{"_id":"69640699621e3df7ed061851","slug":"do-organic-farming-the-horticulture-department-will-provide-50-percent-subsidy-chandigarh-haryana-news-c-16-1-pkl1095-920600-2026-01-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chandigarh-Haryana News: जैविक खेती करें, उद्यान विभाग देगा 50 प्रतिशत अनुदान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chandigarh-Haryana News: जैविक खेती करें, उद्यान विभाग देगा 50 प्रतिशत अनुदान
विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा में किसानों की आमदनी को बढ़ाने और परंपरागत खेती के बजाय जैविक खेती करने वालों को उद्यान विभाग अनुदान देता है। यदि राष्ट्रीय बागवानी मिशन के तहत किसान जैविक खेती करेंगे तो उन्हें 50 प्रतिशत तक अनुदान मिलेगा।
हरियाणा बागवानी विभाग के अनुसार जैविक खेती अपनाने वाले किसानों को उद्यान विभाग की ओर से 10 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर अनुदान दिया जाता है। योजना के तहत एक कृषक को 4 हेक्टेयर क्षेत्र तक अनुदान दिया जाएगा। जैविक खेती के लिए सबसे पहली सीढ़ी केंचुआ खाद उत्पादन है। केंचुआ खाद उत्पादन इकाई स्थापित करने के लिए विभाग 30 हजार रुपये प्रति इकाई अनुदान प्रदान करता है। जैविक खेती में पंजीकरण के लिए 50 हेक्टेयर क्षेत्र (सामुदायिक) के लिए 5 लाख रुपये तक अनुदान दिया जाता है। योजना के लिए प्रदेश के सभी जिले चयनित हैं इसलिए किसान हरियाणा का ही निवासी होना चाहिए। किसी भी सरल केंद्र के माध्यम से किसान आवेदन कर सकते हैं। किसानों को पीपीपी (परिवार पहचान पत्र), बैंक खाते की काॅपी, आधार कार्ड आदि का ब्योरा भी देना होता है। किसानों को जैविक खेती करने के लिए उद्यान विभाग समय-समय पर प्रशिक्षण भी देता है। किसान जिला बागवानी अधिकारी कार्यालयों में भी योजनाओं की जानकारी के लिए संपर्क कर सकते हैं।
Trending Videos
चंडीगढ़। हरियाणा में किसानों की आमदनी को बढ़ाने और परंपरागत खेती के बजाय जैविक खेती करने वालों को उद्यान विभाग अनुदान देता है। यदि राष्ट्रीय बागवानी मिशन के तहत किसान जैविक खेती करेंगे तो उन्हें 50 प्रतिशत तक अनुदान मिलेगा।
हरियाणा बागवानी विभाग के अनुसार जैविक खेती अपनाने वाले किसानों को उद्यान विभाग की ओर से 10 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर अनुदान दिया जाता है। योजना के तहत एक कृषक को 4 हेक्टेयर क्षेत्र तक अनुदान दिया जाएगा। जैविक खेती के लिए सबसे पहली सीढ़ी केंचुआ खाद उत्पादन है। केंचुआ खाद उत्पादन इकाई स्थापित करने के लिए विभाग 30 हजार रुपये प्रति इकाई अनुदान प्रदान करता है। जैविक खेती में पंजीकरण के लिए 50 हेक्टेयर क्षेत्र (सामुदायिक) के लिए 5 लाख रुपये तक अनुदान दिया जाता है। योजना के लिए प्रदेश के सभी जिले चयनित हैं इसलिए किसान हरियाणा का ही निवासी होना चाहिए। किसी भी सरल केंद्र के माध्यम से किसान आवेदन कर सकते हैं। किसानों को पीपीपी (परिवार पहचान पत्र), बैंक खाते की काॅपी, आधार कार्ड आदि का ब्योरा भी देना होता है। किसानों को जैविक खेती करने के लिए उद्यान विभाग समय-समय पर प्रशिक्षण भी देता है। किसान जिला बागवानी अधिकारी कार्यालयों में भी योजनाओं की जानकारी के लिए संपर्क कर सकते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन