सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Bhiwani News ›   The certificate shines, but the patient is still suffering.

Bhiwani News: प्रमाणपत्र तो चमक गया, मरीज अब भी त्रस्त

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 07 Mar 2026 01:42 AM IST
विज्ञापन
The certificate shines, but the patient is still suffering.
शहर के मेडिकल कॉलेज में लगी  मरीजों की भीड़। 
विज्ञापन
भिवानी। जिला नागरिक अस्पताल को हाल ही में राष्ट्रीय गुणवत्ता प्रमाणपत्र मिला है। अस्पताल ने राज्य से राष्ट्रीय स्तर तक 95 फीसदी अंक हासिल किए। हालांकि प्रमाणपत्र मिलने पर चिकित्सकों व अधिकारियों ने खुशी जताई लेकिन अस्पताल मरीजों के लिए कई मामलों में फेल साबित हो रहा है।
Trending Videos

मरीजों का कहना है कि अस्पताल के अंदर सुविधाओं का हाल खराब है। स्टाफ की कमी, दवाओं की अनुपलब्धता और जांच प्रक्रियाओं में देरी के कारण उन्हें भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल में स्थित खून जांच केंद्र पर थायराइड और हेपेटाइटिस किट खत्म होने से जांच प्रभावित हो रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

अल्ट्रासाउंड केंद्र पर मरीजों को एक माह तक इंतजार करना पड़ रहा है। मरीजों ने स्वास्थ्य मंत्री और मुख्य चिकित्सा अधिकारी से अस्पताल में सुविधाओं का विस्तार करने की मांग की है। शहर के नागरिक अस्पताल में खून जांच केंद्र के हालात दिन-प्रतिदिन बिगड़ते जा रहे हैं। पहले थायराइड जांच किट खत्म होने से मरीजों की जांच प्रभावित हो रही थी वहीं अब हेपेटाइटिस सी वायरस (एचसीवी), हेपेटाइटिस बी सरफेस एंटीजन (एचबीएसएजी) जैसी कई प्रकार की जांच किट भी खत्म हो चुकी हैं। मरीजों को मजबूरन निजी केंद्रों से जांच करवानी पड़ रही है। शुक्रवार को संवाददाता ने खून जांच केंद्र का दौरा किया।
कर्मचारियों ने बताया कि समय से खून जांच की पूरी सामग्री नहीं मिल रही जिसके कारण कई जांच नहीं हो पा रही हैं। उन्होंने कहा कि मरीजों की संख्या के मुकाबले जांच का सामान कम पहुंच रहा है और उच्च अधिकारियों को कई बार लिखकर समय पर सामग्री उपलब्ध कराने की मांग की जा चुकी है लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ।
कर्मचारियों ने कहा कि मरीजों को समय पर रिपोर्ट देना हमारा पहला प्रयास है। लेकिन जांच के लिए संसाधन ही नहीं हैं तो हम कार्य कैसे पूरा कर सकते हैं। संबंधित डिप्टी को कई बार इस समस्या के बारे में अवगत कराया गया है।
परिजनों ने आरोप लगाया कि डॉक्टरों द्वारा लिखी दवाएं कई बार अस्पताल में उपलब्ध नहीं होतीं जिससे उन्हें बाहर से दवा खरीदनी पड़ती है। कुछ कर्मचारियों के व्यवहार पर भी सवाल उठाए गए और अभद्र भाषा का प्रयोग करने का आरोप लगाया गया। मरीजों ने बताया कि नई और पुरानी बिल्डिंग के बीच स्पष्ट व्यवस्था न होने से बार-बार भटकना पड़ता है, जिसका सबसे अधिक असर बुजुर्ग और गंभीर मरीजों पर पड़ता है। ईसीजी केंद्र पर तैनात कुछ कर्मचारियों द्वारा अभद्र व्यवहार की भी शिकायतें आईं। कुछ मरीजों ने यह भी आरोप लगाया कि अनुभवहीन कर्मचारियों की तैनाती से कामकाज प्रभावित हो रहा है। उन्होंने मांग की कि ईसीजी केंद्र सहित अन्य विभागों में अनुभवी और कुशल स्टाफ तैनात किया जाए ताकि समय पर उपचार मिल सके।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed