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हरियाणा में 90 फीसदी टीबी रोगियों का सफल इलाज : डाॅ. मिश्रा
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। स्वास्थ्य विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने कहा कि राज्य में टीबी से जुड़ी सेवाओं तक पारदर्शी जनभागीदारी बढ़ाई जा रही है। राज्य सरकार ऐसे लाभार्थियों को लाभ दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है ताकि टीबी मुक्त होने के बाद लोगों को सुरक्षित जीवन मिल सके। जनवरी से दिसंबर 2025 तक 2 लाख 52 हजार 537 थूक सैंपल में से 88 हजार 689 टीबी के केस मिले जो सालाना लक्ष्य का 98 प्रतिशत है। इसी प्रकार प्राइवेट सेक्टर में भी पब्लिक-प्राइवेट समन्वय से 105 प्रतिशत उपलब्धि हासिल की है।
2024 में 74 हजार 483 टीबी रोगियों का सफलतापूर्वक इलाज करते हुए 90 प्रतिशत इलाज रेट हासिल किया। इसमें एचआईवी टेस्टिंग 98 प्रतिशत जबकि डायबिटीज जांच में 96 प्रतिशत टीबी रोगियों को कवर किया गया। डॉ. मिश्रा ने कहा कि हरियाणा में स्वास्थ्य इंफ्रास्ट्रक्चर लगातार बढ़ रहा है जिसमें 23 जिला टीबी सेंटर, 168 टीबी यूनिट और 452 माइक्रोस्कोपी सेंटर में 45 सीबीएनएएटी मशीनों, 53 ट्रूनेट मशीनों और करनाल व पीजीआईएमस रोहतक में दो कल्चर और दवा संवदेनशीलता टेस्टिंग लैब से बेहतर सेवाएं दी जा रही हैं। टीबी मुक्त भारत अभियान (निक्षय शिविर) के तहत 34 लाख से अधिक शारीरिक रूप से कमजोर लोगों का मैप तैयार कर 10 लाख से अधिक की स्क्रीनिंग की गई। निक्षय मित्र पहल के माध्यम से पोषण और जन सहयोग से हजारों लोगों को स्वास्थ्य लाभ मिला। सितंबर 2022 से अब तक 2.64 लाख से अधिक फूड बास्केट बांटे गए। विश्व टीबी दिवस 2025 पर निक्षय मित्र पहल से हरियाणा की देशभर में सराहना हुई और 2024 में 1,855 पंचायतें टीबी मुक्त की गईं।
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चंडीगढ़। स्वास्थ्य विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने कहा कि राज्य में टीबी से जुड़ी सेवाओं तक पारदर्शी जनभागीदारी बढ़ाई जा रही है। राज्य सरकार ऐसे लाभार्थियों को लाभ दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है ताकि टीबी मुक्त होने के बाद लोगों को सुरक्षित जीवन मिल सके। जनवरी से दिसंबर 2025 तक 2 लाख 52 हजार 537 थूक सैंपल में से 88 हजार 689 टीबी के केस मिले जो सालाना लक्ष्य का 98 प्रतिशत है। इसी प्रकार प्राइवेट सेक्टर में भी पब्लिक-प्राइवेट समन्वय से 105 प्रतिशत उपलब्धि हासिल की है।
2024 में 74 हजार 483 टीबी रोगियों का सफलतापूर्वक इलाज करते हुए 90 प्रतिशत इलाज रेट हासिल किया। इसमें एचआईवी टेस्टिंग 98 प्रतिशत जबकि डायबिटीज जांच में 96 प्रतिशत टीबी रोगियों को कवर किया गया। डॉ. मिश्रा ने कहा कि हरियाणा में स्वास्थ्य इंफ्रास्ट्रक्चर लगातार बढ़ रहा है जिसमें 23 जिला टीबी सेंटर, 168 टीबी यूनिट और 452 माइक्रोस्कोपी सेंटर में 45 सीबीएनएएटी मशीनों, 53 ट्रूनेट मशीनों और करनाल व पीजीआईएमस रोहतक में दो कल्चर और दवा संवदेनशीलता टेस्टिंग लैब से बेहतर सेवाएं दी जा रही हैं। टीबी मुक्त भारत अभियान (निक्षय शिविर) के तहत 34 लाख से अधिक शारीरिक रूप से कमजोर लोगों का मैप तैयार कर 10 लाख से अधिक की स्क्रीनिंग की गई। निक्षय मित्र पहल के माध्यम से पोषण और जन सहयोग से हजारों लोगों को स्वास्थ्य लाभ मिला। सितंबर 2022 से अब तक 2.64 लाख से अधिक फूड बास्केट बांटे गए। विश्व टीबी दिवस 2025 पर निक्षय मित्र पहल से हरियाणा की देशभर में सराहना हुई और 2024 में 1,855 पंचायतें टीबी मुक्त की गईं।
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