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Chandigarh-Haryana News: सेवा सुरक्षा के वंचित 70 विभागों-बोर्डों के कर्मचारी होंगे लामबंद
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा में सेवा सुरक्षा से वंचित 70 से अधिक विभागों, बोर्ड, विश्वविद्यालयों आदि के कर्मचारी लामबंद होंगे। सेवा सुरक्षा के लाभ के दायरे से बाहर वाले कर्मचारियों ने भी अब आंदोलन का निर्णय लिया है। कर्मचारी संगठनों का दावा है कि सरकार जवाबदेही से बच रही है। सरकार को हर हाल में सेवा सुरक्षा का वादा निभाना होगा। जो कर्मचारी सेवा सुरक्षा के दायरे से बाहर होने के कारण नाैकरियों से हटाए जा रहे हैं या वेतन नहीं दिया जा रहा उन्हें लेकर भी संगठन आंदोलन के मूड में आ गए हैं। हरियाणा सर्व कर्मचारी संघ का कहना है कि हक के लिए कर्मचारी हड़ताल पर उतरने के लिए तैयार हैं।
प्रदेश में आयुष्मान भारत, पिछड़ा वर्ग आयोग, काउंसिल ऑफ इंडियन मेडिसन, जिला सूचना तकनीकी सोसाइटी (डीआईटीएस), डिस्टि्रक मिनरल फाउंडेशन, गो सेवा आयोग, गुरुद्वारा इलेक्शन हरियाणा, गुरुग्राम टेक्नाॅलोजी पार्क, हरियाणा परिवार सुरक्षा आदि विभाग सेवा सुरक्षा से बाहर हैं। इनके अलावा प्रदेश के विश्वविद्यालयों में कार्यरत कर्मचारी, मेवात विकास एजेंसी, करनाल स्मार्ट सिटी, हरियाणा स्टेट काउंसिल फाॅर फिजियोथेरेपी, हरियाणा एड्स कंट्रोल सोसाइटी, हरियाणा साहित्य अकादमी (पंजाबी, उर्दू, संस्कृत), हरियाणा डेयरी डेवलपमेंट कोऑपरेटिव फेडरेशन लिमिटेड आदि में कार्यरत कर्मचारी भी इस लाभ से वंचित हैं। हरियाणा काैशल रोजगार निगम लिमिटेड के निदेशक देव कुमार शर्मा ने बताया कि यह सरकार के स्तर का मामला है इसलिए इस प्रकरण में आगामी निर्देश और नियम सरकार ही तय करेगी।
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सरकार हजारों कर्मचारियों को हक से वंचित रखना चाहती है : संघ
हरियाणा सर्व कर्मचारी संघ के राज्य प्रधान नरेश शास्त्री ने कहा कि सेवा सुरक्षा के दायरे में 70 से 80 विभागों के कर्मचारियों को अभी तक शामिल नहीं किया गया है। राज्य सरकार कोर्ट में भी जवाबदेही से बचने के लिए कुछ विभागों को शामिल करके शेष हजारों कर्मचारियों को सेवा सुरक्षा के अधिकार से वंचित करना चाहती है लेकिन हम ऐसा नहीं होने देंगे। यदि सरकार ने वंचित सभी विभागों, बोर्ड, विश्वविद्यालयों, परिषदों आदि के कर्मचारियों को सेवा सुरक्षा का अधिकार नहीं दिया तो सड़कों पर आकर न्याय की लड़ाई लड़ेंगे।
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चंडीगढ़। हरियाणा में सेवा सुरक्षा से वंचित 70 से अधिक विभागों, बोर्ड, विश्वविद्यालयों आदि के कर्मचारी लामबंद होंगे। सेवा सुरक्षा के लाभ के दायरे से बाहर वाले कर्मचारियों ने भी अब आंदोलन का निर्णय लिया है। कर्मचारी संगठनों का दावा है कि सरकार जवाबदेही से बच रही है। सरकार को हर हाल में सेवा सुरक्षा का वादा निभाना होगा। जो कर्मचारी सेवा सुरक्षा के दायरे से बाहर होने के कारण नाैकरियों से हटाए जा रहे हैं या वेतन नहीं दिया जा रहा उन्हें लेकर भी संगठन आंदोलन के मूड में आ गए हैं। हरियाणा सर्व कर्मचारी संघ का कहना है कि हक के लिए कर्मचारी हड़ताल पर उतरने के लिए तैयार हैं।
प्रदेश में आयुष्मान भारत, पिछड़ा वर्ग आयोग, काउंसिल ऑफ इंडियन मेडिसन, जिला सूचना तकनीकी सोसाइटी (डीआईटीएस), डिस्टि्रक मिनरल फाउंडेशन, गो सेवा आयोग, गुरुद्वारा इलेक्शन हरियाणा, गुरुग्राम टेक्नाॅलोजी पार्क, हरियाणा परिवार सुरक्षा आदि विभाग सेवा सुरक्षा से बाहर हैं। इनके अलावा प्रदेश के विश्वविद्यालयों में कार्यरत कर्मचारी, मेवात विकास एजेंसी, करनाल स्मार्ट सिटी, हरियाणा स्टेट काउंसिल फाॅर फिजियोथेरेपी, हरियाणा एड्स कंट्रोल सोसाइटी, हरियाणा साहित्य अकादमी (पंजाबी, उर्दू, संस्कृत), हरियाणा डेयरी डेवलपमेंट कोऑपरेटिव फेडरेशन लिमिटेड आदि में कार्यरत कर्मचारी भी इस लाभ से वंचित हैं। हरियाणा काैशल रोजगार निगम लिमिटेड के निदेशक देव कुमार शर्मा ने बताया कि यह सरकार के स्तर का मामला है इसलिए इस प्रकरण में आगामी निर्देश और नियम सरकार ही तय करेगी।
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सरकार हजारों कर्मचारियों को हक से वंचित रखना चाहती है : संघ
हरियाणा सर्व कर्मचारी संघ के राज्य प्रधान नरेश शास्त्री ने कहा कि सेवा सुरक्षा के दायरे में 70 से 80 विभागों के कर्मचारियों को अभी तक शामिल नहीं किया गया है। राज्य सरकार कोर्ट में भी जवाबदेही से बचने के लिए कुछ विभागों को शामिल करके शेष हजारों कर्मचारियों को सेवा सुरक्षा के अधिकार से वंचित करना चाहती है लेकिन हम ऐसा नहीं होने देंगे। यदि सरकार ने वंचित सभी विभागों, बोर्ड, विश्वविद्यालयों, परिषदों आदि के कर्मचारियों को सेवा सुरक्षा का अधिकार नहीं दिया तो सड़कों पर आकर न्याय की लड़ाई लड़ेंगे।