजने का बहाना बनाकर एचएसवीपी अपनी जिम्मेदारियों से बच रहा है। इस मामले को वीरवार को जिला प्रशासन के समाधान शिविर में पार्षद संदीप यादव ने उठाया।
विज्ञापन
विज्ञापन
पार्षद ने विगत में एचएसवीपी से इस बारे में जवाब मांगा था। जिस पर एचएसवीपी की तरफ से बताया गया कि वे सफाई का कार्य नगर परिषद को सौंपने जा रहे हैं। पार्षद ने सीटीएम को बताया कि किसी भी सरकारी एजेंसी का इस तरह का जवाब नहीं बनता। एचएसवीपी जानबूझकर अपनी जिम्मेदारियों से भाग रहा है।
Trending Videos
इस पर सीटीएम ने एचएसवीपी के अधिकारियों को निर्देश दिए कि जब तक नगर परिषद को सौंपने की सारी प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती, तब तक सफाई करवाई जाए। बता दें कि एचएसवीपी के दायरे में शहर का हुडा सिटी सेंटर, पुराना बस स्टैंड मार्केट, पंचायत पॉकेट, नया बस स्टैंड क्षेत्र की मार्केट, औद्योगिक क्षेत्र की सफाई करवाई जानी है।