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बैंक फ्रॉड केस: नाै आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट, पूरी हुई ACB की जांच; कोर्ट में पेश की रिपोर्ट
संवाद न्यूज एजेंसी, पंचकूला
Published by: शाहिल शर्मा
Updated Wed, 24 Jun 2026 10:27 PM IST
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सार
जांच एजेंसियों के अनुसार सरकारी विभागों से जुड़े कुछ कर्मचारियों, बैंक अधिकारियों और निजी व्यक्तियों की कथित मिलीभगत से फर्जी खातों और दस्तावेजों के माध्यम से करोड़ों रुपये के लेनदेन को अंजाम दिया गया।
एसीबी
- फोटो : सांकेतिक तस्वीर
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विस्तार
कोटक महिंद्रा बैंक से जुड़े बहुचर्चित करोड़ों रुपये के कथित गबन मामले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने जांच पूरी कर अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी है। एजेंसी ने रजत धारा, पुष्पेंद्र सिंह समेत कुल नौ आरोपियों को नामजद करते हुए उनके खिलाफ विभिन्न आपराधिक धाराओं के तहत अभियोजन चलाने की सिफारिश की है।
जानकारी के अनुसार जांच के दौरान बैंक लेनदेन, डिजिटल रिकॉर्ड, वित्तीय दस्तावेज, ऑडिट रिपोर्ट और गवाहों के बयानों का गहन विश्लेषण किया गया। जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर एसीबी ने विस्तृत चार्जशीट तैयार कर अदालत में पेश की है।
मामला सामने आने के बाद यह प्रदेश के चर्चित वित्तीय घोटालों में शामिल हो गया था। जांच एजेंसियों के अनुसार सरकारी विभागों से जुड़े कुछ कर्मचारियों, बैंक अधिकारियों और निजी व्यक्तियों की कथित मिलीभगत से फर्जी खातों और दस्तावेजों के माध्यम से करोड़ों रुपये के लेनदेन को अंजाम दिया गया।
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जांच के दौरान कई आरोपियों की गिरफ्तारी भी की गई थी। साथ ही उनकी वित्तीय गतिविधियों और संपत्तियों की भी पड़ताल की गई। चार्जशीट में कथित तौर पर उल्लेख किया गया है कि सुनियोजित तरीके से बैंकिंग प्रक्रियाओं का दुरुपयोग कर राशि का गबन किया गया। एसीबी ने अदालत को उपलब्ध कराए गए दस्तावेजों में बैंक रिकॉर्ड, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य और अन्य तकनीकी प्रमाण भी शामिल किए हैं। चार्जशीट दाखिल होने के बाद अब मामले की सुनवाई नए चरण में प्रवेश करेगी। आगामी सुनवाई में आरोप तय करने की प्रक्रिया शुरू हो सकती है, जिसके बाद ट्रायल आगे बढ़ेगा।
जानकारी के अनुसार जांच के दौरान बैंक लेनदेन, डिजिटल रिकॉर्ड, वित्तीय दस्तावेज, ऑडिट रिपोर्ट और गवाहों के बयानों का गहन विश्लेषण किया गया। जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर एसीबी ने विस्तृत चार्जशीट तैयार कर अदालत में पेश की है।
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मामला सामने आने के बाद यह प्रदेश के चर्चित वित्तीय घोटालों में शामिल हो गया था। जांच एजेंसियों के अनुसार सरकारी विभागों से जुड़े कुछ कर्मचारियों, बैंक अधिकारियों और निजी व्यक्तियों की कथित मिलीभगत से फर्जी खातों और दस्तावेजों के माध्यम से करोड़ों रुपये के लेनदेन को अंजाम दिया गया।
जांच के दौरान कई आरोपियों की गिरफ्तारी भी की गई थी। साथ ही उनकी वित्तीय गतिविधियों और संपत्तियों की भी पड़ताल की गई। चार्जशीट में कथित तौर पर उल्लेख किया गया है कि सुनियोजित तरीके से बैंकिंग प्रक्रियाओं का दुरुपयोग कर राशि का गबन किया गया। एसीबी ने अदालत को उपलब्ध कराए गए दस्तावेजों में बैंक रिकॉर्ड, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य और अन्य तकनीकी प्रमाण भी शामिल किए हैं। चार्जशीट दाखिल होने के बाद अब मामले की सुनवाई नए चरण में प्रवेश करेगी। आगामी सुनवाई में आरोप तय करने की प्रक्रिया शुरू हो सकती है, जिसके बाद ट्रायल आगे बढ़ेगा।