{"_id":"6a7246d760ee3055f90afa74","slug":"man-arrested-for-providing-cousins-bank-account-to-cyber-fraudsters-bhiwani-news-c-125-1-shsr1009-154906-2026-08-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bhiwani News: मौसेरे भाई का बैंक खाता साइबर ठगों को उपलब्ध कराने का आरोपी गिरफ्तार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bhiwani News: मौसेरे भाई का बैंक खाता साइबर ठगों को उपलब्ध कराने का आरोपी गिरफ्तार
Wed, 05 Aug 2026 01:38 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Wed, 05 Aug 2026 01:38 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भिवानी। साइबर क्राइम थाना पुलिस ने अपने मौसेरे भाई का बैंक खाता साइबर ठगों को उपलब्ध कराने के आरोप में गांव सलेमपुर निवासी राहुल को सोमवार को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को मंगलवार को न्यायालय में पेश किया गया जहां से उसे जिला कारागार भेजने के आदेश दिए गए।
प्रारंभिक जांच में सामने आया कि आरोपी ने बहला-फुसलाकर अपने मौसी के बेटे अर्जुन का बैंक खाता खुलवाया था जिसका इस्तेमाल देशभर में साइबर धोखाधड़ी से हासिल रकम मंगाने के लिए किया जा रहा था। थाना साइबर क्राइम भिवानी के मुख्य सिपाही रफीक ने टीम के साथ आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
जांच में पता चला कि राहुल ने अर्जुन के नाम से इंडियन बैंक में खाता खुलवाया। इसके बाद उसने बैंक किट और सिम कार्ड अपने कब्जे में लेकर खाता साइबर धोखाधड़ी करने वाले अन्य आरोपियों को उपलब्ध करा दिया। पुलिस के अनुसार इस बैंक खाते का इस्तेमाल देशभर में ऑनलाइन साइबर धोखाधड़ी से प्राप्त अवैध धनराशि जमा कराने के लिए किया जा रहा था।
विज्ञापन
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह मेहनत-मजदूरी करता है। उसने साइबर ठगों को बैंक खाता उपलब्ध कराया था। इसके बदले खाते में आने वाली साइबर धोखाधड़ी की राशि का दो प्रतिशत कमीशन मिलता था।
विज्ञापन
प्रारंभिक जांच में सामने आया कि आरोपी ने बहला-फुसलाकर अपने मौसी के बेटे अर्जुन का बैंक खाता खुलवाया था जिसका इस्तेमाल देशभर में साइबर धोखाधड़ी से हासिल रकम मंगाने के लिए किया जा रहा था। थाना साइबर क्राइम भिवानी के मुख्य सिपाही रफीक ने टीम के साथ आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
विज्ञापन
जांच में पता चला कि राहुल ने अर्जुन के नाम से इंडियन बैंक में खाता खुलवाया। इसके बाद उसने बैंक किट और सिम कार्ड अपने कब्जे में लेकर खाता साइबर धोखाधड़ी करने वाले अन्य आरोपियों को उपलब्ध करा दिया। पुलिस के अनुसार इस बैंक खाते का इस्तेमाल देशभर में ऑनलाइन साइबर धोखाधड़ी से प्राप्त अवैध धनराशि जमा कराने के लिए किया जा रहा था।
विज्ञापन
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह मेहनत-मजदूरी करता है। उसने साइबर ठगों को बैंक खाता उपलब्ध कराया था। इसके बदले खाते में आने वाली साइबर धोखाधड़ी की राशि का दो प्रतिशत कमीशन मिलता था।