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Bhiwani News: तेज आंधी और बारिश से बदला मौसम का मिजाज
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जूई अनाज मंडी में भीगी सरसों।
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भिवानी। तेज आंधी के साथ बुधवार देर शाम हुई झमाझम बारिश से मौसम का मिजाज बदल गया। बारिश के बाद हवा में ठंडक घुल गई और तापमान में चार से पांच डिग्री तक गिरावट दर्ज की गई। हालांकि शहर की मुख्य सड़कों और रास्तों पर फैले कूड़े के कारण जगह-जगह कीचड़ हो गया जिससे राहगीरों की परेशानी बढ़ गई।
बुधवार को जिले का अधिकतम तापमान 41 डिग्री और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री दर्ज किया गया। दिनभर तेज धूप और उमस भरी गर्मी से लोग बेहाल रहे लेकिन शाम करीब साढ़े सात बजे अचानक तेज आंधी के साथ बारिश शुरू हो गई।
तेज आंधी और बारिश से भीगी मंडी में रखी हजारों क्विंटल सरसों
जूई। क्षेत्र में दिनभर उमस भरी गर्मी के बाद अचानक मौसम ने करवट ली और तेज आंधी, बारिश तथा ओलावृष्टि से जनजीवन प्रभावित हो गया। जहां एक ओर बारिश से लोगों को गर्मी से राहत मिली वहीं किसानों को नुकसान और फायदे दोनों की स्थिति का सामना करना पड़ा।
अनाज मंडी में खुले आसमान के नीचे रखी हजारों क्विंटल सरसों बारिश में भीग गई जिससे व्यापारियों और किसानों को भारी नुकसान की आशंका है। मंडी में पर्याप्त शेड नहीं होने के कारण फसल को सुरक्षित नहीं रखा जा सका। अचानक हुई बारिश ने व्यवस्थाओं की पोल खोल दी। वहीं इस बारिश से कपास, ज्वार और बाजरा के चारे वाली फसलों को फायदा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। किसानों का कहना है कि समय पर हुई बारिश से इन फसलों की बढ़वार बेहतर होगी और उत्पादन बढ़ सकता है। हालांकि तंबाकू उत्पादक किसानों के लिए यह बारिश नुकसानदायक साबित हुई है। किसानों के अनुसार तंबाकू की फसल को सूखे मौसम की जरूरत होती है और ओलावृष्टि व नमी से फसल खराब होने की संभावना बढ़ गई है। मौसम में आए इस बदलाव से जहां आमजन को गर्मी से राहत मिली वहीं किसान अब आगे के मौसम पर नजर बनाए हुए हैं ताकि फसलों को बचाने के लिए जरूरी कदम उठाए जा सकें।
तेज आंधी से टूटे पेड़, रास्ता हुआ बाधित
ढिगावामंडी। क्षेत्र में मंगलवार रात आए तेज आंधी-तूफान से कई पेड़ टूट गए। ढिगावा से मनफरा जाने वाली सड़क पर पेड़ की टहनियां गिरने से रास्ता बाधित हो गया। आसपास के लोगों ने टहनियों को काटकर रास्ता खुलवाया। तेज आंधी के कारण पशु बाड़ों के टिन शेड भी उड़ गए। पशुपालक जयराम ने बताया कि आंधी-तूफान इतना तेज था कि पशुओं को बांधने और चारा रखने के लिए बनाए गए टिन शेड उड़कर दूर खेतों में जा गिरे जिससे उसे काफी नुकसान हुआ है।
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तेज आंधी और बारिश से भीगी मंडी में रखी हजारों क्विंटल सरसों
जूई। क्षेत्र में दिनभर उमस भरी गर्मी के बाद अचानक मौसम ने करवट ली और तेज आंधी, बारिश तथा ओलावृष्टि से जनजीवन प्रभावित हो गया। जहां एक ओर बारिश से लोगों को गर्मी से राहत मिली वहीं किसानों को नुकसान और फायदे दोनों की स्थिति का सामना करना पड़ा।
अनाज मंडी में खुले आसमान के नीचे रखी हजारों क्विंटल सरसों बारिश में भीग गई जिससे व्यापारियों और किसानों को भारी नुकसान की आशंका है। मंडी में पर्याप्त शेड नहीं होने के कारण फसल को सुरक्षित नहीं रखा जा सका। अचानक हुई बारिश ने व्यवस्थाओं की पोल खोल दी। वहीं इस बारिश से कपास, ज्वार और बाजरा के चारे वाली फसलों को फायदा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। किसानों का कहना है कि समय पर हुई बारिश से इन फसलों की बढ़वार बेहतर होगी और उत्पादन बढ़ सकता है। हालांकि तंबाकू उत्पादक किसानों के लिए यह बारिश नुकसानदायक साबित हुई है। किसानों के अनुसार तंबाकू की फसल को सूखे मौसम की जरूरत होती है और ओलावृष्टि व नमी से फसल खराब होने की संभावना बढ़ गई है। मौसम में आए इस बदलाव से जहां आमजन को गर्मी से राहत मिली वहीं किसान अब आगे के मौसम पर नजर बनाए हुए हैं ताकि फसलों को बचाने के लिए जरूरी कदम उठाए जा सकें।
तेज आंधी से टूटे पेड़, रास्ता हुआ बाधित
ढिगावामंडी। क्षेत्र में मंगलवार रात आए तेज आंधी-तूफान से कई पेड़ टूट गए। ढिगावा से मनफरा जाने वाली सड़क पर पेड़ की टहनियां गिरने से रास्ता बाधित हो गया। आसपास के लोगों ने टहनियों को काटकर रास्ता खुलवाया। तेज आंधी के कारण पशु बाड़ों के टिन शेड भी उड़ गए। पशुपालक जयराम ने बताया कि आंधी-तूफान इतना तेज था कि पशुओं को बांधने और चारा रखने के लिए बनाए गए टिन शेड उड़कर दूर खेतों में जा गिरे जिससे उसे काफी नुकसान हुआ है।