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युवाओं को डिजिटल रूप से सदृढ़ बनाने में राष्ट्रीय सेवा योजना की अहम भूमिका : डॉ. राजेंद्र
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वैश्य महाविद्यालय में आयोजित विश्वविद्यालय स्तरीय शिविर में अतिथि को सम्मानित करती प्रो डॉ द
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भिवानी। युवाओं को प्रशिक्षित करने के लिए लगाए जा रहे शिविरों का उद्देश्य युवाओं को डिजिटल रूप से सदृढ़ बनाते हुए आगे बढ़ने का संदेश देना है। यह बात वैश्य महाविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाइयों की ओर से मेरे भारत के लिए युवा और डिजिटल साक्षरता के लिए युवा विषय पर आयोजित विश्वविद्यालय स्तरीय 7 दिवसीय शिविर का शुभारंभ करते हुए मुख्य अतिथि महर्षि वाल्मीकि संस्कृत विश्वविद्यालय कैथल के कुलगुरु डाॅ. राजेंद्र अनायत ने कही।
उन्होंने कहा कि युवाओं को समाज में सार्थक रूप से शामिल होने के लिए कौशल और अवसरों से लैस होना होगा। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. संजय गोयल ने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना शिविर विद्यार्थियों में सेवा भावना, नेतृत्व क्षमता और सामाजिक जिम्मेदारी को विकसित करने का महत्वपूर्ण माध्यम है।
समारोह की अध्यक्षता करते हुए सीबीएलयू कुलगुरु डॉ. दीप्ति धर्माणी ने कहा कि वर्तमान समय में डिजिटल साक्षरता समाज के विकास की एक महत्वपूर्ण आवश्यकता बन गई है। उन्होंने कहा कि एनएसएस स्वयंसेवक समाज में जागरूकता फैलाने के साथ-साथ राष्ट्र निर्माण में भी अहम भूमिका निभाते हैं।
केंद्रीय विश्वविद्यालय हरियाणा से प्रोफेसर दिनेश चहल ने युवाओं को तकनीक का सकारात्मक उपयोग करते हुए समाज में जागरूकता और विकास की दिशा में कार्य करते रहने के लिए प्रेरित किया। समिति के उपाध्यक्ष डाक्टर पवन बुवानीवाला ने कहा कि युवा वर्ग भारत देश के विकास की अहम कड़ी है। इसके लिए युवाओं को सशक्त बनने के लिए अथक प्रयास करते हुए डिजिटल रूप से साक्षर होना होगा।
महाविद्यालय की एनएसएस इकाइयों के प्रभारी डॉ. कामना कौशिक एवं डॉ. मोहनलाल ने बताया कि शिविर में हरियाणा के विभिन्न विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों से लगभग 200 एनएसएस स्वयंसेवक और 16 कार्यक्रम अधिकारी भाग ले रहे हैं। सात दिनों तक स्वयंसेवक सामाजिक सेवा गतिविधियों, स्वच्छता अभियान, डिजिटल साक्षरता कार्यक्रम तथा विभिन्न रचनात्मक गतिविधियों में भाग लेंगे।
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उन्होंने कहा कि युवाओं को समाज में सार्थक रूप से शामिल होने के लिए कौशल और अवसरों से लैस होना होगा। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. संजय गोयल ने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना शिविर विद्यार्थियों में सेवा भावना, नेतृत्व क्षमता और सामाजिक जिम्मेदारी को विकसित करने का महत्वपूर्ण माध्यम है।
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समारोह की अध्यक्षता करते हुए सीबीएलयू कुलगुरु डॉ. दीप्ति धर्माणी ने कहा कि वर्तमान समय में डिजिटल साक्षरता समाज के विकास की एक महत्वपूर्ण आवश्यकता बन गई है। उन्होंने कहा कि एनएसएस स्वयंसेवक समाज में जागरूकता फैलाने के साथ-साथ राष्ट्र निर्माण में भी अहम भूमिका निभाते हैं।
केंद्रीय विश्वविद्यालय हरियाणा से प्रोफेसर दिनेश चहल ने युवाओं को तकनीक का सकारात्मक उपयोग करते हुए समाज में जागरूकता और विकास की दिशा में कार्य करते रहने के लिए प्रेरित किया। समिति के उपाध्यक्ष डाक्टर पवन बुवानीवाला ने कहा कि युवा वर्ग भारत देश के विकास की अहम कड़ी है। इसके लिए युवाओं को सशक्त बनने के लिए अथक प्रयास करते हुए डिजिटल रूप से साक्षर होना होगा।
महाविद्यालय की एनएसएस इकाइयों के प्रभारी डॉ. कामना कौशिक एवं डॉ. मोहनलाल ने बताया कि शिविर में हरियाणा के विभिन्न विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों से लगभग 200 एनएसएस स्वयंसेवक और 16 कार्यक्रम अधिकारी भाग ले रहे हैं। सात दिनों तक स्वयंसेवक सामाजिक सेवा गतिविधियों, स्वच्छता अभियान, डिजिटल साक्षरता कार्यक्रम तथा विभिन्न रचनात्मक गतिविधियों में भाग लेंगे।