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Bhiwani News: मेधा की महक...किसान की बेटी ने कर दिया कमाल, मंढोलीकलां की छात्रा महक धनखड़ व सिवानी की आशु ने 497 अंक लेकर प्रदेश में तीसरा स्थान हासिल किया
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Fri, 15 May 2026 12:42 AM IST
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भिवानी-बहल। हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की 10वीं कक्षा के परिणाम में जिले की प्रतिभाओं ने अपनी मेधा का परचम लहरा दिया। मंढोली कलां गांव के किसान रविन्द्र धनखड़ की बेटी महक 497 अंक हासिल प्रदेशभर में तीसरे व जिले में दूसरे स्थान पर रही। जिले ने प्रदेश की रैंकिंग में छह पायदान की लंबी छलांग लगाई है। पिछले साल जिला 18वें स्थान पर था वहीं इस वर्ष 91.32 फीसदी परिणाम के साथ 12वें पायदान हासिल किया है।
आर्य पब्लिक स्कूल मंढोली कलां की छात्रा महक ने अपनी सफलता का मूलमंत्र रटने के बजाय विषय की गहराई तक समझ को दिया है। महक ने बताया कि वह दिन में केवल छह से सात घंटे ही पढ़ती थी लेकिन जब पढ़ने बैठती थी तो मन एकाग्र कर ही विषय को समझती थी। उसने सोशल मीडिया से दूरी बनाकर रखी और विषय में कोई अड़चन आई तो विद्यालय के अध्यापकों से मिलकर उसका समाधान किया। महक ने अपनी सफलता का श्रेय विद्यालय के अध्यापकों, उसके पिता रविन्द्र धनखड़ व माता सीमा धनखड़ को दिया है। महक ने बताया कि सफलता के लिए विषय को रुचिकर बनाकर ही उसका अध्ययन करना चाहिए और उसे एकाग्रता से गहराई तक समझना चाहिए। मैंने निश्चिय किया था कि स्कूल का पिछला 98.4 प्रतिशत का रिकाॅर्ड जो हरियावास की बहन साक्षी के नाम है उसे तोड़ना है। मेरा लक्ष्य आईआईटी से इंजीनियरिंग कर सिविल सेवा में जाना है। 11वीं में मेडिकल और नॉन मेडिकल विषय लिए हैं। दोनों में बराबर रुचि है। मैंने विज्ञान में 100, गणित में 100, सामाजिक विज्ञान में 100, अंग्रेजी में 99 और फिजिकल में 98 फीसदी अंक लिए हैं।
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फोटो नंबर एचएसआर 36,37
आशु ने लक्ष्य साधकर की तैयारी, फहरा दिया परचम
सिवानी मंडी। बख्तावरपुरा निवासी किसान राजेश पूनिया की बेटी आशु ने 10वीं बोर्ड परीक्षा में शानदार प्रदर्शन करते हुए 500 में से 497 अंक हासिल किए। आशु ने प्रदेश में तीसरा और जिले में दूसरा स्थान प्राप्त किया है। साधारण किसान परिवार से संबंध रखने वाली आशु ने अपनी मेहनत, अनुशासन और लगन के दम पर यह मुकाम हासिल किया। आशु ने बताया कि वह आगे नॉन मेडिकल विषय लेकर आईआईटी की तैयारी करना चाहती है। पढ़ाई के दौरान उसने सोशल मीडिया का उपयोग केवल पढ़ाई से संबंधित जानकारी तक ही सीमित रखा और बेवजह की चीजों से दूरी बनाए रखी। अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता और गुरुजनों को दिया। उसने कहा कि परिवार के सहयोग और शिक्षकों के मार्गदर्शन ने उसे हमेशा आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। होली सीनियर सेकेंडरी स्कूल के प्राचार्य सज्जन जांगड़ा ने बताया कि आशु शुरू से ही मेधावी छात्रा रही है।
परीक्षा परिणाम में निरंतर सुधार
आंकड़ों पर नजर डालें तो जिले के परीक्षा परिणाम में निरंतर सुधार दिख रहा है। वर्ष 2024 में भिवानी 19वें स्थान पर था जो 2025 में सुधरकर 18वें और 2026 में 12वें स्थान पर आ गया है। हालांकि पास प्रतिशत के मामले में पिछले साल की तुलना में इस बार 0.68 फीसदी की मामूली गिरावट दर्ज की गई है। इस बार जिले से 14,478 परीक्षार्थी परीक्षा में बैठे थे जिनमें से 13,222 परीक्षार्थी उत्तीर्ण हुए। 947 परीक्षार्थी असफल रहे हैं जिन्हें दोबारा परीक्षा देनी होगी जबकि 309 परीक्षार्थियों की री-अपीयर आई है। वे विद्यार्थी इस बार सफल नहीं हो सके उनके पास जुलाई में आयोजित होने वाली सप्लीमेंट्री परीक्षा में शामिल होने का अवसर मिलेगा।
वेबसाइट रही धीमी पर चेहरे पर मुस्कान
नतीजों की घोषणा होते ही बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट www.bseh.org.in पर भारी ट्रैफिक के कारण गति धीमी रही जिससे विद्यार्थियों को रिजल्ट देखने में कुछ असुविधा हुई। वेबसाइट के अलावा परीक्षार्थियों ने ''''डिजिलॉकर'''' के माध्यम से भी अंकतालिका प्राप्त की।
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आर्य पब्लिक स्कूल मंढोली कलां की छात्रा महक ने अपनी सफलता का मूलमंत्र रटने के बजाय विषय की गहराई तक समझ को दिया है। महक ने बताया कि वह दिन में केवल छह से सात घंटे ही पढ़ती थी लेकिन जब पढ़ने बैठती थी तो मन एकाग्र कर ही विषय को समझती थी। उसने सोशल मीडिया से दूरी बनाकर रखी और विषय में कोई अड़चन आई तो विद्यालय के अध्यापकों से मिलकर उसका समाधान किया। महक ने अपनी सफलता का श्रेय विद्यालय के अध्यापकों, उसके पिता रविन्द्र धनखड़ व माता सीमा धनखड़ को दिया है। महक ने बताया कि सफलता के लिए विषय को रुचिकर बनाकर ही उसका अध्ययन करना चाहिए और उसे एकाग्रता से गहराई तक समझना चाहिए। मैंने निश्चिय किया था कि स्कूल का पिछला 98.4 प्रतिशत का रिकाॅर्ड जो हरियावास की बहन साक्षी के नाम है उसे तोड़ना है। मेरा लक्ष्य आईआईटी से इंजीनियरिंग कर सिविल सेवा में जाना है। 11वीं में मेडिकल और नॉन मेडिकल विषय लिए हैं। दोनों में बराबर रुचि है। मैंने विज्ञान में 100, गणित में 100, सामाजिक विज्ञान में 100, अंग्रेजी में 99 और फिजिकल में 98 फीसदी अंक लिए हैं।
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आशु ने लक्ष्य साधकर की तैयारी, फहरा दिया परचम
सिवानी मंडी। बख्तावरपुरा निवासी किसान राजेश पूनिया की बेटी आशु ने 10वीं बोर्ड परीक्षा में शानदार प्रदर्शन करते हुए 500 में से 497 अंक हासिल किए। आशु ने प्रदेश में तीसरा और जिले में दूसरा स्थान प्राप्त किया है। साधारण किसान परिवार से संबंध रखने वाली आशु ने अपनी मेहनत, अनुशासन और लगन के दम पर यह मुकाम हासिल किया। आशु ने बताया कि वह आगे नॉन मेडिकल विषय लेकर आईआईटी की तैयारी करना चाहती है। पढ़ाई के दौरान उसने सोशल मीडिया का उपयोग केवल पढ़ाई से संबंधित जानकारी तक ही सीमित रखा और बेवजह की चीजों से दूरी बनाए रखी। अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता और गुरुजनों को दिया। उसने कहा कि परिवार के सहयोग और शिक्षकों के मार्गदर्शन ने उसे हमेशा आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। होली सीनियर सेकेंडरी स्कूल के प्राचार्य सज्जन जांगड़ा ने बताया कि आशु शुरू से ही मेधावी छात्रा रही है।
परीक्षा परिणाम में निरंतर सुधार
आंकड़ों पर नजर डालें तो जिले के परीक्षा परिणाम में निरंतर सुधार दिख रहा है। वर्ष 2024 में भिवानी 19वें स्थान पर था जो 2025 में सुधरकर 18वें और 2026 में 12वें स्थान पर आ गया है। हालांकि पास प्रतिशत के मामले में पिछले साल की तुलना में इस बार 0.68 फीसदी की मामूली गिरावट दर्ज की गई है। इस बार जिले से 14,478 परीक्षार्थी परीक्षा में बैठे थे जिनमें से 13,222 परीक्षार्थी उत्तीर्ण हुए। 947 परीक्षार्थी असफल रहे हैं जिन्हें दोबारा परीक्षा देनी होगी जबकि 309 परीक्षार्थियों की री-अपीयर आई है। वे विद्यार्थी इस बार सफल नहीं हो सके उनके पास जुलाई में आयोजित होने वाली सप्लीमेंट्री परीक्षा में शामिल होने का अवसर मिलेगा।
वेबसाइट रही धीमी पर चेहरे पर मुस्कान
नतीजों की घोषणा होते ही बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट www.bseh.org.in पर भारी ट्रैफिक के कारण गति धीमी रही जिससे विद्यार्थियों को रिजल्ट देखने में कुछ असुविधा हुई। वेबसाइट के अलावा परीक्षार्थियों ने ''''डिजिलॉकर'''' के माध्यम से भी अंकतालिका प्राप्त की।