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Bhiwani News: प्रदीप हत्याकांड में लापरवाही पर तत्कालीन एसएचओ, जांच अधिकारी और महिला मुंशी निलंबित

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 02 Jul 2026 01:05 AM IST
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Then-SHO, investigating officer, and female *munshi* suspended for negligence in the Pradeep murder case.
भिवानी। बहल के चर्चित 21 वर्षीय प्रदीप हत्याकांड की शुरुआती जांच में लापरवाही बरतने के आरोप में बहल थाने के तत्कालीन एसएचओ, जांच अधिकारी और महिला मुंशी को निलंबित कर दिया गया है। इस मामले में पुलिस अधीक्षक के हस्तक्षेप के बाद मुख्य आरोपी सहित सात आरोपियों की गिरफ्तारी पहले ही हो चुकी है। बुधवार को प्रदीप की बहनों और परिजनों ने लघु सचिवालय पहुंचकर पुलिस अधीक्षक को शिकायत सौंपते हुए मामले में लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
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मृतक प्रदीप की बहनों प्रमिला और नीशा ने आरोप लगाया कि बहल पुलिस को भाई के साथ अनहोनी की आशंका, उससे जुड़े तथ्य और सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध कराने के बावजूद समय रहते कोई कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि जिस गांव के आरोपी थे उसी गांव के निवासी को जांच अधिकारी बनाया गया जिसने उन पर नाजायज दबाव बनाया और अभद्र व्यवहार किया। उन्होंने थाने की महिला मुंशी पर कार्रवाई आगे बढ़ाने के नाम पर 50 हजार रुपये मांगने का भी गंभीर आरोप लगाया। उनका कहना था कि तत्कालीन एसएचओ ने भी उनकी शिकायतों पर ध्यान नहीं दिया।
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सिवानी के डीएसपी सुरेंद्र कुमार ने बताया कि प्रदीप हत्याकांड में बहल थाने के तत्कालीन एसएचओ उप निरीक्षक प्रवीण, जांच अधिकारी एएसआई सोमबीर और महिला मुंशी रेखा को निलंबित कर दिया गया है। मामले में विभागीय जांच भी जारी है। उन्होंने बताया कि प्रदीप हत्याकांड में मुख्य आरोपी तनिष्क सहित सात आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस जांच में सामने आया है कि हत्या आपसी रंजिश के चलते की गई थी।
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प्रदीप की बहन प्रमिला ने बताया कि दो बहनों में प्रदीप इकलौता भाई था। उसकी हत्या साजिश के तहत की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि पुलिस समय रहते आरोपियों तक पहुंच जाती तो शायद उसके भाई की जान बच सकती थी। उन्होंने कहा कि आरोपियों ने प्रदीप को तड़पा-तड़पाकर मार डाला और कई गांवों में घुमाया लेकिन पुलिस कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं कर सकी। हत्या के बाद ही पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर मामले में तेजी दिखाई गई।

स्कूल की रंजिश और पैसों का विवाद बना हत्या की वजह
पुलिस के अनुसार प्रदीप हत्याकांड की वजह स्कूल के समय से चली आ रही आपसी रंजिश और पैसों के लेनदेन का विवाद था। मृतक प्रदीप और आरोपी हरकेश के बीच स्कूल के समय से विवाद चला आ रहा था। वहीं आरोपी तनिष्क का भी प्रदीप के साथ गाड़ी और पैसों के लेनदेन को लेकर विवाद था। इसी रंजिश के चलते आरोपियों ने अन्य साथियों के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची। 24 मई की शाम प्रदीप को बहल स्थित कृष्णा वाटिका के पास से बोलेरो कैंपर में बैठाकर ले जाया गया। इसके बाद उसे विभिन्न गांवों में घुमाते हुए उसके साथ मारपीट की गई।


रेलवे ट्रैक पर डालकर हत्या को हादसा दिखाने की कोशिश
पुलिस के अनुसार आरोपियों ने प्रदीप को बोलेरो कैंपर में बैठाने के बाद मंढोली, मंढाण, संडवा सहित कई गांवों में घुमाया गया। बाद में कालोद गांव के पास उसके साथ बेरहमी से मारपीट की गई और रस्सी से गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी गई। इसके बाद शव को सिवानी बाईपास के निकट रेलवे ट्रैक पर डाल दिया गया ताकि मामला आत्महत्या अथवा रेल हादसा प्रतीत हो। रेलवे पुलिस ने शव बरामद किया था लेकिन उस समय जांच आगे नहीं बढ़ सकी थी। 27 मई को बहल पुलिस को प्रदीप की हत्या का पता चल गया था लेकिन इसकी सूचना परिजनों को नहीं दी गई।

25 मई को दर्ज हुई गुमशुदगी, शिमला में कटे चालान से मिला सुराग
मृतक के पिता प्रताप निवासी बहल ने 25 मई को थाना बहल में प्रदीप की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसके बाद पुलिस की तीन टीमें और साइबर क्राइम टीम जांच में जुटी थीं। एक टीम दिल्ली-एनसीआर, दूसरी शिमला और तीसरी स्थानीय क्षेत्र में जांच कर रही थी। जांच के दौरान अहम सुराग तब मिला जब आरोपियों की बोलेरो गाड़ी का शिमला क्षेत्र में चालान कटने की जानकारी मिली। जांच में पता चला कि उस समय गाड़ी में चार युवक सवार थे। इसके बाद पुलिस ने तकनीकी साक्ष्य जुटाकर आरोपियों तक अपनी पकड़ मजबूत की।

सात आरोपी गिरफ्तार, फर्जी कॉल कर मांगे थे पैसे
पुलिस प्रदीप हत्याकांड में मुख्य आरोपी तनिष्क निवासी सुरपुरा कलां, अमित निवासी गोपालवास, रोहित उर्फ बच्ची निवासी गोपालवास, अमित निवासी मंढोली कलां, हिमांशु निवासी तलवानी और हरकेश निवासी मंढोली कलां सहित सात आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि प्रदीप के परिजनों के पास एक फर्जी फोन कॉल आई थी। कॉल करने वाले ने दावा किया था कि प्रदीप महाराष्ट्र में सड़क दुर्घटना में घायल होकर अस्पताल के आईसीयू में भर्ती है और इलाज के लिए रुपये मांगे थे। पुलिस जांच में यह कॉल पूरी तरह फर्जी निकली।



प्रदीप हत्या मामले में पुलिस ने सात आरोपियों की गिरफ्तारी कर ली है जबकि अन्य की भूमिका भी खंगाली जा रही है। पुलिस ने इस मामले की शुरूआती जांच में लापरवाही बरतने पर बहल पुलिस थाने के तत्कालीन एसएचओ प्रवीण, जांच अधिकारी सोमबीर और महिला मुंशी रेखा को निलंबित कर दिया है। पुलिस की नई जांच टीम मामले की तफ्तीश में जुटी है। -सुमित कुमार, पुलिस अधीक्षक भिवानी।
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