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Bhiwani News: बढ़ते तापमान के बीच बढ़े मुंह व गले के संक्रमण के मामले
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जिला नागरिक अस्पताल में अल्ट्रासाउंड कक्ष के बाहर बैठे मरीज।
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भिवानी। जिले में बढ़ता तापमान लोगों के स्वास्थ्य पर असर डाल रहा है। गर्मी के कारण मुंह में संक्रमण, छाले और गले में दर्द की समस्या तेजी से बढ़ रही है। शहर के पंडित नेकीराम शर्मा राजकीय मेडिकल कॉलेज में इस तरह के लक्षणों वाले मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है।
मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में प्रतिदिन औसतन 2000 मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं जिनमें सामान्य रोग विशेषज्ञ के पास करीब 350 और ईएनटी (कान, नाक व गला) रोग विशेषज्ञ के पास लगभग 150 मरीज परामर्श के लिए आते हैं। इनमें से 45 से 50 मरीज प्रतिदिन गले में दर्द और मुंह के छालों की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं।
जिला मेडिकल कॉलेज के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. यतिन गुप्ता और ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. शुभम महता ने बताया कि इस समय मौसम में लगातार बदलाव हो रहा है और वातावरण में प्रदूषण का स्तर भी बढ़ा हुआ है। हवा में मौजूद सूक्ष्म कणों के कारण सूखी खांसी, गले में खराश और संक्रमण के मामले बढ़ रहे हैं। इसके साथ ही मुंह के छालों की समस्या भी आम हो गई है।
डॉक्टरों ने बताया कि बदलते मौसम में खानपान में लापरवाही भी बीमारियों का बड़ा कारण बन रही है। ठंडी चीजों का अधिक सेवन और बाहर का खुला भोजन गले के संक्रमण को बढ़ावा दे रहा है। उन्होंने लोगों से सावधानी बरतने और समय रहते बचाव अपनाने की अपील की ताकि मौसमी बीमारियों से सुरक्षित रहा जा सके।
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मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में प्रतिदिन औसतन 2000 मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं जिनमें सामान्य रोग विशेषज्ञ के पास करीब 350 और ईएनटी (कान, नाक व गला) रोग विशेषज्ञ के पास लगभग 150 मरीज परामर्श के लिए आते हैं। इनमें से 45 से 50 मरीज प्रतिदिन गले में दर्द और मुंह के छालों की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं।
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जिला मेडिकल कॉलेज के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. यतिन गुप्ता और ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. शुभम महता ने बताया कि इस समय मौसम में लगातार बदलाव हो रहा है और वातावरण में प्रदूषण का स्तर भी बढ़ा हुआ है। हवा में मौजूद सूक्ष्म कणों के कारण सूखी खांसी, गले में खराश और संक्रमण के मामले बढ़ रहे हैं। इसके साथ ही मुंह के छालों की समस्या भी आम हो गई है।
डॉक्टरों ने बताया कि बदलते मौसम में खानपान में लापरवाही भी बीमारियों का बड़ा कारण बन रही है। ठंडी चीजों का अधिक सेवन और बाहर का खुला भोजन गले के संक्रमण को बढ़ावा दे रहा है। उन्होंने लोगों से सावधानी बरतने और समय रहते बचाव अपनाने की अपील की ताकि मौसमी बीमारियों से सुरक्षित रहा जा सके।
