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Chandigarh-Haryana News: उद्योगों की राह आसान बनाने के लिए हर जिले में बनेगी कमेटी
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- अब उद्योगों से संबंधित मंजूरियां जल्द मिलेंगी, निवेश और रोजगार बढ़ाने में मिलेगी मदद
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा में छोटे और मध्यम उद्योग लगाने वालों के लिए अच्छी खबर है। नई व्यवस्था के तहत फैक्टरी या उद्योग शुरू करने की प्रक्रिया अब पहले से आसान और तेज हो सकेगी। उद्योग की राह आसान करने के लिए हर जिले में उपायुक्त की अध्यक्षता में 18 सदस्यीय जिलास्तरीय समाशोधन समिति बनाई जाएगी।
सरकार ने इसके लिए हरियाणा उद्यम प्रोत्साहन नियम में बदलाव किया है। उद्योग एवं वाणिज्य विभाग की अधिसूचना के मुताबिक अब नए नियम हरियाणा उद्यम प्रोत्साहन (संशोधन) नियम 2026 के नाम से लागू होंगे। इसका मकसद उद्योगों से जुड़ी मंजूरियों और कागजी प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और तेज बनाना है ताकि ज्यादा से ज्यादा निवेश आए और रोजगार के मौके बढ़ें।
समिति में उपायुक्त सहित कई विभागों के अधिकारी होंगे
समिति में उपायुक्त के साथ ही कई विभागों के अधिकारी शामिल रहेंगे। इनमें बिजली निगम, आबकारी, नगर योजनाकार, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, श्रम विभाग, औद्योगिक सुरक्षा, औषधि विभाग, एचएसआईआईडीसी, एचएसवीपी, नगर निकाय, खाद्य एवं आपूर्ति, आयुष, अक्षय ऊर्जा, वन और एमएसएमई केंद्र के अधिकारी शामिल रहेंगे। इसके अलावा जिला एमएसएमई संगठन का प्रतिनिधि भी समिति में होगा।
जिला उद्योग केंद्र के संयुक्त या उप-निदेशक को समिति का सदस्य सचिव बनाया गया है। यह कमेटी उद्योगों से जुड़े मामलों का तेजी से समाधान करेगी जिससे कारोबार करना आसान होगा और प्रदेश में औद्योगिक विकास को नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है।
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा में छोटे और मध्यम उद्योग लगाने वालों के लिए अच्छी खबर है। नई व्यवस्था के तहत फैक्टरी या उद्योग शुरू करने की प्रक्रिया अब पहले से आसान और तेज हो सकेगी। उद्योग की राह आसान करने के लिए हर जिले में उपायुक्त की अध्यक्षता में 18 सदस्यीय जिलास्तरीय समाशोधन समिति बनाई जाएगी।
सरकार ने इसके लिए हरियाणा उद्यम प्रोत्साहन नियम में बदलाव किया है। उद्योग एवं वाणिज्य विभाग की अधिसूचना के मुताबिक अब नए नियम हरियाणा उद्यम प्रोत्साहन (संशोधन) नियम 2026 के नाम से लागू होंगे। इसका मकसद उद्योगों से जुड़ी मंजूरियों और कागजी प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और तेज बनाना है ताकि ज्यादा से ज्यादा निवेश आए और रोजगार के मौके बढ़ें।
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समिति में उपायुक्त सहित कई विभागों के अधिकारी होंगे
समिति में उपायुक्त के साथ ही कई विभागों के अधिकारी शामिल रहेंगे। इनमें बिजली निगम, आबकारी, नगर योजनाकार, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, श्रम विभाग, औद्योगिक सुरक्षा, औषधि विभाग, एचएसआईआईडीसी, एचएसवीपी, नगर निकाय, खाद्य एवं आपूर्ति, आयुष, अक्षय ऊर्जा, वन और एमएसएमई केंद्र के अधिकारी शामिल रहेंगे। इसके अलावा जिला एमएसएमई संगठन का प्रतिनिधि भी समिति में होगा।
जिला उद्योग केंद्र के संयुक्त या उप-निदेशक को समिति का सदस्य सचिव बनाया गया है। यह कमेटी उद्योगों से जुड़े मामलों का तेजी से समाधान करेगी जिससे कारोबार करना आसान होगा और प्रदेश में औद्योगिक विकास को नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है।