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Haryana: तिलकब्रिज-सिरसा ट्रेन का LHB रैक से संचालन होगा शुरू, आईसीएफ कोचों की तुलना में होती है अधिक सुरक्षित
Fri, 24 Jul 2026 10:59 AM IST
Naveen
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी (हरियाणा)
Published by: Naveen
Updated Fri, 24 Jul 2026 10:59 AM IST
सार
रेलवे में एलएचबी रैक का मतलब लिंके-होफमैन-बुश कोचों से बनी ट्रेन रैक्स से है, जो आधुनिक, हल्की और स्टेनलेस स्टील से बनी होती हैं। इन्हें पारंपरिक नीले रंग के आईसीएफ कोचों की तुलना में अधिक सुरक्षित, आरामदायक और तेज गति वाला माना जाता है।
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एलएचबी रैक वाली ट्रैन
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
उत्तर पश्चिम रेलवे ने तीन जोड़ी रेल सेवाओं को एलएचबी रैक से संचालित करने का निर्णय लिया है। यह बदलाव यात्रियों को सुरक्षित और तेज संपर्क प्रदान करने के संकल्प का हिस्सा है। गाड़ी संख्या 15303/15304, कासगंज-नई दिल्ली-कासगंज रेल सेवा कासगंज से 22 अगस्त से और नई दिल्ली से 23 अगस्त से एलएचबी रैक के साथ चलेगी।
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इसी तरह गाड़ी संख्या 15305/15306 नई दिल्ली-रोहतक-नई दिल्ली रेल सेवा नई दिल्ली से 22 अगस्त से और रोहतक से भी 22 अगस्त से एलएचबी रैक से संचालित होगी। गाड़ी संख्या 15307/15308, तिलकब्रिज-सिरसा-तिलकब्रिज रेल सेवा तिलकब्रिज से 22 अगस्त 2026 से और सिरसा से 23 अगस्त से एलएचबी रैक के साथ चलेगी। इन तीनों जोड़ी रेल सेवाओं में एलएचबी रैक में कुल 16 डिब्बे होंगे। इनमें एक वातानुकूलित कुर्सीयान, नौ द्वितीय कुर्सीयान, चार साधारण श्रेणी के डिब्बे, एक पॉवर कार श्रेणी और एक गार्ड डिब्बा शामिल है।
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ये है एलएचबी रैक
रेलवे में एलएचबी रैक का मतलब लिंके-होफमैन-बुश कोचों से बनी ट्रेन रैक्स से है, जो आधुनिक, हल्की और स्टेनलेस स्टील से बनी होती हैं। इन्हें पारंपरिक नीले रंग के आईसीएफ कोचों की तुलना में अधिक सुरक्षित, आरामदायक और तेज गति वाला माना जाता है।
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