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Bhiwani News: अब मेघालय बोर्ड की तर्ज पर हरियाणा बोर्ड नए सत्र से लागू करेगा स्मार्ट पुस्तकें, हर प्रश्न पर अंकित होगा क्यूआर कोड

संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी Updated Thu, 19 Mar 2026 12:18 AM IST
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Now, following the Meghalaya Board, the Haryana Board will implement smart books from the new session, with a QR code marked on every question.
​भिवानी में स्मार्ट पुस्तक के अंदर प्रत्येक प्रश्न पर लगे क्यूआर कोड को दिखाते बोर्ड अध्यक्ष डॉ
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भिवानी। हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड अब मेघालय शिक्षा बोर्ड की तर्ज पर कक्षा 9वीं से 12वीं तक स्मार्ट पुस्तकें लागू करने की तैयारी कर चुका है। नए शिक्षा सत्र से प्रत्येक कक्षा के विद्यार्थियों को स्मार्ट पुस्तकें पढ़ाई जाएंगी। स्मार्ट पुस्तकों में प्रत्येक प्रश्न के साथ क्यूआर कोड अंकित होगा। विद्यार्थी को यदि किसी प्रश्न पर संदेह या जिज्ञासा हो तो वह क्यूआर कोड स्कैन कर अपने मोबाइल पर संबंधित पाठ का वीडियो लेक्चर देख सकेगा, इसके लिए गुरुजी से परामर्श लेने की आवश्यकता नहीं होगी।
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हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. पवन कुमार ने बताया कि स्मार्ट पुस्तकों के साथ बोर्ड वर्चुअल लैब की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। इसके लिंक के जरिए विद्यार्थी तकनीकी गतिविधियों, इंटरनेट और एआई तकनीक से जुड़ी जानकारी भी आसानी से प्राप्त कर सकेंगे। स्मार्ट पुस्तकों का प्रकाशन कार्य अंतिम चरण में है और जल्द ही छात्रों तक उपलब्ध कराया जाएगा।
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त्रिभाषीय फार्मूला और छह विषयों का आंकलन
हरियाणा बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. पवन कुमार ने बताया कि नए सत्र से राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत त्रिभाषीय सूत्र लागू किया जाएगा। कक्षा 9वीं और 10वीं के विद्यार्थियों को हिंदी, अंग्रेजी और संस्कृत, पंजाबी या उर्दू में से किसी एक भाषा का अध्ययन करना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही अब विद्यार्थी का मूल्यांकन पांच विषयों की बजाय छह विषयों के आधार पर होगा।
दिव्यांग मूक-बधीर बच्चों के लिए विशेष व्यवस्था
बोर्ड ने प्रदेश के आठ विशेष विद्यालयों में पढ़ रहे मूक-बधीर बच्चों के लिए भी अलग पठन-पाठन योजना लागू करने का निर्णय लिया है। शारीरिक रूप से अक्षम विद्यार्थियों को भाषा चयन में छूट दी जाएगी। इसके अलावा इंडियन साइन लैंग्वेज (आईएसएल) को पाठ्यक्रम में एक विषय के रूप में शामिल किया जाएगा। हरियाणा बोर्ड देश का पहला ऐसा बोर्ड बन जाएगा जो दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए सांकेतिक भाषा को औपचारिक विषय के रूप में लागू करेगा।
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