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सरसों की खरीद 12 मार्च से शुरू करे सरकार : अभय
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कहा- फसल जल्दी तैयार होने से किसान उपज लेकर पहुंचने लगे हैं मंडियों में
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। इनेलो के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी अभय सिंह चौटाला ने प्रदेश सरकार से सरसों की सरकारी खरीद 28 मार्च की बजाय 12 मार्च से शुरू करने और गेहूं सहित अन्य रबी फसलों की खरीद 20 मार्च से शुरू करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि इस बार गर्मी सामान्य से करीब 20 दिन पहले शुरू हो गई है जिसके कारण सरसों की फसल जल्दी पक कर तैयार हो गई और किसान अपनी उपज मंडियों में लेकर पहुंचने लगे हैं।
चौटाला ने आरोप लगाया कि सरकारी खरीद शुरू न होने का फायदा बिचौलिए उठा रहे हैं और किसानों की सरसों 800 से 1000 रुपये प्रति क्विंटल कम दाम पर खरीद रहे हैं। इससे पहले से कर्ज में डूबे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। 10 मार्च तक प्रदेश की मंडियों में 5 लाख क्विंटल से अधिक सरसों बिक्री के लिए आ चुकी है।
उन्होेंने आशंका जताई कि 28 मार्च तक किसानों की लगभग 90 फीसदी सरसों न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से कम दाम पर बिक जाएगी और बाद में व्यापारियों व भ्रष्ट तंत्र की मिलीभगत से यही फसल समर्थन मूल्य पर बेचकर हजारों करोड़ रुपये का घोटाला हो जाएगा। उन्होंने मंडियों में कच्ची पर्ची सिस्टम पर रोक लगाने की भी मांग की।
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। इनेलो के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी अभय सिंह चौटाला ने प्रदेश सरकार से सरसों की सरकारी खरीद 28 मार्च की बजाय 12 मार्च से शुरू करने और गेहूं सहित अन्य रबी फसलों की खरीद 20 मार्च से शुरू करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि इस बार गर्मी सामान्य से करीब 20 दिन पहले शुरू हो गई है जिसके कारण सरसों की फसल जल्दी पक कर तैयार हो गई और किसान अपनी उपज मंडियों में लेकर पहुंचने लगे हैं।
चौटाला ने आरोप लगाया कि सरकारी खरीद शुरू न होने का फायदा बिचौलिए उठा रहे हैं और किसानों की सरसों 800 से 1000 रुपये प्रति क्विंटल कम दाम पर खरीद रहे हैं। इससे पहले से कर्ज में डूबे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। 10 मार्च तक प्रदेश की मंडियों में 5 लाख क्विंटल से अधिक सरसों बिक्री के लिए आ चुकी है।
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उन्होेंने आशंका जताई कि 28 मार्च तक किसानों की लगभग 90 फीसदी सरसों न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से कम दाम पर बिक जाएगी और बाद में व्यापारियों व भ्रष्ट तंत्र की मिलीभगत से यही फसल समर्थन मूल्य पर बेचकर हजारों करोड़ रुपये का घोटाला हो जाएगा। उन्होंने मंडियों में कच्ची पर्ची सिस्टम पर रोक लगाने की भी मांग की।