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Haryana: नमी और चमक घटने से गेहूं में खरीद अटकी, मंडियां पटी; खाद्य आपूर्ति विभाग ने खरीद नियमों में ढील मांगी

अरूण शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: Nivedita Updated Tue, 07 Apr 2026 10:57 AM IST
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सार

खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग ने केंद्र सरकार और फूड काॅर्पोरेशन ऑफ इंडिया (एफसीआई) को पत्र भेजकर गेहूं की नमी और चमक को लेकर नियमों में ढील देने की मांग की है जिससे खरीद प्रक्रिया गति पकड़ सके।

Haryana Wheat Procurement Stalls Due to Low Moisture and Luster Mandis Overflow
मंडियों में पहुंची गेहूं - फोटो : संवाद
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विस्तार

हरियाणा की मंडियों में गेहूं खरीद शुरू हुए छह दिन हो गए लेकिन फसल खरीद का काम पटरी पर नहीं लाैटा है। सोमवार तक प्रदेश की मंडियों में करीब 645971.77 मीट्रिक टन (एमटी) गेहूं की आवक हो चुकी है। अभी तक खरीद एजेंसियों ने नमी बताकर 116137.78 एमटी यानी करीब 18 प्रतिशत ही गेहूं खरीदा है।

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किसानों का 309411.82 एमटी गेहूं मंडियों में अभी खरीद के इंतजार में पड़ा है। बरसात के कारण गेहूं के दानों की चमक घटने के कारण भी एजेंसियां खरीद नहीं कर रही हैं। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग ने केंद्र सरकार और फूड काॅर्पोरेशन ऑफ इंडिया (एफसीआई) को पत्र भेजकर गेहूं की नमी और चमक को लेकर नियमों में ढील देने की मांग की है जिससे खरीद प्रक्रिया गति पकड़ सके।
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हरियाणा की 416 मंडियों में खाद्य आपूर्ति विभाग, हैफेड, एफसीआई और हरियाणा स्टेट वेयर काॅर्पाेरेशन (एचएसडब्ल्यूसी) को गेहूं खरीद का जिम्मा साैंपा गया है। बे-माैसम खराब होने के कारण मंडियों में पहुंची गेहूं की फसल में एजेंसियां अभी नमी बता रही हैं। यही कारण है कि मंडियों में आवक के बावजूद गेहूं की खरीद प्रक्रिया पटरी पर नहीं लाैटी।

जहां बरसात नहीं वहां भी खरीद अटकी

अखिल भारतीय किसान सभा के राज्य प्रधान मास्टर बलबीर का कहना है कि लगातार मंडियों में पहुंचकर वास्तविक स्थिति देखी जा रही है। हिसार, जींद, कैथल, झज्जर, भिवानी जिले में बरसात हुई और यहां नमी बताकर गेहूं नहीं खरीदा जा रहा है लेकिन प्रदेश में कई जिले ऐसे भी हैं जहां बरसात नहीं हुई या नाममात्र की हुई फिर भी वहां फसल नहीं खरीदी जा रही। हरियाणा राज्य अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन के प्रदेश संयोजक हर्ष गिरधर ने कहा कि 12 प्रतिशत नमी तक गेहूं की खरीद का नियम है। 13 प्रतिशत तक नमी होने पर प्रति क्विंटल 1 प्रतिशत कट का नियम है। 14 प्रतिशत तक नमी पर खरीद पर 2 प्रतिशत का कट लगेगा लेकिन अभी तक मंडियों में इससे अधिक नमी बताकर खरीद रोकी गई गई है। कुछ जिलों में गेहूं के दानों में चमक (लस्टर लाॅस) घटने से खरीद अटकी हुई है।

नमी वाली फसल खरीदी तो वजन घट जाएगा : नागर

फसलों की खरीद के लिए एफसीआई के नियमों का पालन करना अनिवार्य है। यदि नमी वाली फसल को खरीद लिया तो बाद में वजन में अंतर आएगा। हमने केंद्र सरकार और एफसीआई को पत्र लिखकर अनुरोध किया है कि चमक घटने के कारण खरीदे नही जा रहे गेहूं के नियमों में ढील देकर खरीद की जाए। - राजेश नागर, मंत्री, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग हरियाणा

बायोमीट्रिक प्रणाली के विरोध में कलायत मंडी गेट पर किसानों का धरना

कैथल की कलायत अनाज मंडी के गेट पर सोमवार को किसानों ने बायोमीट्रिक प्रणाली के विरोध में धरना प्रदर्शन किया। किसानों ने बायोमीट्रिक प्रक्रिया, ट्रैक्टर की फोटो और गेट पास व्यवस्था के खिलाफ विरोध दर्ज कराया। इस दौरान किसान नेताओं ने बिना बायोमीट्रिक प्रक्रिया पूरी किए ट्रालियों को मंडी में प्रवेश करवाया और गेहूं उतरवाया। भाकियू जिलाध्यक्ष गुरनाम सिंह सहारन ने कहा कि पिछले वर्ष की तरह इस बार भी गेहूं की खरीद सरल प्रक्रिया से की जानी चाहिए।

टेंडर लेकर घर बैठे ट्रांसपोर्टर तो होगी कार्रवाई : कृषि मंत्री

कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा सोमवार को पिपली और थानेसर अनाजमंडी में गेहूं खरीद प्रबंधों की व्यवस्था देखने पहुंचे। उन्होंने कहा कि कई ट्रांसपोर्टर टेंडर लेने के बाद घर बैठ जाते हैं जिससे उठान नहीं होता। अब यह मनमानी सहन नहीं की जाएगी। उठान के बाद जब अनाज आगे एजेंसी के पास पहुंच जाता है तो उसके 48 घंटे बाद किसान का भुगतान होता है लेकिन ट्रांसपोर्टर व उठान एजेंसी की लापरवाही से यह भुगतान भी समय पर नहीं हो पाता। इस बार सरकार ढिलाई बरतने वाले ट्रांसपोर्टरों पर तत्काल कार्रवाई करेगी।

खरखौदा में क्वालिटी असेसमेंट की टीम ने गेहूं के सैंपल लिए

गन्नौर मंडी में छह हजार क्विंटल गेहूं पड़ा लेकिन आढ़तियों की हड़ताल के कारण अब तक खरीद शुरू नहीं हो पाई है। गोहाना मंडी में आढ़तियों की हड़ताल की वजह से गेहूं की आवक नहीं हुई। खरखौदा में क्वालिटी असेसमेंट टीम ने गेहूं के सैंपल लेकर रिपोर्ट मुख्यालय भेजी।

सरसों की निजी 2983 एमटी तो सरकारी 1804 एमटी ही खरीद

प्रदेश की मंडियों में सरसों की खरीद भी हो रही है। राज्य सरकार सरसों के लिए 6200 रुपये प्रति क्विंटल न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) दे रही है। बाजार में निजी व्यापारी 200 से लेकर 600 रुपये अतिरिक्त भाव में सरसों खरीद रहे हैं। यही कारण है कि अभी तक मंडियों में 9920.48 एमटी सरसों की खरीद हो चुकी है। अभी तक कुल 4788.27 एमटी खरीद हुई है। सरकारी खरीद की बात करें तो केवल 1804.77 एमटी है जबकि निजी खरीद 2983.50 एमटी है। 5132.21 एमटी सरसों की खरीद शेष है। अभी तक 514.95 एमटी का ही उठान हुआ है।

24 घंटे मंडियों का संचालन करने के लिए स्टाफ किया तैनात

हरियाणा की 416 मंडियों में 24 घंटे गेहूं की खरीद होगी। अभी तक करीब 2500 डाटा एंट्री ऑपरेटर और दूसरे कर्मी तैनात थे। हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड ने करीब 1700 डाटा एंट्री ऑपरेटर और चाैकीदार तैनात कर दिए हैं। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग हरियाणा के मंत्री राजेश नागर ने बताया कि अब कोई भी किसान किसी भी समय मंडी में फसल ला सकता है।

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