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Chandigarh-Haryana News: बिजली दरों में वृद्धि के खिलाफ जनसुनवाई में शामिल हुए पूर्व मंत्री संपत
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-बिना आवेदन और जनसुनवाई के टैरिफ बढ़ाने का आरोप, आज प्रेसवार्ता में देंगे जानकारी
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। बिजली दरों में की गई बढ़ोतरी के खिलाफ पूर्व विद्युत मंत्री प्रोफेसर संपत सिंह वीरवार को पंचकूला स्थित हरियाणा विद्युत नियामक आयोग (एचईआरसी) की ओर से आयोजित जनसुनवाई में शामिल हुए है। इसको लेकर संपत सिंह ने याचिका भी दायर की है। इस पूरे प्रकरण पर संपत सिंह कुछ भी नहीं बोलते हुए कहा कि वे शुक्रवार को चंडीगढ़ में प्रेसवार्ता के दौरान विस्तार से जानकारी देंगे।
इससे पूर्व अपनी याचिका में पूर्व मंत्री ने आरोप लगाया कि आयोग के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम (यूएचबीवीएन) और दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (डीएचबीवीएन) ने अब तक वोल्टेज और उपभोक्ता वर्गवार सेवा लागत अध्ययन रिपोर्ट दाखिल नहीं की है। इसके बावजूद बिजली दरों में भारी वृद्धि कर दी।
इसी तरह वित्त वर्ष 2025-26 में वितरण कंपनियों को करीब 3,000 करोड़ रुपये की वसूली के लिए टैरिफ बढ़ाने की अनुमति दी गई, जबकि इसके लिए न तो कोई विधिवत आवेदन किया गया और न ही जनसुनवाई कराई गई।
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। बिजली दरों में की गई बढ़ोतरी के खिलाफ पूर्व विद्युत मंत्री प्रोफेसर संपत सिंह वीरवार को पंचकूला स्थित हरियाणा विद्युत नियामक आयोग (एचईआरसी) की ओर से आयोजित जनसुनवाई में शामिल हुए है। इसको लेकर संपत सिंह ने याचिका भी दायर की है। इस पूरे प्रकरण पर संपत सिंह कुछ भी नहीं बोलते हुए कहा कि वे शुक्रवार को चंडीगढ़ में प्रेसवार्ता के दौरान विस्तार से जानकारी देंगे।
इससे पूर्व अपनी याचिका में पूर्व मंत्री ने आरोप लगाया कि आयोग के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम (यूएचबीवीएन) और दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (डीएचबीवीएन) ने अब तक वोल्टेज और उपभोक्ता वर्गवार सेवा लागत अध्ययन रिपोर्ट दाखिल नहीं की है। इसके बावजूद बिजली दरों में भारी वृद्धि कर दी।
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इसी तरह वित्त वर्ष 2025-26 में वितरण कंपनियों को करीब 3,000 करोड़ रुपये की वसूली के लिए टैरिफ बढ़ाने की अनुमति दी गई, जबकि इसके लिए न तो कोई विधिवत आवेदन किया गया और न ही जनसुनवाई कराई गई।
