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धरना-प्रदर्शन पर रोक का आदेश वापस ले सरकार : अभय
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। इनेलो के राष्ट्रीय अध्यक्ष अभय सिंह चौटाला ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर जनसभाओं, धरनों, प्रदर्शनों और रैलियों पर लगाए गए प्रतिबंध संबंधी आदेश को तत्काल वापस लेने की मांग की है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा 10 जून 2026 को जारी आदेश लोकतांत्रिक मूल्यों व नागरिक अधिकारों की भावना के विपरीत है।
अभय चौटाला ने पत्र में कहा कि सितंबर तक विपक्षी दलों की जनसभाओं, धरनों और प्रदर्शनों पर रोक लगाना जनता की लोकतांत्रिक आवाज को दबाने का प्रयास है। प्रदेश की जनता महंगाई, बेरोजगारी, किसानों की समस्याओं, कानून-व्यवस्था और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों से जूझ रही है। ऐसे समय में समस्याओं के समाधान के बजाय विरोध और जन आवाज को सीमित करना उचित नहीं है।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में असहमति व्यक्त करना और सरकार से जवाब मांगना प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक अधिकार है। यदि सरकार वित्तीय संकट का हवाला दे रही है तो उसे अनावश्यक खर्चों पर रोक लगानी चाहिए और जनता को यह भी बताना चाहिए कि भाजपा शासनकाल में कितना कर्ज लिया गया तथा प्रचार-प्रसार पर कितना खर्च किया गया। चौटाला ने कहा कि इनेलो ऊर्जा संरक्षण और संसाधनों की बचत की समर्थक है लेकिन किसी भी नीति को संविधान, नागरिक स्वतंत्रता और लोकतांत्रिक सिद्धांतों के अनुरूप होना चाहिए।
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चंडीगढ़। इनेलो के राष्ट्रीय अध्यक्ष अभय सिंह चौटाला ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर जनसभाओं, धरनों, प्रदर्शनों और रैलियों पर लगाए गए प्रतिबंध संबंधी आदेश को तत्काल वापस लेने की मांग की है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा 10 जून 2026 को जारी आदेश लोकतांत्रिक मूल्यों व नागरिक अधिकारों की भावना के विपरीत है।
अभय चौटाला ने पत्र में कहा कि सितंबर तक विपक्षी दलों की जनसभाओं, धरनों और प्रदर्शनों पर रोक लगाना जनता की लोकतांत्रिक आवाज को दबाने का प्रयास है। प्रदेश की जनता महंगाई, बेरोजगारी, किसानों की समस्याओं, कानून-व्यवस्था और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों से जूझ रही है। ऐसे समय में समस्याओं के समाधान के बजाय विरोध और जन आवाज को सीमित करना उचित नहीं है।
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उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में असहमति व्यक्त करना और सरकार से जवाब मांगना प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक अधिकार है। यदि सरकार वित्तीय संकट का हवाला दे रही है तो उसे अनावश्यक खर्चों पर रोक लगानी चाहिए और जनता को यह भी बताना चाहिए कि भाजपा शासनकाल में कितना कर्ज लिया गया तथा प्रचार-प्रसार पर कितना खर्च किया गया। चौटाला ने कहा कि इनेलो ऊर्जा संरक्षण और संसाधनों की बचत की समर्थक है लेकिन किसी भी नीति को संविधान, नागरिक स्वतंत्रता और लोकतांत्रिक सिद्धांतों के अनुरूप होना चाहिए।