{"_id":"6a83602778690097d3055ff4","slug":"husband-and-mother-in-law-convicted-of-dowry-death-sentenced-to-10-years-of-rigorous-imprisonment-each-bhiwani-news-c-125-1-shsr1009-155568-2026-08-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bhiwani News: दहेज हत्या के दोषी पति और सास को 10-10 साल का कठोर कारावास","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bhiwani News: दहेज हत्या के दोषी पति और सास को 10-10 साल का कठोर कारावास
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भिवानी। दहेज हत्या मामले में सोमवार को दोषी पति निशु और उसकी मां संतोष को अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सुरुचि अटरेजा सिंह की अदालत ने 10-10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। दोनों पर 20-20 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माना अदा न करने पर अतिरिक्त सजा का प्रावधान किया गया है।
थाना शहर में दर्ज मामले में मोडान गली निवासी निशु और संतोष को अदालत ने दोषी करार दिया। थाना शहर पुलिस को 17 जनवरी 2020 को सूचना मिली थी कि अंजू पत्नी निशु निवासी मोडान गली ने फंदा लगा लिया है। मृतका के पिता हरगोविंद ने शिकायत में बताया कि उनकी बेटी अंजू की शादी 8 दिसंबर 2019 को भिवानी की भारत भवन धर्मशाला में हुई थी। शादी के बाद पति निशु और सास संतोष दहेज में कार व नकदी की मांग को लेकर अंजू को प्रताड़ित करने लगे।
अंजू ने उन्हें बताया था कि ससुराल वालों द्वारा उसे बहुत अधिक प्रताड़ित किया जा रहा है। इसके बाद उसने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतका के पिता की शिकायत पर थाना शहर में 18 जनवरी 2020 को धारा 304-बी, 498-ए व 34 भारतीय दंड संहिता के तहत अभियोग दर्ज किया गया। पुलिस ने शिकायत मिलने के तुरंत बाद नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। ट्रायल के दौरान पुलिस ने न्यायालय के समक्ष मामले से संबंधित साक्ष्य और गवाह प्रस्तुत किए।
विज्ञापन
दोनों धाराओं में अलग-अलग सजा
प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने दोषी संतोष को धारा 304-बी व 34 आईपीसी के तहत 10 वर्ष के कठोर कारावास और 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। वहीं धारा 498-ए व 34 आईपीसी के तहत तीन वर्ष के कठोर कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई। जुर्माना अदा न करने पर तीन माह का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा। दोषी निशु को भी धारा 304-बी व 34 आईपीसी के तहत 10 वर्ष के कठोर कारावास और 20 हजार रुपये जुर्माने तथा धारा 498-ए व 34 आईपीसी के तहत तीन वर्ष के कठोर कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई। जुर्माना अदा न करने पर उसे भी तीन माह का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा।
विज्ञापन
थाना शहर में दर्ज मामले में मोडान गली निवासी निशु और संतोष को अदालत ने दोषी करार दिया। थाना शहर पुलिस को 17 जनवरी 2020 को सूचना मिली थी कि अंजू पत्नी निशु निवासी मोडान गली ने फंदा लगा लिया है। मृतका के पिता हरगोविंद ने शिकायत में बताया कि उनकी बेटी अंजू की शादी 8 दिसंबर 2019 को भिवानी की भारत भवन धर्मशाला में हुई थी। शादी के बाद पति निशु और सास संतोष दहेज में कार व नकदी की मांग को लेकर अंजू को प्रताड़ित करने लगे।
विज्ञापन
अंजू ने उन्हें बताया था कि ससुराल वालों द्वारा उसे बहुत अधिक प्रताड़ित किया जा रहा है। इसके बाद उसने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतका के पिता की शिकायत पर थाना शहर में 18 जनवरी 2020 को धारा 304-बी, 498-ए व 34 भारतीय दंड संहिता के तहत अभियोग दर्ज किया गया। पुलिस ने शिकायत मिलने के तुरंत बाद नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। ट्रायल के दौरान पुलिस ने न्यायालय के समक्ष मामले से संबंधित साक्ष्य और गवाह प्रस्तुत किए।
विज्ञापन
दोनों धाराओं में अलग-अलग सजा
प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने दोषी संतोष को धारा 304-बी व 34 आईपीसी के तहत 10 वर्ष के कठोर कारावास और 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। वहीं धारा 498-ए व 34 आईपीसी के तहत तीन वर्ष के कठोर कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई। जुर्माना अदा न करने पर तीन माह का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा। दोषी निशु को भी धारा 304-बी व 34 आईपीसी के तहत 10 वर्ष के कठोर कारावास और 20 हजार रुपये जुर्माने तथा धारा 498-ए व 34 आईपीसी के तहत तीन वर्ष के कठोर कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई। जुर्माना अदा न करने पर उसे भी तीन माह का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा।