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Chandigarh-Haryana News: विद्युत नियामक कार्यों में हरियाणा को ए श्रेणी
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। बिजली क्षेत्र में किए गए कार्यों के आधार पर हरियाणा को ए श्रेणी मिली है। पावर फाउंडेशन ऑफ इंडिया और ग्रामीण विद्युतीकरण निगम लिमिटेड की ताजा रिपोर्ट में राज्य को 100 में से 88.5 अंक दिए गए हैं। यह श्रेणी केवल नीतियों की घोषणा से नहीं बल्कि उनके प्रभावी क्रियान्वयन के आधार पर तय की गई है।
राज्य ने बिजली आपूर्ति की विश्वसनीयता में 32 में से पूरे 32 अंक हासिल किए हैं। संसाधनों की पर्याप्तता की नीति बनाना, बिजली खरीद के लिए आरक्षित सीमा तय करना, समयबद्ध योजना लागू करना और नियमों के उल्लंघन पर दंड का प्रावधान करना जैसे कदमों ने राज्य को शीर्ष स्थान दिलाया है। प्रसारण और वितरण कंपनियों की तीन वर्षीय योजनाओं को मंजूरी देना भी बड़ी उपलब्धि रही है।
वितरण कंपनियों की आर्थिक स्थिति में सुधार के कारण 25 में से 23.5 अंक मिले है। समय पर दर आदेश जारी करना, राजस्व आवश्यकता को स्वीकृति देना और लागत समायोजन व्यवस्था लागू करना वित्तीय अनुशासन को दर्शाता है। जनजीवन और व्यापार सुगमता में 16 अंक तथा हरित ऊर्जा परिवर्तन में 12 अंक प्राप्त हुए हैं। नियामक सुशासन में पूरे 5 अंक मिले। कुल मिलाकर कार्यों के ठोस परिणामों ने हरियाणा को ए श्रेणी दिलाई है।
हरियाणा विद्युत नियामक आयोग के अध्यक्ष नंद लाल शर्मा ने कहा कि राष्ट्रीय रैंकिंग में हरियाणा को ए श्रेणी और 88.5 अंक मिलना पारदर्शी व्यवस्था, वित्तीय अनुशासन और उपभोक्ता हितैषी सुधारों का प्रमाण है। आयोग किफायती, विश्वसनीय और हरित बिजली उपलब्ध कराने तथा वितरण कंपनियों की मजबूती के लिए प्रतिबद्ध है।
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चंडीगढ़। बिजली क्षेत्र में किए गए कार्यों के आधार पर हरियाणा को ए श्रेणी मिली है। पावर फाउंडेशन ऑफ इंडिया और ग्रामीण विद्युतीकरण निगम लिमिटेड की ताजा रिपोर्ट में राज्य को 100 में से 88.5 अंक दिए गए हैं। यह श्रेणी केवल नीतियों की घोषणा से नहीं बल्कि उनके प्रभावी क्रियान्वयन के आधार पर तय की गई है।
राज्य ने बिजली आपूर्ति की विश्वसनीयता में 32 में से पूरे 32 अंक हासिल किए हैं। संसाधनों की पर्याप्तता की नीति बनाना, बिजली खरीद के लिए आरक्षित सीमा तय करना, समयबद्ध योजना लागू करना और नियमों के उल्लंघन पर दंड का प्रावधान करना जैसे कदमों ने राज्य को शीर्ष स्थान दिलाया है। प्रसारण और वितरण कंपनियों की तीन वर्षीय योजनाओं को मंजूरी देना भी बड़ी उपलब्धि रही है।
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वितरण कंपनियों की आर्थिक स्थिति में सुधार के कारण 25 में से 23.5 अंक मिले है। समय पर दर आदेश जारी करना, राजस्व आवश्यकता को स्वीकृति देना और लागत समायोजन व्यवस्था लागू करना वित्तीय अनुशासन को दर्शाता है। जनजीवन और व्यापार सुगमता में 16 अंक तथा हरित ऊर्जा परिवर्तन में 12 अंक प्राप्त हुए हैं। नियामक सुशासन में पूरे 5 अंक मिले। कुल मिलाकर कार्यों के ठोस परिणामों ने हरियाणा को ए श्रेणी दिलाई है।
हरियाणा विद्युत नियामक आयोग के अध्यक्ष नंद लाल शर्मा ने कहा कि राष्ट्रीय रैंकिंग में हरियाणा को ए श्रेणी और 88.5 अंक मिलना पारदर्शी व्यवस्था, वित्तीय अनुशासन और उपभोक्ता हितैषी सुधारों का प्रमाण है। आयोग किफायती, विश्वसनीय और हरित बिजली उपलब्ध कराने तथा वितरण कंपनियों की मजबूती के लिए प्रतिबद्ध है।