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Bhiwani News: बेचैनी में कटी रात, दिन में आक्रोश, देर शाम दबा समाधान का स्विच
Sat, 24 Oct 2026 12:41 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Sat, 24 Oct 2026 12:41 AM IST
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भिवानी। बिजली कर्मचारियों की हड़ताल से वीरवार रात और शुक्रवार दिन को भिवानी सर्कल के 162 फीडरों पर लंबे बिजली कट लगे। ग्रामीण क्षेत्रों में 24 से 36 घंटे तक आपूर्ति बाधित रहने से पेयजल, घरेलू कामकाज और सरकारी सेवाएं प्रभावित हुईं।
बहल समेत कई जगहों पर बिजली कटौती से परेशान लोगों ने शुक्रवार शाम रोड जाम कर प्रदर्शन किया। हालांकि देर शाम सरकार से बातचीत के बाद बिजली कर्मियों ने हड़ताल खत्म कर दी। इससे पहले शुक्रवार को निगम के करीब 95 प्रतिशत कर्मचारी हड़ताल पर डटे रहे।
इस दाैरान शिकायत केंद्र और टोल फ्री नंबर बंद रहने से उपभोक्ताओं की परेशानी और बढ़ गई। ग्रामीणों ने कई पावर सब स्टेशनों पर जानबूझकर बिजली कटौती किए जाने के आरोप लगाए।
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जिले के पावर सब स्टेशनों और सब डिविजन कार्यालयों के बाहर पुलिस तैनात रही। ड्यूटी मजिस्ट्रेट ने ग्रामीण फीडरों के संचालन की व्यवस्था जांची। कर्मचारियों को नियमित आपूर्ति बनाए रखने के निर्देश दिए गए। जिन फीडरों पर लाइन ब्रेकडाउन था उन्हें चालू कराकर बिजली बहाल कराई गई।
फ्यूज उड़े तो सुधारने नहीं पहुंचे कर्मचारी : शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में ट्रांसफार्मरों के फ्यूज उड़ने से भी आपूर्ति बाधित हुई। इन्हें ठीक करने के लिए कर्मचारी नहीं पहुंचे। शिकायत केंद्र और टोल फ्री नंबर बंद होने से उपभोक्ताओं को मदद नहीं मिली। दिनभर में टोल फ्री नंबर पर 650 से अधिक शिकायतें दर्ज होने की बात सामने आई लेकिन किसी शिकायत का जवाब नहीं मिला।
शुक्रवार को सरकारी कार्यालयों और पुलिस थानों में बिजली गुल रहने से कामकाज ठप रहा। लोगों को घंटों इंतजार के बाद भी मायूस लाैटना पड़ा। अस्पतालों में मरीज गर्मी से बेहाल नजर आए। किसान संगठनों ने हड़ताल का समर्थन किया।
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बहल समेत कई जगहों पर बिजली कटौती से परेशान लोगों ने शुक्रवार शाम रोड जाम कर प्रदर्शन किया। हालांकि देर शाम सरकार से बातचीत के बाद बिजली कर्मियों ने हड़ताल खत्म कर दी। इससे पहले शुक्रवार को निगम के करीब 95 प्रतिशत कर्मचारी हड़ताल पर डटे रहे।
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इस दाैरान शिकायत केंद्र और टोल फ्री नंबर बंद रहने से उपभोक्ताओं की परेशानी और बढ़ गई। ग्रामीणों ने कई पावर सब स्टेशनों पर जानबूझकर बिजली कटौती किए जाने के आरोप लगाए।
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जिले के पावर सब स्टेशनों और सब डिविजन कार्यालयों के बाहर पुलिस तैनात रही। ड्यूटी मजिस्ट्रेट ने ग्रामीण फीडरों के संचालन की व्यवस्था जांची। कर्मचारियों को नियमित आपूर्ति बनाए रखने के निर्देश दिए गए। जिन फीडरों पर लाइन ब्रेकडाउन था उन्हें चालू कराकर बिजली बहाल कराई गई।
फ्यूज उड़े तो सुधारने नहीं पहुंचे कर्मचारी : शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में ट्रांसफार्मरों के फ्यूज उड़ने से भी आपूर्ति बाधित हुई। इन्हें ठीक करने के लिए कर्मचारी नहीं पहुंचे। शिकायत केंद्र और टोल फ्री नंबर बंद होने से उपभोक्ताओं को मदद नहीं मिली। दिनभर में टोल फ्री नंबर पर 650 से अधिक शिकायतें दर्ज होने की बात सामने आई लेकिन किसी शिकायत का जवाब नहीं मिला।
शुक्रवार को सरकारी कार्यालयों और पुलिस थानों में बिजली गुल रहने से कामकाज ठप रहा। लोगों को घंटों इंतजार के बाद भी मायूस लाैटना पड़ा। अस्पतालों में मरीज गर्मी से बेहाल नजर आए। किसान संगठनों ने हड़ताल का समर्थन किया।