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राष्ट्रमंडल खेलों में हरियाणा के मुक्के का दम: हर तीसरे पदक पर राज्य के खिलाड़ियों का कब्जा, क्या बोले CM सैनी

Mon, 03 Aug 2026 03:01 PM IST
शाहिल शर्मा कुलदीप शुक्ला, चंडीगढ़
कुलदीप शुक्ला, चंडीगढ़ Published by: शाहिल शर्मा Updated Mon, 03 Aug 2026 03:01 PM IST
सार

इस बार हरियाणा का दबदबा मुक्केबाजी में रहा है। भिवानी के सचिन सिवाच, साक्षी चौधरी ढांडा, प्रीति पंवार, प्रिया घणघस, जैस्मीन लांबोरिया और हिसार के अंकुश पंघाल ने स्वर्ण पदक जीते।

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Haryana punches shine at Commonwealth Games 2026
राष्ट्रमंडल खेल 2026 - फोटो : X

विस्तार

राष्ट्रमंडल खेलों में हरियाणा का दबदबा लगातार बरकरार है। ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेल 2026 में भारत 13 स्वर्ण, 17 रजत और 9 कांस्य सहित कुल 39 पदक जीतकर चौथे स्थान पर हैं। इनमें हरियाणा के खिलाड़ियों ने 11 पदकों का योगदान दिया है। इनमें 7 स्वर्ण, 2 रजत और 2 कांस्य शामिल हैं। यानी देश के लगभग एक-तिहाई पदक हरियाणा के खिलाड़ियों ने दिलाए हैं।
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इस बार राष्ट्रमंडल खेलों में हरियाणा के पदकों की संख्या घटी है। 2022 में बर्मिंघम में हुए राष्ट्रमंडल खेलों में भारत ने 22 स्वर्ण, 16 रजत और 23 कांस्य सहित कुल 61 पदक जीतकर पदक तालिका में चौथा स्थान हासिल किया था। इनमें हरियाणा के खिलाड़ियों ने 20 पदक जीतकर अहम योगदान दिया था। हरियाणा के खाते में 9 स्वर्ण, 5 रजत और 6 कांस्य पदक आए थे।
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2026 में हरियाणा के पदक कम होने का मुख्य कारण खिलाड़ियों का प्रदर्शन नहीं बल्कि खेलों की संख्या में कमी होना है। बर्मिंघम की तुलना में ग्लासगो में आयोजित राष्ट्रमंडल खेल में मेजबान स्कॉटलैंड के पास बजट की कमी के कारण खेलों की संख्या 19 से घटाकर केवल 10 कर दी गई। इस वजह से कुश्ती, बैडमिंटन, हॉकी और क्रिकेट समेत कुल 9 प्रमुख खेलों को इस बार बाहर कर दिया गया। इससे देश और हरियाणा के खिलाड़ियों को सबसे बड़ा झटका लगा है।
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मुक्केबाजों का रहा दबदबा
इस बार हरियाणा का दबदबा मुक्केबाजी में रहा है। भिवानी के सचिन सिवाच, साक्षी चौधरी ढांडा, प्रीति पंवार, प्रिया घणघस, जैस्मीन लांबोरिया और हिसार के अंकुश पंघाल ने स्वर्ण पदक जीते। हिसार के नरेंद्र बेरवाल ने रजत पदक हासिल किया। इसके अलावा झज्जर की शर्मीला ने महिला शॉटपुट (एफ-57) में स्वर्ण हासिल किया। भाला फेंक में पानीपत के नीरज चोपड़ा ने रजत और भिवानी के यशवीर ने कांस्य पदक जीता है। भिवानी की सीमा ने डिस्कस थ्रो में कांस्य पदक जीत कर इस प्रतियोगिता में देश का खाता पहली बार खोला।
 
2022 में पहलवानों का रहा था दबदबा
2022 में हरियाणा के लिए सबसे बड़ा आधार कुश्ती रही थी। झज्जर के बजरंग पूनिया व दीपक पूनिया, रोहतक की साक्षी मलिक, सोनीपत के रवि कुमार दहिया व नवीन कुमार और चरखी दादरी की विनेश फोगाट ने स्वर्ण पदक जीते थे। सोनीपत के सुधीर ने पैरा पावरलिफ्टिंग, भिवानी नीतू घनघस और रोहतक के अमित पंघाल ने मुक्केबाजी में स्वर्ण पदक जीते थे। रजत पदक जींद की अंशु मलिक, झज्जर के सागर अहलावत, कुरुक्षेत्र के सुरेंद्र, सोनीपत के अभिषेक और रोहतक की शेफाली वर्मा ने जीता था। 

कांस्य पदक संदीप कुमार, दीपक नेहरा, मोहित ग्रेवाल, जैस्मीन लांबोरिया, पूजा गहलोत, पूजा सिहाग और महिला हॉकी टीम की सविता पूनिया, शर्मिला, ज्योति, नेहा, निशा, मोनिका, नवनीत और उदिता को मिले थे। 
 

14 पदकों के मौके ही खत्म हो गए
ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेल से कुश्ती, हॉकी, निशानेबाजी, क्रिकेट, बैडमिंटन, टेबल टेनिस, स्क्वैश, रग्बी सेवेंस, डाइविंग, बीच वॉलीबॉल और ट्रायथलॉन जैसे खेल हटा दिए गए। 2022 में हरियाणा ने केवल कुश्ती से 11 पदक जीते थे। इसके अलावा क्रिकेट में शैफाली वर्मा ने रजत और पुरुष व महिला हॉकी टीम इवेंट में कुल दो पदक मिले थे। यानी इन खेलों के बाहर होने से हरियाणा के 14 पदकों के अवसर समाप्त हो गए।

इन खेलों में पहली बार पदक 
वुमन शॉटपुट और डिस्कस थ्रो में हरियाणा के खिलाड़ियों ने पहली बार पदक जीता। भाला फेंक में इस बार नीरज चोपड़ा के अलावा यशवीर दूसरे पदक विजेता बने। 

राज्य सरकार खिलाड़ियों को देगी प्रोत्साहन राशि

स्वर्ण पदक : 1.50 करोड़ रुपये 
रजत पदक : 75 लाख रुपये
कांस्य पदक : 50 लाख रुपये
चौथा स्थान : 15 लाख रुपये
प्रतिभागिता : 7.50 लाख रुपये

देश के गौरव बने खिलाड़ी, हरियाणा खेल राजधानी : मुख्यमंत्री
सीएम सैनी ने कहा कि हरियाणा के खिलाड़ियों ने एक बार फिर देश का गौरव बढ़ाया है। राष्ट्रमंडल खेलों में भारत को मिले 13 स्वर्ण पदकों में से 7 स्वर्ण हरियाणा के खिलाड़ियों ने जीतकर साबित कर दिया कि प्रदेश देश की खेल राजधानी है। मैं सभी पदक विजेता खिलाड़ियों, उनके प्रशिक्षकों और अभिभावकों को हार्दिक बधाई देता हूं। 

हरियाणा के खिलाड़ियों ने विश्व स्तर पर प्रदेश का नाम रोशन किया है और उनकी यह सफलता लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा बनेगी। विशेष रूप से मुक्केबाजी और भाला फेंक में खिलाड़ियों का प्रदर्शन उत्कृष्ट रहा है। हमारी बेटियां लगातार अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में देश का मान बढ़ा रही हैं। राज्य सरकार खिलाड़ियों को बेहतर खेल सुविधाएं, आधुनिक प्रशिक्षण, विशेष खेल छात्रवृत्ति और बेटियों के लिए निशुल्क कोचिंग जैसी सुविधाएं उपलब्ध करा रही है। हमारा संकल्प है कि हरियाणा के खिलाड़ी इसी तरह देश का तिरंगा दुनिया भर में बुलंद करते रहें और आने वाली पीढ़ियां भी खेलों में नए कीर्तिमान स्थापित करें।
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