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SIR In Haryana: 26 लाख मतदाताओं के रिकॉर्ड में मिली विसंगति, एसआईआर का पहला फेज पूरा
Sun, 26 Jul 2026 05:06 PM IST
शाहिल शर्मा
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
Published by: शाहिल शर्मा
Updated Sun, 26 Jul 2026 05:06 PM IST
सार
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ए. श्रीनिवास ने बताया, 31 जुलाई को ड्राफ्ट मतदाता सूची प्रकाशित होगी। उसके बाद 28 सितंबर तक विसंगति दूर करने का मौका मतदाता के पास रहेगा
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एसआईआर
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
हरियाणा में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के पहले चरण का कार्य 100 प्रतिशत पूरा हो गया है। राज्य के 2 करोड़ 6 लाख 55 हजार से ज्यादा मतदाताओं को फॉर्म वितरित किए गए, जिनमें से 1 करोड़ 72 लाख 71 हजार 361 मतदाताओं ने फार्म भरकर बीएलओ के माध्यम से निर्वाचन विभाग को जमा कर दिए हैं। इनमें 26 लाख ऐसे मतदाता हैं, जिनके रिकॉर्ड में विसंगतियां पाई गई हैं। इन सभी मतदाताओं को अपनी रिकॉर्ड की विसंगति को दूर करने का मौका दिया जाएगा। इनके रिकॉर्ड की जांच बीएलओ करेगा। यदि निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ईआरओ) बीएलओ की रिपोर्ट से संतुष्ट है तो उसकी विसंगति दूर हो जाएगी। संतुष्ट नहीं होने पर मतदाता को नोटिस भेजा जाएगा और उसे तय समय पर जवाब प्रमाण पत्रों के साथ जवाब देना होगा।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ए. श्रीनिवास ने बताया, 31 जुलाई को ड्राफ्ट मतदाता सूची प्रकाशित होगी। उसके बाद 28 सितंबर तक विसंगति दूर करने का मौका मतदाता के पास रहेगा। उन्होंने सभी मतदताओं से अपील की है कि वे 31 जुलाई को प्रकाशित होने वाली ड्राफ्ट सूची को जरूर देखें, क्योंकि के किसी के भी नाम, पते व उम्र में विसंगतियां हो सकती है और उसे तय समय में दूर किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा है कि किसी मतदाता को सुने बिना उसका नाम वोटर लिस्ट नहीं हटाया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि हर मतदाता के पास अपील करने का भी समय होगा। ईआरओ के निर्णय पर मतदाता 15 दिन के अंदर जिला स्तर पर अपील कर सकता है फिर भी समस्या आती है तो 30 दिन के अंदर मुख्य निर्वाचन अधिकारी को अपील कर सकता है। तीन अक्तूबर को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी।
इस तरह की मिली हैं विसंगति
भाई-बहनों की दर्ज जन्म तिथियों के बीच नौ महीने से भी कम का अंतर है।माता-पिता और बच्चे की उम्र में 15 साल से कम या 50 साल से अधिक का अंतर। दादा-दादी और नाना-नानी की उम्र में 40 साल से कम का अंतर। वर्तमान रोल और पिछले एसआईआर में माता-पिता के नाम अलग-अलग हैं। माता-पिता के विभिन्न रिश्ते (उदाहरण के लिए, पिता एक भूमिका में और माता दूसरी भूमिका में)। वर्तमान सूची में महिलाओं का नाम उनके पति से जुड़ा है, लेकिन पिछली सूची में उनका नाम उनके पिता से जुड़ा था। नाम की वर्तनी में अंतर पाया गया है।
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18 लाख मतदाताओं की मैपिंग नहीं हुई, उन्हें भेजा जाएगा नोटिस
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ए. श्रीनिवास ने बताया कि 18 लाख मतदाताओं की मैपिंग नहीं हुई है। इन सभी मतदाताओं को चुनाव आयोग की ओर से नोटिस भेजा जाएगा और तय समय पर जवाब नहीं दिया तो इनका नाम मतदाता सूची से हट जाएगा। दरअसल इन लोगों का नाम 2002 सूची से मिलान नहीं हो पाया है। यहां तक उनके माता-पिता से भी मैपिंग नहीं हो सकी है। फरीदाबाद में 22 फीसदी, गुरुग्राम में 16.53 फीसदी, अंबाला में 12.55 फीसदी और पंचकूला में 10.55 फीसदी मतदाताओं की मैपिंग नहीं हो पाई है।
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मुख्य निर्वाचन अधिकारी ए. श्रीनिवास ने बताया, 31 जुलाई को ड्राफ्ट मतदाता सूची प्रकाशित होगी। उसके बाद 28 सितंबर तक विसंगति दूर करने का मौका मतदाता के पास रहेगा। उन्होंने सभी मतदताओं से अपील की है कि वे 31 जुलाई को प्रकाशित होने वाली ड्राफ्ट सूची को जरूर देखें, क्योंकि के किसी के भी नाम, पते व उम्र में विसंगतियां हो सकती है और उसे तय समय में दूर किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा है कि किसी मतदाता को सुने बिना उसका नाम वोटर लिस्ट नहीं हटाया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि हर मतदाता के पास अपील करने का भी समय होगा। ईआरओ के निर्णय पर मतदाता 15 दिन के अंदर जिला स्तर पर अपील कर सकता है फिर भी समस्या आती है तो 30 दिन के अंदर मुख्य निर्वाचन अधिकारी को अपील कर सकता है। तीन अक्तूबर को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी।
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इस तरह की मिली हैं विसंगति
भाई-बहनों की दर्ज जन्म तिथियों के बीच नौ महीने से भी कम का अंतर है।माता-पिता और बच्चे की उम्र में 15 साल से कम या 50 साल से अधिक का अंतर। दादा-दादी और नाना-नानी की उम्र में 40 साल से कम का अंतर। वर्तमान रोल और पिछले एसआईआर में माता-पिता के नाम अलग-अलग हैं। माता-पिता के विभिन्न रिश्ते (उदाहरण के लिए, पिता एक भूमिका में और माता दूसरी भूमिका में)। वर्तमान सूची में महिलाओं का नाम उनके पति से जुड़ा है, लेकिन पिछली सूची में उनका नाम उनके पिता से जुड़ा था। नाम की वर्तनी में अंतर पाया गया है।
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18 लाख मतदाताओं की मैपिंग नहीं हुई, उन्हें भेजा जाएगा नोटिस
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ए. श्रीनिवास ने बताया कि 18 लाख मतदाताओं की मैपिंग नहीं हुई है। इन सभी मतदाताओं को चुनाव आयोग की ओर से नोटिस भेजा जाएगा और तय समय पर जवाब नहीं दिया तो इनका नाम मतदाता सूची से हट जाएगा। दरअसल इन लोगों का नाम 2002 सूची से मिलान नहीं हो पाया है। यहां तक उनके माता-पिता से भी मैपिंग नहीं हो सकी है। फरीदाबाद में 22 फीसदी, गुरुग्राम में 16.53 फीसदी, अंबाला में 12.55 फीसदी और पंचकूला में 10.55 फीसदी मतदाताओं की मैपिंग नहीं हो पाई है।
33 लाख 84 हजार मतदाताओं के नाम दर्ज नहीं
मुख्य चुनाव अधिकारी ने बताया कि 33 लाख 84 हजार 568 मतदाताओं के नाम दर्ज नहीं हो सके। इनमें से 13,75,278 जो स्थायी रूप से स्थानांतरित हो चुके हैं 7,66,205 मृत, 2,04,916 पहले से दर्ज मतदाता जबकि 9,36,646 मतदाता अनुपस्थित पाए गए। इसके अलावा 1,01,523 ऐसे मतदाता हैं, जिन्होंने किसी अन्य कारण से गणना प्रपत्र वापिस जमा नहीं किए हैं। इन सभी मतदाताओं को 31 जुलाई से लेकर 30 अगस्त तक अपना दावा व आपत्ति दर्ज कराने का मौका होगा। अगर किसी मतदाता का नाम 31 जुलाई को प्रकाशित होने वाली लिस्ट में नहीं है तो वह फार्म 6 भर अपना नाम पुनः दर्ज करवा सकते हैं। फाइनल लिस्ट में उनका नाम शामिल कर लिया जाएगा।
ये लोग भर सकते हैं फार्म छह
फॉर्म 6 के माध्यम से पात्र व्यक्ति खुद का नाम मतदाता सूची में जोड़ सकते हैं। 01 जुलाई तक 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले युवाओं को वोटर बनने के लिए फार्म 6 भरने की सुविधा दी गई है। जिन लोगों के नाम मतदाता सूची में छूट गए हैं या जो किन्हीं वजहों से गणना प्रपत्र नहीं भर सके थे वह भी फार्म 6 भर सकते हैं। फॉर्म 7 के तहत मतदाता अपना नाम हटवाने के लिए भर सकते हैं जिनका नाम पहले से ही मतदाता सूची में है। फॉर्म 8 की मदद से मतदाता अपने मतदाता कार्ड में कुछ बदलाव करने या कोई गलती है तो उसे सुधारने के लिए भर सकते हैं। यह सुविधा ऑनलाइन भी उपलब्ध रहेगी।
अब तक 54 बीएलओ पर हो चुकी है कार्रवाई
एसआईआर के काम में लापरवाही बरतने पर बीएलओ पर कार्रवाई भी जारी है। अब तक पूरे हरियाणा में 54 बीएलओ पर कार्रवाई की जा चुकी है। इनमें कुरुक्षेत्र में 2, करनाल में 17, सोनीपत में 4, जींद में 4, रोहतक में 3, झज्जर में 5, महेंद्रगढ़ में 3, गुरुग्राम में 2, मेवात में 9, पलवल में 2 और फरीदाबाद में 3 बीएलओ को निलंबित किया जा चुका है। ये सभी अपने काम में लापरवाही बरत रहे थे।
मुख्य चुनाव अधिकारी ने बताया कि 33 लाख 84 हजार 568 मतदाताओं के नाम दर्ज नहीं हो सके। इनमें से 13,75,278 जो स्थायी रूप से स्थानांतरित हो चुके हैं 7,66,205 मृत, 2,04,916 पहले से दर्ज मतदाता जबकि 9,36,646 मतदाता अनुपस्थित पाए गए। इसके अलावा 1,01,523 ऐसे मतदाता हैं, जिन्होंने किसी अन्य कारण से गणना प्रपत्र वापिस जमा नहीं किए हैं। इन सभी मतदाताओं को 31 जुलाई से लेकर 30 अगस्त तक अपना दावा व आपत्ति दर्ज कराने का मौका होगा। अगर किसी मतदाता का नाम 31 जुलाई को प्रकाशित होने वाली लिस्ट में नहीं है तो वह फार्म 6 भर अपना नाम पुनः दर्ज करवा सकते हैं। फाइनल लिस्ट में उनका नाम शामिल कर लिया जाएगा।
ये लोग भर सकते हैं फार्म छह
फॉर्म 6 के माध्यम से पात्र व्यक्ति खुद का नाम मतदाता सूची में जोड़ सकते हैं। 01 जुलाई तक 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले युवाओं को वोटर बनने के लिए फार्म 6 भरने की सुविधा दी गई है। जिन लोगों के नाम मतदाता सूची में छूट गए हैं या जो किन्हीं वजहों से गणना प्रपत्र नहीं भर सके थे वह भी फार्म 6 भर सकते हैं। फॉर्म 7 के तहत मतदाता अपना नाम हटवाने के लिए भर सकते हैं जिनका नाम पहले से ही मतदाता सूची में है। फॉर्म 8 की मदद से मतदाता अपने मतदाता कार्ड में कुछ बदलाव करने या कोई गलती है तो उसे सुधारने के लिए भर सकते हैं। यह सुविधा ऑनलाइन भी उपलब्ध रहेगी।
अब तक 54 बीएलओ पर हो चुकी है कार्रवाई
एसआईआर के काम में लापरवाही बरतने पर बीएलओ पर कार्रवाई भी जारी है। अब तक पूरे हरियाणा में 54 बीएलओ पर कार्रवाई की जा चुकी है। इनमें कुरुक्षेत्र में 2, करनाल में 17, सोनीपत में 4, जींद में 4, रोहतक में 3, झज्जर में 5, महेंद्रगढ़ में 3, गुरुग्राम में 2, मेवात में 9, पलवल में 2 और फरीदाबाद में 3 बीएलओ को निलंबित किया जा चुका है। ये सभी अपने काम में लापरवाही बरत रहे थे।